हरियाणा की राजनीति (Politics of Haryana) उन विषयों में से एक है जिसे हरियाणा राज्य से जुड़ी लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में प्राथमिकता दी जाती है। चाहे आप HSSC CET, हरियाणा पुलिस, पटवारी, Clerk, Group C/D की तैयारी कर रहे हों या HTET और HPSC जैसी परीक्षाओं की — हरियाणा की राजव्यवस्था से जुड़े सवाल लगभग हर पेपर में देखने को मिलते हैं।
हरियाणा की राजनीति — संपूर्ण नोट्स
विधानसभा, मुख्यमंत्री, लोकसभा-राज्यसभा, राज्यपाल, निर्वाचन आयोग, पंचायती राज, उच्च न्यायालय, लोकायुक्त-महिला आयोग, महाधिवक्ता और आयोग-विभाग — HSSC CET, Group D, Police, Patwari व अन्य हरियाणा परीक्षाओं के लिए पूर्ण अध्याय। साथ में हरियाणा सामान्य परिचय भी पढ़ें।
- हरियाणा विधानसभा
- हरियाणा के मुख्यमंत्री
- लोकसभा और राज्यसभा
- हरियाणा के राज्यपाल
- हरियाणा निर्वाचन आयोग
- हरियाणा में पंचायती राज
- पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
- लोकायुक्त और महिला आयोग
- हरियाणा महाधिवक्ता
- आयोग और विभाग
हरियाणा विधानसभा
हरियाणा विधानसभा का गठन 1 नवम्बर 1966 को हुआ, जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में है। राज्य में विधानसभा के चुनाव भारतीय चुनाव आयोग करवाता है।
राज्य विधानमंडल
संविधान के भाग 6 में अनु. 168 से 212 तक राज्य विधानमंडल के संगठन, गठन, कार्यकाल तथा शक्तियों के बारे में बताया गया है। विधानमंडल (अनु. 168) के 3 अंग हो सकते हैं:
- राज्यपाल (अनुच्छेद 153)
- विधानपरिषद (अनुच्छेद 169)
- विधानसभा (अनुच्छेद 170)
विधान परिषद
अनु. 168 के अनुसार वर्तमान में 6 राज्यों में विधान परिषद है — उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, कर्नाटक, तेलंगाना।
अनु. 171 — विधानपरिषद के अधिकतम सदस्यों की संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की 1/3 होगी। विधान परिषद की न्यूनतम सदस्य संख्या 40 होनी चाहिए।
हरियाणा विधानमंडल केवल एक सदन (विधानसभा) वाला है। अनु. 170 के तहत प्रत्येक राज्य में विधानसभा का गठन किया जाता है।
- विधानसभा के अधिकतम 500 तथा न्यूनतम 60 सदस्य हो सकते हैं।
- विधानसभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से वयस्क मताधिकार द्वारा किया जाता है।
विधानसभा अध्यक्ष (अनु. 178)
विधानसभा के सदस्य अपने सदस्यों में से ही अध्यक्ष का चुनाव करते हैं। वह सामान्यतः विधानसभा के कार्यकाल तक अध्यक्ष पद पर रहता है।
हरियाणा विधानसभा का डिजाइन फ्रांस के प्रसिद्ध वास्तुकार ली कोर्बुज़ियर द्वारा तैयार किया गया। हरियाणा विधानसभा हॉल में बैठने की क्षमता 90 है।
हरियाणा में विधानसभा की सीटें
हरियाणा विधानसभा की आरक्षित सीटें समय-समय पर बदली हैं — 1966 में कुल 54 में से 10 आरक्षित सीटें थीं; 1967 में कुल 81 में से 15; 1977 में कुल 90 में से 17। हरियाणा में विधानसभा की सामान्य सीटों की संख्या 73 है।
हरियाणा विधानसभा की 17 आरक्षित सीटें
| # | सीट (जिला) | # | सीट (जिला) |
|---|---|---|---|
| 1 | शाहबाद (कुरुक्षेत्र) | 10 | रतिया (फतेहाबाद) |
| 2 | झज्जर | 11 | साढौरा (यमुनानगर) |
| 3 | गुहला (कैथल) | 12 | कलानौर (रोहतक) |
| 4 | कालांवाली (सिरसा) | 13 | उकलाना (हिसार) |
| 5 | खरखौदा (सोनीपत) | 14 | होडल (पलवल) |
| 6 | पटौदी (गुरुग्राम) | 15 | बवानीखेड़ा (भिवानी) |
| 7 | नरवाना (जींद) | 16 | बावल (रेवाड़ी) |
| 8 | नीलोखेड़ी (करनाल) | 17 | मुलाना (अंबाला) |
| 9 | इसराना (पानीपत) |
नोट — फरीदाबाद, दादरी, मेवात (नूंह), पंचकुला, महेंद्रगढ़ व हांसी इन 6 जिलों में कोई भी SC आरक्षित विधानसभा सीट नहीं है। झज्जर एकमात्र जिला है जो खुद आरक्षित सीट में आता है। कुरुक्षेत्र ऐसा जिला है जिसके नाम पर विधानसभा सीट नहीं है — यह थानेसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है (जिलों की संपूर्ण जानकारी हरियाणा के 23 जिलों का परिचय में)।
- जनसंख्या आधार पर सबसे बड़ी विधानसभा सीट — बादशाहपुर (गुरुग्राम); सबसे छोटी — नारनौल (महेंद्रगढ़)।
- क्षेत्रफल आधार पर सबसे बड़ी विधानसभा सीट — लोहारू (भिवानी); सबसे छोटी — बलरामगढ़/बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)।
- सबसे उत्तरी विधानसभा सीट — कालका (पंचकुला)। सबसे दक्षिणी विधानसभा सीट — फिरोजपुर झिरका (नूंह)।
- सबसे अधिक विधानसभा सीटें (6-6) — सोनीपत और फरीदाबाद जिले में। सबसे कम (2-2) — पंचकुला, हांसी और चरखी दादरी में।
- वर्तमान हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के 15% के अनुसार राज्य में अधिकतम 14 मंत्री ही हो सकते हैं।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- हरियाणा विधानसभा की सदन पत्रिका का नाम ‘संदेश’ है (मासिक पत्रिका)। प्रथम बैठक 6 दिसम्बर 1966 को हुई थी। प्रथम बार विधानसभा चुनाव मार्च 1967 में हुए। हरियाणा की पहली वित्त मंत्री प्रभा जैन थीं।
हरियाणा के विधानसभा अध्यक्ष
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| शन्नो देवी | 6.12.1966 – 7.3.1967 |
