हरियाणा के कैथल (Kaithal District Haryana GK Notes) की पूरी जानकारी हिंदी में पढ़ें। कैथल का परिचय, गठन, मुख्यालय, इतिहास, मानचित्र और महत्वपूर्ण तथ्य एक ही स्थान पर।
Table of Contents
कैथल जिला एक नजर में
⦿ जिले की स्थापना -1 नवंबर 1989
⦿ शहर की स्थापना – राजा युधिष्ठिर या कपिल मुनि के द्वारा
⦿ प्राचीन नाम – कपिस्थल (अष्टाध्यायी में वर्णन)
⦿ क्षेत्रफल – 2317 वर्ग किलोमीटर
⦿ उपनाम – छोटी काशी (नवग्रह कुण्डों के कारण), गुरुदारों का शहर, वानरों की भूमि, कपिल नगरी
⦿ विधानसभा सीटें – कैथल, पुंडरी, कलायत, गुहला चिका (आरक्षित)
⦿ उपतहसील – राजौंद, सीवन, ढाण्ड
⦿ तहसील – कैथल, पुंडरी, कलायत, गुहला चिका
इतिहास:-
पुराण-कथा के अनुसार राजा युधिष्ठिर ने महाभारत युग के दौरान कैथल की स्थापना की थी। कैथल का इतिहास प्राचीन इतिहास में भी पाया जाता है। सभी इतिहासकारों का मानना है कि कैथल का नाम कपिस्थल से बना है कपिस्थल का अर्थ ‘बंदरों की जगह’ है। पुराण के अनुसार भगवान हनुमान का जन्म कैथल में हुआ था। महान ‘अंजना की टिल्ला’ भी यहां स्थित है, जिसका नाम उनकी मां अंजनी के नाम पर है। कैथल रियासत की स्थापना भाई गुरबक्श सिंह ने की थी, उनके उत्तराधिकारी भाई देसा सिंह ने अफगानों के चंगुल से इसे छीनकर प्राप्त किया। उनके पुत्र भाई लाल सिंह ने अंग्रेजों को आत्मसमर्पण किया और उनकी वर्चस्व को स्वीकार किया। उनके सबसे बड़े बेटे प्रताप सिंह 1818 ईसा पूर्व में उनकी मृत्यु के बाद शासक बन गए। 1818 में उनके भाई भाई उदय सिंह ने सिंहासन को संभाला उन्होंने बिना असफलता के 1843 तक शासन किया। 13 अक्टूबर, 1240 को इल्तुतमिश की बेटी रजिया स्थानिय लोगों द्वारा सुल्तान बेगम व उसके पति अल्तुनिया की हत्या कर दी। रजिया सुल्तान का मकबरा भी कैथल में स्थित है। सिख गुरु हर राय ने तत्कालीन राजा भाई देसु सिंह को भरत के प्रतीक के रूप में सम्मानित किया, उसके बाद कैथल के प्रशासक को भाई उदय सिंह के नाम से जाना गया। भाई उदय सिंह ने 1843 ई.पू. तक कैथल पर शासन किया और आखिरी राजा के तौर पर सिद्ध हुए थे 14 मई 1843 को भाई उदय सिंह का निधन हो गया। प्रसिद्ध चीनी तीर्थयात्री हुन त्सांग और फ्याहान ने कुरुक्षेत्र के साथ-साथ कैथल का भी दौरा किया था।
⦿ नवग्रह कुंड – महाभारत के समय भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के हाथों नवग्रह यज्ञ करवाकर नवग्रह कुंड का निर्माण करवाया था। इन कुंडों को स्नान के महत्व के कारण ही इसे ‘छोटी काशी’ कहा जाता है। नवग्रह कुंड – सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु आदि कुंड हैं।
⦿ ग्यारह रुद्री शिव मंदिर – इस मंदिर में महाभारत काल में अर्जुन ने शिव को प्रसन्न करने के लिए तप किया और उनसे पाशुपताश्रा प्राप्त किया।
⦿ मीरा नोबाहर पीर की मजार (गुहला चीका) – यह मजार 960 वर्ष पुरानी बताई जाती है। बाबा मीरा का बड़ा पीर कहा जाता है।
प्रमुख आकर्षक स्थल:-
⦿ कपिल मुनि आश्रम या मंदिर – कलायत (कैथल)
⦿ ग्यारह रुद्री शिव मंदिर – कैथल