| राव विरेंद्र सिंह | 8.3.1967 – 23.3.1967 |
| श्रीचन्द | 30.3.1967 – 19.7.1967 |
| मनफूल सिंह | 20.7.1967 – 21.11.1967 |
| रणसिंह | 21.7.1967 – 3.4.1972 |
| बनारसी | 3.4.1972 – 15.11.1973 |
| स्वरूप सिंह | 16.11.1973 – 4.4.1977 |
| रणसिंह | 4.4.1977 – 8.5.1978 |
| कर्नल राम सिंह | 9.5.1978 – 24.6.1982 |
| सरदार तारा सिंह | 24.6.1982 – 9.7.1987 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 9.7.1987 – 9.7.1991 |
| ईश्वर सिंह | 9.7.1991 – 22.5.1996 |
| छतर सिंह | 22.5.1996 – 27.7.1999 |
| अशोक कुमार अरोड़ा | 28.7.1999 – 1.3.2000 |
| सतबीर सिंह कादियान | 9.3.2000 – 20.3.2005 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 21.3.2005 – 12.1.2006 |
| डॉ. रघुबीर सिंह कादियान | 13.1.2006 – 27.10.2009 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 28.10.2009 – 3.3.2011 |
| कुलदीप शर्मा | 4.3.2011 – 2.9.2014 |
| श्री कँवर पाल सिंह | 26.10.2014 – 04.11.2019 |
| ज्ञान चंद गुप्ता | 04.11.2019 – 25.10.2024 |
| हरविन्द्र कल्याण सिंह | 25.10.2024 से अब तक |
शन्नो देवी — 1 नवम्बर 1966 से 6 दिसम्बर 1966 तक हरियाणा विधानसभा की डिप्टी स्पीकर थीं। हरियाणा निर्माण से पहले पंजाब विधानसभा की डिप्टी स्पीकर (20 मार्च 1951-26 मार्च 1951 तथा 19 मार्च 1962-31 अक्टूबर 1966) रह चुकी थीं। जन्म 1 जून 1901, मुल्तान में हुआ।
- सबसे कम कार्यकाल वाले स्पीकर — राव वीरेंद्र सिंह (हरियाणा के दूसरे स्पीकर, पहले पुरुष स्पीकर)।
- सबसे अधिक बार (3 बार) स्पीकर पद ग्रहण करने वाले — हर मोहिन्द्र सिंह चड्ढा।
- हरियाणा विधानसभा की पहली स्पीकर — शन्नो देवी, जो प्रथम महिला स्पीकर भी थीं और स्पीकर बनने से पहले पंजाब विधानसभा की 2 बार डिप्टी स्पीकर व हरियाणा की प्रथम महिला डिप्टी स्पीकर भी रह चुकी थीं।
- हरियाणा विधानसभा की प्रथम महिला MLA — स्नेहलता। पहला पुरुष उपाध्यक्ष — मुल्तान सिंह।
हरियाणा के मुख्यमंत्री
अनु. 164 — मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा तथा मुख्यमंत्री की सलाह पर ही राज्यपाल अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करेगा।
हरियाणा के व्यक्ति जो दूसरे राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं
- सुचेता कृपलानी — उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री 1963-1967; हरियाणा के अम्बाला जिले से थीं।
- सुषमा स्वराज — दिल्ली की मुख्यमंत्री 13 अक्टूबर 1998 – 3 दिसम्बर 1998; अम्बाला जिले से थीं।
- अरविन्द केजरीवाल — दिल्ली के मुख्यमंत्री (पहली बार 28 दिसम्बर 2013-14 फरवरी 2014, दूसरी बार 14 फरवरी 2015-14 फरवरी 2020, तीसरी बार 16 फरवरी 2020-17 सितम्बर 2024); हरियाणा के भिवानी जिले के सिवानी गाँव के निवासी हैं।
- रेखा गुप्ता — वर्तमान में बीजेपी से दिल्ली की मुख्यमंत्री नियुक्त; हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री (सूची)
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| भगवत दयाल शर्मा | 01.11.1966-23.03.1967 |
| राव बीरेन्द्र सिंह | 24.03.1967-20.11.1967 |
| चौधरी बंसीलाल (2 बार) | 21.05.1968-30.11.1975 |
| बनारसी दास गुप्त | 01.12.1975-30.04.1977 |
| चौधरी देवीलाल | 21.06.1977-28.06.1979 |
| चौधरी भजनलाल (2 बार) | 28.06.1979-04.06.1986 |
| चौधरी बंसीलाल | 05.06.1986-20.06.1987 |
| चौधरी देवीलाल | 20.06.1987-02.12.1989 |
| ओम प्रकाश चौटाला | 02.12.1989-22.05.1990 |
| बनारसी दास गुप्त | 23.05.1990-12.07.1990 |
| ओम प्रकाश चौटाला | 12.07.1990-17.07.1990 |
| हुकम सिंह | 17.07.1990-22.03.1991 |
| ओम प्रकाश चौटाला | 22.03.1991-05.04.1991 |
| भजन लाल | 23.06.1991-10.05.1996 |
| बंसीलाल | 11.05.1996-21.07.1999 |
| ओम प्रकाश चौटाला (2 बार) | 24.07.1999-05.03.2005 |
| चौधरी भूपेन्द्र सिंह हुड्डा (2 बार) | 05.03.2005-25.10.2014 |
| मनोहर लाल खट्टर (2 बार) | 27.10.2014 – 11.03.2024 |
| नायब सिंह सैनी (2 बार) | 12.03.2024 से अब तक |
खास बातें
- हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री (केवल 143 दिन) भगवत दयाल शर्मा बेरी (झज्जर) से थे। वे मध्य प्रदेश और ओडिशा के राज्यपाल भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी के नाम से सावित्री पार्क भोपाल में स्थित है।
- राव वीरेंद्र सिंह — जन्म नांगल पठानी (रेवाड़ी); पार्टी का नाम विशाल हरियाणा पार्टी; हरियाणा के प्रथम गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री, जो मात्र 6 माह में चुनाव जीते थे। विशाल हरियाणा पार्टी 1978 में कांग्रेस में विलय हो गई। ये हरियाणा के प्रथम चयनित मुख्यमंत्री थे।
- बाबू बनारसी दास गुप्ता — जन्म भिवानी में; मुख्यमंत्री व सम्पादक भी थे — पत्रिकाएँ ‘हरियाणा केसरी’ व ‘कांग्रेस पत्रिका’, तथा पुस्तक ‘पंचायती राज क्यों और कैसे’ लिखी। हरियाणा के एकमात्र व्यक्ति जो मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर तीनों रह चुके हैं। जन्म मानहेरू (भिवानी) में।
- चौधरी बंसीलाल — जन्म भिवानी के गोलागढ़ में 26 अगस्त 1927; देश के रक्षा मंत्री (1975-77) व परिवहन-रेल मंत्री (1984-85) भी रहे; हरियाणा के प्रथम शिक्षा मंत्री भी रहे। सर्वप्रथम पूरे हरियाणा में बिजली पहुँचाने का काम 29 नवम्बर 1970 को किया। चार बार मुख्यमंत्री रहे — भजनलाल के बाद सर्वाधिक समय तक मुख्यमंत्री। 1991 में गठित हरियाणा विकास पार्टी 2004 में कांग्रेस में विलय हुई। 1 जुलाई 1996 से 1 अप्रैल 1998 तक शराबबंदी लागू की। पहली बार मुख्यमंत्री 1968 में बने; हरियाणा की दूसरी राजकीय भाषा के रूप में तमिल भाषा दर्ज की; हरियाणा के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड रखते हैं। देहांत 28 मार्च 2006। बंसीलाल खेल स्टेडियम लाहली (रोहतक) में है; चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय भिवानी में 2014 में स्थापित।
- चौधरी देवीलाल — पिता लेखाराम; जन्म सिरसा जिले के तेजाखेड़ा गाँव में 25 सितंबर 1914; विवाह 1926 में हरखी देवी से, 5 संतानें (4 पुत्र — ओमप्रकाश चौटाला, प्रताप चौटाला, रणजीत सिंह, जगदीश चौटाला — व 1 पुत्री)। पहली बार भट्टू से 1952 में विधायक बने। 1996 में अपनी पार्टी ‘इंडियन नेशनल लोकदल’ गठित की; 1998 में राज्यसभा सदस्य नियुक्त हुए; 6 अप्रैल 2001 को देहांत — संघर्ष घाट (नई दिल्ली) समाधि स्थल है।
चौधरी देवी लाल हर्बल पार्क चुहड़पुर (यमुनानगर) में 2001 में स्थापित हुआ। चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय 2003 में सिरसा में स्थापित। चौधरी देवी लाल खेल स्टेडियम पंचकुला व गुरुग्राम में हैं। कृषि क्षेत्र में हरियाणा का सबसे बड़ा पुरस्कार “चौधरी देवीलाल पुरस्कार” है; 25 सितम्बर को हरियाणा सम्मान दिवस मनाया जाता है।
- ताऊ देवीलाल हरियाणा के 2 बार (जनता पार्टी से 1977-79 और जनता दल से 1987-89) मुख्यमंत्री और 1989-1991 तक देश के 2 बार लगातार उपप्रधानमंत्री (छठे नंबर के) भी रहे। 1987 में 100 रुपये पेंशन योजना और 1988 में किसानों का कर्ज माफ किया।
- सबसे अधिक बार (5 बार) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले — ओमप्रकाश चौटाला। हरियाणा में सबसे कम कार्यकाल (5 दिन) तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी इन्हीं के नाम है।
- सबसे अधिक समय तक लगातार पद पर रहने वाले मुख्यमंत्री — भूपेंद्र सिंह हुड्डा; स्वतंत्र भारत में जन्मे (15 सितम्बर 1947) हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री। 2010 में हरियाणा की दूसरी राजकीय भाषा के रूप में पंजाबी भाषा दर्ज की।
- मनोहर लाल खट्टर — जन्म 5 मई 1954, निदाना (रोहतक); गणतंत्र भारत में जन्मे हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री; ‘हरियाणा का काका’/’हेडमास्टर’ भी कहलाते हैं।
- नायब सिंह सैनी — जन्म अम्बाला के मिर्जापुर माजरा गाँव में 25 जनवरी 1970; निर्वाचन क्षेत्र लाडवा (कुरुक्षेत्र); मुख्यमंत्री बनने से पहले बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष थे; 2019-24 कुरुक्षेत्र लोकसभा सदस्य रहे; 2014 में नारायणगढ़ से विधानसभा चुनाव जीता था; चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से एल.एल.बी. की डिग्री है।
हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री
| # | नाम | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | चाँद राम | मार्च 1967-नवम्बर 1967; उस समय राव विरेन्द्र सिंह मुख्यमंत्री थे। झज्जर जिले से थे। |
| 2 | मंगल सेन | 1977-1979; उस समय चौधरी देवीलाल मुख्यमंत्री थे। |
| 3 | बनारसी दास गुप्ता | 1987-1989; उस समय चौधरी देवीलाल मुख्यमंत्री थे। |
| 4 | हुकम सिंह | उस समय मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला थे। |
| 5 | चन्द्र मोहन | 2005-2008; उस समय भूपेन्द्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे। कालका (पंचकुला) जिले से हैं। |
| 6 | दुष्यंत चौटाला | 27 अक्टूबर 2019 – 11 मार्च 2024 |
हरियाणा में लोकसभा और राज्यसभा
- अनु. 80 के तहत राज्यसभा का गठन किया गया है; राज्यसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 250 (वर्तमान में 245) हो सकती है।
- लोकसभा का गठन अनु. 81 के तहत होता है; पहली लोकसभा सदस्यों का चुनाव 1951-52 में हुआ; पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई; अधिकतम 550 (वर्तमान में 543) सीटें हो सकती हैं।
वर्तमान में हरियाणा के लोकसभा सदस्य (10)
| # | क्षेत्र | प्रकार | सांसद |
|---|---|---|---|
| 1 | हिसार | सामान्य | जय प्रकाश (कांग्रेस) |
| 2 | भिवानी/महेन्द्रगढ़ | सामान्य | धर्मबीर सिंह (बीजेपी) |
| 3 | फरीदाबाद | सामान्य | कृष्ण पाल गुर्जर (बीजेपी) |
| 4 | कुरुक्षेत्र | सामान्य | नवीन जिंदल (बीजेपी) |
| 5 | करनाल | सामान्य | मनोहर लाल (बीजेपी) |
| 6 | सोनीपत | सामान्य | सतपाल ब्रह्मचारी (कांग्रेस) |