⦿ हनुमान वाटिका – कैथल
⦿ प्राचीन ईटों का मंदिर – कलायत (कैथल)
⦿ प्राचीन खंडेश्वर मेला – मटौर गांव (कैथल)
⦿ अम्बेश्वर मंदिर – कैथल
⦿ पुण्डरीक सरोवर – पुण्डरी (कैथल), कहा जाता है कि, इसका पानी सतयुग से लेकर अब तक नहीं सुखा है।
⦿ बिदक्यार झील – कैथल
⦿ थेह पोलर पुरातालिक स्थल – कैथल
⦿ रजिया सुल्तान का मकबरा – कैथल
⦿ अ.लुनिया का मकबरा – कैथल
⦿ अंजनी का टीला या मंदिर – कैथल
⦿ बालू का टिब्बा – कैथल
⦿ शाह क्माल की मझार – कैथल
⦿ कोयल रिसोर्ट – कैथल
⦿ शेख तैय्यब का मकबरा – कैथल
⦿ लवकुश तीर्थ – मुंदई गांव (कैथल)
⦿ देहाती मेला – बाबा लदाना गांव (कैथल), यहाँ बाबा लदाना तीर्थ स्थल भी है
⦿ अरनौली का किला – अरनौली (कैथल)
⦿ भाई उदय सिंह का किला – कैथल
⦿ फल्गु का तीर्थ मेला – फरल गांव (कैथल), यहाँ सोमवती अमावस्या के दिन मेले का आयोजन होता है।
⦿ गुरुद्वारा मंजी साहिब – यह गुरुद्वारा सिखों के छठे और दसवें गुरु हरगोविंद व गुरु गोविंद सिंह को समर्पित है।
⦿ गुरुद्वारा नीम साहिब – डोगरा गेट (कैथल), सिखों के 9वें गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित है।
⦿ गीता मंदिर – पुंडरीक तीर्थ पर विशाल चबूतरों के पास विशाल गीता मंदिर बना हुआ है
⦿ टोपियों वाला गुरुद्वारा – कैथल, यहाँ पर ग्रंथ साहिब और रामायण दोनों एक साथ पढ़े जाते हैं।
⦿ महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय – मुंडडी गांव (कैथल), यह प्रदेश की प्रथम और एकमात्र संस्कृत यूनिवर्सिटी हैं।
⦿ नीलम यूनिवर्सिटी – कैथल
⦿ जवाहर नवोदय विद्यालय – तितरम (कैथल)
⦿ प्रदेश में सबसे ज्यादा चावल की किस्म वाला जिला – कैथल
⦿ बाबर के खिलाफ 1530 ई. में विद्रोह का नेतृत्च करने वाला – मोहन सिंह मंढार
⦿ सरस्वती वन्य जीव अभयारण्य कैथल में है। यह हिरणों के लिए प्रसिद्ध है, इसे सोनसर जंगल भी कहते हैं।
⦿ कैथल का विद्रोह – 1843 (गुलाब सिंह और साहिब कौर)
⦿ प्रदेश में घूंघट प्रथा का विरोध – चौशाला गांव (कैथल)
⦿ महाराजा सूरजमल जाट स्टेडियम – कैथल
महान व्यक्तित्व :
⦿ बलवंत सिंह – कैथल (वालीबॉल)
⦿ मनीषा मैन – कैथल (बॉक्सर)
⦿ मनोज कुमार – कैथल (बॉक्सर), इन्होने कामनवेल्थ गेम्स 2010 (दिल्ली) में में स्वर्ण पदक जीता था, इन्हें 2014 में अर्जुन पुरस्कार दिया गया था
⦿ ममता सोंदा– कैथल (पर्वतारोही)
⦿ मधु शर्मा – कैथल (गायिका)
⦿ कंवल हरियाणवी – कैथल (कवि)
⦿ हरविंदर सिंह – कैथल (जन्म 25 फरवरी 1991), एक भारतीय पैरा-ओलम्पिक तीरंदाज हैं। इन्होने 2024 पेरिस में स्वर्ण और 2020 टोक्यो में पुरुष एकल तीरंदाजी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। उनके पदक भारत के लिए पहले पैरा-ओलम्पिक स्वर्ण और कांस्य तीरंदाजी पदक थे। इन्हें 2025 पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
Kaithal District Haryana GK Notes: Important Links
| Daily HR Current Affairs | Click Here |
| Haryana GK Quiz Test | Click Here |
| Download Computer Notes | Click Here |