| 7 | गुरुग्राम | सामान्य | राव इन्द्रजीत सिंह (बीजेपी) |
| 8 | अम्बाला | आरक्षित | वरुण मुलाना (कांग्रेस) |
| 9 | सिरसा | आरक्षित | कुमारी सैलजा (कांग्रेस) |
| 10 | रोहतक | सामान्य | दीपेंद्र हुड्डा (कांग्रेस) |
- वर्तमान हरियाणा में लोकसभा की कुल 10 सीटें हैं, जिनमें से 2 आरक्षित (सिरसा व अम्बाला)। 1966 में 7 सीटें थीं; 1967 में 09 हो गईं; 1977 में 10 हो गईं।
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा लोकसभा क्षेत्र — भिवानी-महेंद्रगढ़; सबसे छोटा — फरीदाबाद।
- जनसंख्या आधार पर सबसे बड़ी लोकसभा सीट — गुरुग्राम; सबसे छोटी — सोनीपत।
हरियाणा के राज्यसभा सदस्य
सुभाष बराला, कार्तिकेय शर्मा, किरण चौधरी, रामचंद्र जांगड़ा, रेखा शर्मा (Last Updated जनवरी 2026)।
- हरियाणा से अब तक (1966 से) कुल 6 महिलाएँ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं — सुषमा स्वराज व विधा बेनीवाल (1990), सुमित्रा महाजन (2002), कुमारी सैलजा (2014), किरण चौधरी व रेखा शर्मा (2024)।
- उप राष्ट्रपति श्री कृष्णकांत हरियाणा से 2 बार राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं।
हरियाणा के राज्यपाल
| # | नाम | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | धर्मवीर | 1-11-1966 – 14-9-1967 |
| 2 | बिरेन्द्र नारायण चक्रवर्ती | 15-9-1967 – 26-3-1976 |
| 3 | रणजीत सिंह नरूला | 27-3-1976 – 13-8-1976 |
| 4 | जयसुख लाल हाथी | 14-8-1976 – 23-9-1977 |
| 5 | हरचरण सिंह बराड़ | 24-9-1977 – 9-12-1979 |
| 6 | सुरजीत सिंह संधावालिया | 10-12-1979 – 27-2-1980 |
| 7 | गणपत देवजी तापसे | 28-2-1980 – 13-6-1984 |
| 8 | सैयद बरनी | 14-6-1984 – 21-2-1988 |
| 9 | हरीआनंद बरारी | 22-2-1988 – 6-2-1990 |
| 10 | धनिक लाल मण्डल | 7-2-1990 – 13-6-1995 |
| 11 | महावीर प्रसाद | 14-6-1995 – 18-6-2000 |
| 12 | बाबू परमानन्द | 19-6-2000 – 1-7-2004 |
| 13 | ओम प्रकाश वर्मा | 2-7-2004 – 7-7-2004 |
| 14 | मो. ए.आर. किदवई | 7-7-2004 – 27-7-2009 |
| 15 | जगन्नाथ पहाड़िया | 27-7-2009 – 26-7-2014 |
| 16 | कप्तान सिंह सोलंकी | 27-7-2014 – 24-8-2018 |
| 17 | सत्यदेव नारायण आर्य | 25-8-2018 – 7-7-2021 |
| 18 | बंडारू दत्तात्रेय | 8 जुलाई 2021 – 20-7-2025 |
| 19 | अशीम कुमार घोष | 21 जुलाई 2025 से अब तक |
अशीम कुमार घोष का जन्म 1944 में हावड़ा (वर्तमान पश्चिम बंगाल), ब्रिटिश भारत में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा विवेकानंद संस्थान, हावड़ा से पूरी की; विद्यासागर कॉलेज व कलकत्ता विश्वविद्यालय से क्रमशः राजनीति विज्ञान में स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। 1966 से राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रहे। 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए — 1996 में पार्टी के राज्य सचिव और 1998 में राज्य उपाध्यक्ष बने; 2003-2005 त्रिपुरा भाजपा इकाई के पर्यवेक्षक रहे; 2004-2006 भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। जुलाई 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया — बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती व हरि आनंद बरारी के बाद हरियाणा के राज्यपाल बनने वाले तीसरे बंगाली व्यक्ति बने।
राज्यपाल से संबंधित खास बातें
- राज्यपाल अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। राज्यपाल अनुच्छेद 153 के तहत राज्य की कार्यपालिका का मुख्य/प्रधान होता है।
- सबसे अधिक कार्यकाल वाले राज्यपाल — बिरेन्द्र नारायण चक्रवर्ती। सबसे कम कार्यकाल वाले राज्यपाल — ओमप्रकाश वर्मा (2004 में केवल 5 दिन)।
- हरियाणा के प्रथम राज्यपाल धर्मवीर का कार्यकाल 10 महीने का था; जन्म बिजनौर (उत्तर प्रदेश) में हुआ। वर्तमान में अशीम कुमार घोष हरियाणा के 19वें व्यक्तिगत राज्यपाल हैं।
- हरियाणा से पहली महिला उपराज्यपाल — चंद्रावती; जन्म भिवानी के डालावास में; पुदुचेरी की उप-राज्यपाल बनी थीं।
- हरियाणा के एकमात्र मुख्यमंत्री जो मध्यप्रदेश और उड़ीसा के राज्यपाल बने — भगवत दयाल शर्मा (बी.डी. शर्मा)। हरियाणा के एकमात्र राज्यपाल जो मुख्यमंत्री भी रह चुके — पंडित भगवत दयाल शर्मा।
- पानीपत निवासी आचार्य देवव्रत हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रहे, वर्तमान में गुजरात के राज्यपाल हैं। सिरसा निवासी प्रोफेसर गणेशी लाल उड़ीसा के राज्यपाल हैं।
- प्रसिद्ध शिक्षाविद सरूप सिंह गुजरात व केरल के राज्यपाल रह चुके — रोहतक के सांघी गाँव के निवासी।
- हरियाणा के राज्यपाल जो मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके — सुरजीत सिंह संधावालिया और रणजीत सिंह नरूला।
- भिवानी के बपोड़ा गाँव निवासी विजय कुमार सिंह (V.K. सिंह) वर्तमान में मिजोरम के राज्यपाल हैं — भारतीय थल सेना के पूर्व अध्यक्ष भी रहे।
- हरियाणा के पूर्व राज्यपाल व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया का 19 मई 2021 को गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया।
- हरियाणा के राज्यपाल का निवास स्थान — राजभवन, चंडीगढ़ सेक्टर 6।
हरियाणा में राष्ट्रपति शासन
किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356 और 365 के तहत राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की सलाह पर लगाया जाता है।
| अवधि | विवरण |
|---|---|
| 21 नवम्बर 1967 – 22 मई 1968 (पहली बार) | हरियाणा में सबसे लंबा राष्ट्रपति शासन। उस समय मुख्यमंत्री राव बिरेन्द्र सिंह, राज्यपाल बी.एन. चक्रवर्ती, प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी, राष्ट्रपति जाकिर हुसैन थे। शासन बाद मुख्यमंत्री बने — चौधरी बंसीलाल। |
| 30 अप्रैल 1977 – 20 जून 1977 (दूसरी बार) | हरियाणा में सबसे छोटा राष्ट्रपति शासन (52 दिन)। उस समय मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता, राज्यपाल जयसुख लाल हाथी, प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई, राष्ट्रपति बी.डी. जत्ती थे। शासन बाद मुख्यमंत्री बने — चौधरी देवीलाल। |
| 6 अप्रैल 1991 – 22 जुलाई 1991 (तीसरी बार) | उस समय मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, राज्यपाल धनिकलाल मंडल, प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव, राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण थे। शासन बाद मुख्यमंत्री बने — चौधरी भजनलाल। |
हरियाणा निर्वाचन आयोग
अनु. 324 में निर्वाचन आयोग का उल्लेख है — इसके अनुसार एक चुनाव आयुक्त तथा राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित संख्या में निर्वाचन आयुक्त होते हैं।
- हरियाणा निर्वाचन आयोग की स्थापना 18 नवंबर 1993 को हुई। राज्य में विधानसभा का चुनाव भारतीय चुनाव आयोग करवाता है, जबकि हरियाणा निर्वाचन आयोग पंचायती राज व नगर पालिकाओं के चुनाव करवाता है। निर्वाचन आयोग के सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करता है।
- हरियाणा राजस्थान (2014) के बाद दूसरा राज्य है जिसने पंचायती राज में शैक्षणिक योग्यता लागू की (वर्ष 2015 में)। सामान्य श्रेणी में पुरुष के लिए सरपंच-पंच पद हेतु दसवीं पास व महिलाएं आठवीं पास होना जरूरी है; आरक्षित वर्ग में पुरुष के लिए आठवीं पास तथा महिलाओं के लिए पांचवीं पास अनिवार्य है।
- हरियाणा भारत का पहला राज्य है जिसने पंचायती राज में पंचों के लिए शैक्षणिक योग्यता लागू की (राजस्थान में पंचों के लिए शैक्षणिक योग्यता आज भी नहीं है)। सरपंच व पंच पद चुनाव हेतु न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित है।
हरियाणा में पंचायती राज
पंचायतों के संगठन का वर्णन भारतीय संविधान के भाग-4 तथा अनु. 40 के अंतर्गत किया गया है, जिसे राज्य सरकारों के अधीन रखा गया। 1957 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम व राष्ट्रीय विस्तार सेवा के कार्यों की जांच हेतु बलवंत राय मेहता समिति का गठन हुआ — इस समिति ने नवंबर 1957 में रिपोर्ट सौंपी।
अन्य महत्वपूर्ण समितियाँ
- अशोक मेहता समिति (1977)
- जी.वी.के. राव समिति (1985)
- L.M. सिंघवी समिति (1986)
- पी.के. थुंगन समिति (1988)
- गॉडगिल समिति (1988)
पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार ने सितंबर 1991 में लोकसभा में संविधान संशोधन बिल पेश किया — यह 73वें संविधान संशोधन के रूप में पारित हुआ (अधिनियम 1992), जो 24 अप्रैल 1993 को प्रभाव में आया।
73वें संशोधन द्वारा संविधान में एक नया भाग-9 जोड़ा गया तथा अनु. 243 से 243 ‘ण’ शामिल किए गए — इसे ‘पंचायतें’ नाम दिया गया। इससे संविधान में 11वीं अनुसूची भी जोड़ी गई, जिसमें 29 विषय (243-जी से संबंधित) शामिल किए गए।
महत्वपूर्ण अनुच्छेद
| अनुच्छेद | विषय |
|---|---|
| 243 | पंचायती राज की परिभाषा |
| 243(a) | ग्राम सभा |
| 243(b) | पंचायतों का संविधान |
| 243(c) | पंचायतों का गठन |
| 243(d) | सीटों का आरक्षण |
| 243(e) | पंचायतों का कार्यकाल |
| 243(g) | पंचायतों की शक्तियां व अधिकार |
| 243(i) | राज्य वित्त आयोग का गठन |
| 243(k) | पंचायतों का चुनाव |
हरियाणा में पंचायती राज 22 अप्रैल 1994 को लागू हुआ और उसी वर्ष पंचायती राज चुनाव नियमावली बनाई गई। अब तक 23 संशोधन हो चुके हैं — पहला संशोधन 1994 में, अंतिम बार 2020 में। हरियाणा में पंचायती राज में महिला आरक्षण 50% कर दिया गया है।
नगर पालिका संशोधन बिल 1994 के तहत हरियाणा में सर्वप्रथम फरीदाबाद को नगर निगम बनाया गया था। हरियाणा का नवीनतम नगर निगम मानेसर (गुरुग्राम) है। सरपंच का मानदेय 5000 और पंच का मानदेय 1600 है।
ग्राम सभा
गाँव के 18 वर्ष से ऊपर के सभी मतदाता ग्राम सभा के सदस्य हैं। ‘ग्राम सभा’ शब्द भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243(बी) के तहत परिभाषित है। इस सभा की बैठक साल में दो बार होती है — “हरी बैठक” (1 मई से 30 जून के बीच) तथा “सावनी बैठक” (1 नवम्बर से 31 दिसम्बर के बीच)।
- राज्य पंचायती राज अधिनियमों अनुसार, ग्राम सभा की बैठक वर्ष में कम से कम दो से चार बार होनी चाहिए। सुविधा हेतु अधिकांश राज्यों में बैठकों के लिए चार राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय दिवस निर्धारित हैं — गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), मजदूर दिवस (1 मई), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) और गांधी जयंती (2 अक्टूबर)। ग्राम पंचायतें अपनी सुविधानुसार अन्य तिथियों पर भी ग्राम सभा बुला सकती हैं।
- पंचायत सचिव को सरपंच की स्वीकृति प्राप्त कर ग्राम सभा आयोजित करनी चाहिए; बैठक हेतु लिखित अनुरोध बैठक की तिथि से 5 दिन पूर्व कार्यालय समय में सरपंच को सौंपना होगा।
- बैठक तभी आयोजित होगी जब सभा के सदस्यों का कम से कम 1/10 हिस्सा मौजूद हो — अर्थात् 1000 जनसंख्या की सभा में कम से कम 100 लोगों का बैठक में होना जरूरी है।
ग्राम पंचायत
ग्राम पंचायत कम से कम 500 जनसंख्या पर बनेगी। बैठक महीने में दो बार होगी। सरपंच का चुनाव गुप्त मतदान से ग्राम पंचायत के सभी मतदाताओं द्वारा किया जाता है। 6-20 पंच सीधे निर्वाचित सदस्य होते हैं।
पंचायत समिति
अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव निर्वाचित सदस्य अपने बीच से करते हैं। पंचायत समिति कम से कम 40,000 की जनसंख्या पर बनेगी।
आरक्षण
तीनों स्तरों पर अनुसूचित जाति व जनजाति के लिए जनसंख्या के अनुसार सीट आरक्षित है। वर्तमान हरियाणा में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय
- अनु. 214 के तहत प्रत्येक राज्य में एक उच्च न्यायालय होता है। वर्तमान में 25 उच्च न्यायालय हैं।
- अनु. 230 के अनुसार संसद कानून बनाकर किसी उच्च न्यायालय का विस्तार संघ शासित प्रदेश के लिए कर सकती है। अनु. 231 के तहत संसद दो या अधिक राज्यों के लिए संयुक्त उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।
संयुक्त उच्च न्यायालय
| राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | संयुक्त उच्च न्यायालय |
|---|---|
| पंजाब, हरियाणा व चण्डीगढ़ | चण्डीगढ़ उच्च न्यायालय |
| महाराष्ट्र, गोआ, दमन-दीव, दादर-नागर हवेली | बंबई उच्च न्यायालय |
| असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम | गुवाहाटी उच्च न्यायालय |
| तमिलनाडु व पुदुचेरी | मद्रास उच्च न्यायालय |
| केरल व लक्षद्वीप | एर्नाकुलम उच्च न्यायालय |
| प. बंगाल व अंडमान-निकोबार | कलकत्ता उच्च न्यायालय |
- अनु. 216 के तहत उच्च न्यायालय के जजों की संख्या का निर्धारण राष्ट्रपति करता है। नियुक्ति — कॉलेजियम की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा; कॉलेजियम में संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश तथा वरिष्ठतम जज सदस्य होते हैं; नियुक्ति से पूर्व संबंधित राज्य के राज्यपाल से भी विचार-विमर्श होता है।
- शपथ — राज्यपाल अथवा राज्यपाल द्वारा अधिकृत व्यक्ति द्वारा शपथ दिलाई जाती है; सभी जज संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते हैं। नोट — पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पंजाब के राज्यपाल द्वारा शपथ दिलवाई जाती है।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में स्थित है — भवन का निर्माण (वास्तुकार) ली कार्बुज़ियर ने करवाया, स्थापना 1 नवंबर 1966। (1998 में स्थाई लोक अदालत की स्थापना हुई।)
इतिहास
सबसे पहले 20 मार्च 1919 में पंजाब उच्च न्यायालय की स्थापना लाहौर में हुई थी — पहले मुख्य न्यायाधीश शादीलाल (रेवाड़ी) थे। 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारे पर उच्च न्यायालय लाहौर से शिमला स्थानांतरित हुआ (उस समय मुख्य न्यायाधीश रामलाल थे) — यह विभाजन-कालीन पूरा इतिहास हरियाणा का इतिहास में पढ़ें। 17 जनवरी 1955 को शिमला से चंडीगढ़ स्थानांतरित किया गया (उस समय मुख्य न्यायाधीश अमरनाथ भंडारी थे)। हरियाणा निर्माण (1 नवंबर 1966) पर पंजाब उच्च न्यायालय ‘पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय’ नाम से जाना गया — पहले मुख्य न्यायाधीश मेहर सिंह बने।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- मुख्य न्यायाधीश पद पर सबसे लंबा कार्यकाल — अमरनाथ भंडारी। सबसे छोटा कार्यकाल — देवी सिंह तेवतिया।
- मदन मोहन, सत्याशिवम, जगदीश सिंह खेहर, रंजन गोगोई और तीरथ सिंह ठाकुर — पाँच ऐसे मुख्य न्यायाधीश जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश भी रह चुके हैं।
- 1966 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जजों की स्वीकृत संख्या 68 (38 स्थाई, 30 अस्थाई) थी। वर्तमान प्रस्तावित संख्या 85 (64 स्थाई, 21 अस्थाई) है। हरियाणा की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश — किरण आनंद पाल।
- हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश की अधिकतम उम्र 62 वर्ष होती है। वर्ष 2016 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को UNESCO World Heritage Site में जोड़ा गया।
हरियाणा लोकायुक्त और महिला आयोग
हरियाणा लोकायुक्त
हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम 2002 के तहत 27 जनवरी 2003 में लागू किया गया। लोकायुक्त का कार्य भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है। वर्ष 2011 में हरियाणा के पहले लोकायुक्त के रूप में प्रीतम पाल को नियुक्त किया गया था। हरियाणा लोकायुक्त पोर्टल 2019 में लॉन्च हुआ।
हरियाणा महिला आयोग
स्थापना 20 दिसम्बर 1999; मुख्यालय पंचकुला में है। सदस्यों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है। स्थापना के समय एक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा अन्य 3 गैर-सरकारी सहित कुल 5 सदस्य स्वीकृत थे; वर्तमान में कुल 25 सदस्य स्वीकृत हैं।
नोट — भारतीय महिला आयोग की स्थापना 31 जनवरी 1992 को हुई थी।
हरियाणा महाधिवक्ता
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 अनुसार राज्यपाल द्वारा महाधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है — महाधिवक्ता सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है और राज्यपाल के प्रसादपर्यंत कार्य करता है (राज्यपाल कभी भी पद से हटा सकता है)। वह एक उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनने की क्षमता रखता है।
महाधिवक्ता राज्य प्रमुख को विधि संबंधी सलाह देने का कार्य करता है; वह विधानसभा तथा विधान परिषद दोनों सदनों की कार्यवाही में भाग लेने व बोलने की शक्ति रखता है, लेकिन मतदान नहीं कर सकता।
हरियाणा के महाधिवक्ता (सूची)
- श्री आनंद स्वरूप
- श्री चेतन दास दीवान
- श्री देवी सिंह तेवतिया (पंजाब उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति भी रह चुके हैं)
- श्री जगन नाथ कौशल
- श्री सुशील चंद मोहनता
- श्री ए. दत्त गौर
- डॉ. हरभगवान सिंह
- श्री हीरा लाल सिब्बल
- श्री मनमोहन सिंह
- श्री हवा सिंह हुड्डा
- श्री आत्मजीत सिंह नेहरा
- श्री मोहन जैन
- श्री मनमोहन लाल सरीन
- श्री न्यायमूर्ति सूर्यकांतो
- श्री अशोक अग्रवाल
- श्री बलदेव राज महाजन
- श्री परविन्द्र चौहान
हरियाणा के आयोग और विभाग
हरियाणा लोक सेवा आयोग (Haryana Public Service Commission)
आयोग की स्थापना (अनुच्छेद-315) के समय आयोग में तीन सदस्य थे। वर्तमान में HPSC में कुल 6 (1 अध्यक्ष व 5 अन्य) सदस्य हैं। चेयरमैन का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है। पहले अध्यक्ष श्री दरबारी लाल गुप्ता थे; वर्तमान अध्यक्ष श्री आलोक वर्मा हैं। कार्यालय पंचकुला में स्थित है।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (Haryana Staff Selection Commission)
इसे पहले Subordinate Service Selection Board (SSSB) कहा जाता था। यह हरियाणा लोकसेवा आयोग की शाखा के तहत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के रूप में कार्य करता है। स्थापना 28 जनवरी 1970; वैधानिक दर्जा विधानसभा द्वारा 28 फरवरी 2005 को दिया गया। वर्तमान अध्यक्ष श्री हिम्मत सिंह (कैथल निवासी) हैं; कार्यालय पंचकुला में स्थित है। चेयरमैन का कार्यकाल — कार्यभार संभालने से 3 वर्ष या 68 वर्ष की आयु (जो पहले हो); सदस्यों का कार्यकाल — 3 वर्ष या 65 वर्ष की आयु (जो पहले हो)।
हरियाणा मानवाधिकार आयोग (Haryana Human Rights Commission)
गठन सितंबर 2012 में हुआ; मुख्यालय चंडीगढ़ में है। आयोग में कुल 5 सदस्य (1 अध्यक्ष व 4 अन्य) हैं। अध्यक्ष श्री ललित बत्रा हैं।
कुछ महत्वपूर्ण आयोग, विभाग और अन्य संस्थाएँ
| संस्था | स्थापना |
|---|---|
| हरियाणा स्टेट को-ऑपरेटिव एपेक्स बैंक | 01-11-1966 |
| हरियाणा परिवहन विभाग (चंडीगढ़) | 01-11-1966 |
| हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल संघ | 01-11-1966 |
| हरियाणा में HAFED | 01-11-1966 |
| हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रीसिटी बोर्ड | 3 मई 1967 |
| हरियाणा सतर्कता आयोग | 1967 |
| हरियाणा सूचना आयोग | 1967 |
| हरियाणा वित्त निगम | 1967 |
| कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड | 1968 |
| हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड | 1 अगस्त 1969 |
| हरियाणा खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड | 1 फरवरी 1969 |
| हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद | 1 अप्रैल 1971 |
| हरियाणा हाउसिंग बोर्ड | 1971 |
| हरियाणा परिवहन का राष्ट्रीयकरण | 1972 |
| सघन पशु विकास परियोजना | 1972 |
| हरियाणा फिंगर प्रिंट ब्यूरो | 1972 |
| कमांड एरिया विकास बोर्ड | 1974 |
| हरियाणा भंडारागार निगम | 1974 |
| हरियाणा बीज विकास निगम | 1974 |
| हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी | 1976 |
| हरियाणा डेयरी विकास सहकारी फेडरेशन | 1977 |
| Haryana Urban Estates Development Agency | 1977 |
| भारतीय ग्रामीण महिला संघ | 1979 |
| मेवात विकास बोर्ड | 1980 |
| हरियाणा शिक्षा बोर्ड HBSE (1969 चंडीगढ़) | 1981 (भिवानी स्थानांतरित) |
| हरियाणा में HARTRON | 1983 |
| हरियाणा में उर्दू अकादमी | 22-12-1985 |
| शीतला माता साइन बोर्ड (गुरुग्राम) | 1991 |
| मनसा देवी साइन बोर्ड (पंचकुला) | 1991 |
| हार्टीकल्चर (बागवानी) विभाग | 1990-91 |
| सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण विभाग | 1992 |
| शिवालिक विकास बोर्ड | 1993 |
| हरियाणा वन विभाग | 7 दिसम्बर 1989 |
| हरियाणा का पहला वित्त आयोग | 1994 |
| हरियाणा पॉवर जनरेशन कॉर्पोरेशन लि. | 1997 |
| हरियाणा नवीनीकरण ऊर्जा विकास एजेंसी | मई 1997 |
| हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड | 19-8-1997 |
| हरियाणा विद्युत नियामक आयोग | 17-08-1998 |
| हरियाणा मॉन बायो डिग्रेडेबल गार्बेज कन्ट्रोल अधिनियम | 1998 |
| उत्तर प्रदेश बिजली वितरण निगम लि. | 1 जुलाई 1999 |
| हरियाणा राज्य महिला आयोग | 22 अप्रैल 1999 |
| हरियाणा में नई आई.टी. नीति | 2000 |
| गैर सरकारी संगठन ‘सीड’ का गठन | 2005 |
| हरियाणा में नई औद्योगिक नीति | 2011 |
| खाद्य एवं औद्योगिक प्रशासन | 2011 |
| हरियाणा मानवाधिकार आयोग (चंडीगढ़) | 2012 |
| हरियाणा राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र | 22 मई 2012 |
| सरस्वती विरासत विकास बोर्ड | 12-10-2015 |
| हरियाणा राज्य वन्यजीव बोर्ड | 2024 |
हरियाणा GK के बाकी सभी चैप्टर यहाँ पढ़ें — Haryana GK Chapter Wise
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इस आर्टिकल में हरियाणा की राजनीति को 10 प्रमुख भागों में विभाजित करके पूरी जानकारी क्रमवार तैयार की गई है — हरियाणा विधानसभा के गठन से लेकर वर्तमान मुख्यमंत्री तक, राज्यपालों की पूरी सूची से लेकर हरियाणा में अब तक लगे राष्ट्रपति शासन तक, और पंचायती राज से लेकर पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय तथा राज्य के विभिन्न आयोगों-विभागों तक। ऊपर दी गई तालिका (Table of Contents) से आप सीधे अपने जरूरी टॉपिक पर पहुंच सकते हैं।
यह टॉपिक परीक्षा के लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
हरियाणा राज्य का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था, और उसी दिन से हरियाणा विधानसभा, मंत्रिमंडल और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का इतिहास शुरू होता है। HSSC द्वारा आयोजित लगभग सभी परीक्षाओं (CET, Group C, Group D) में हरियाणा GK सेक्शन से 8 से 10 प्रश्न तक पूछे जाते हैं, और इनमें से एक बड़ा हिस्सा सीधे राजनीति व राजव्यवस्था से संबंधित होता है। मुख्यमंत्रियों की सूची और उनका कार्यकाल, राज्यपालों के नाम व तिथियां, विधानसभा की सीटें व आरक्षण, लोकसभा-राज्यसभा के सांसद, तथा पंचायती राज से जुड़े अनुच्छेद जैसे टॉपिक हर साल किसी न किसी रूप में दोहराए जाते हैं। HTET और HPSC जैसी परीक्षाओं के सामान्य ज्ञान खंड में भी यह विषय एक स्थायी हिस्सा बना रहता है।
इन नोट्स का सही इस्तेमाल कैसे करें
ऊपर दी गई टेबल ऑफ कंटेंट्स में हर टॉपिक के आगे पेज नंबर दिए गए हैं, जिससे पता चलता है कि कौन सा भाग कितना विस्तृत है। शुरुआत में एक बार पूरे नोट्स को ध्यान से पढ़ें, फिर हर सेक्शन में मौजूद तारीखों, नामों और आंकड़ों को हाइलाइट करके एक शॉर्ट नोट बना लें। मुख्यमंत्री, राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्षों की सूची जैसे टॉपिक को टाइमलाइन फॉर्मेट में यानी “कौन कब से कब तक” के रूप में याद करना सबसे आसान तरीका है। परीक्षा से एक-दो दिन पहले सिर्फ हाईलाइट किए गए तथ्यों को दोबारा पढ़ें, इससे रिवीजन जल्दी हो जाएगी।
जल्दी रिवीजन के लिए जरूरी तथ्य
- हरियाणा विधानसभा का गठन: 1 नवंबर 1966
- हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री: भगवत दयाल शर्मा (केवल 143 दिन के लिए)
- हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री: नायब सिंह सैनी
- हरियाणा के प्रथम राज्यपाल: धर्मवीर
- हरियाणा के वर्तमान राज्यपाल: अशीम कुमार घोष
- हरियाणा में लोकसभा सीटें: कुल 10 (2 आरक्षित – सिरसा और अंबाला)
- हरियाणा निर्वाचन आयोग की स्थापना: 18 नवंबर 1993
- हरियाणा में पंचायती राज लागू हुआ: 22 अप्रैल 1994
- पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय: चंडीगढ़ में स्थित, दोनों राज्यों का संयुक्त हाईकोर्ट
- सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नेता: ओमप्रकाश चौटाला (5 बार)
- हरियाणा में अब तक 3 बार राष्ट्रपति शासन लग चुका है (1967-68, 1977, 1991)
हरियाणा की राजनीति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQs)
Q1. हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री कौन हैं?
हरियाणा के वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हैं, जिन्होंने 12 मार्च 2024 को पदभार संभाला था।
Q2. हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री कौन थे?
हरियाणा के पहले मुख्यमंत्री भगवत दयाल शर्मा थे, जो 1 नवंबर 1966 से 23 मार्च 1967 तक यानी केवल 143 दिन इस पद पर रहे।
Q3. हरियाणा विधानसभा में कुल कितनी सीटें हैं?
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं, जिनमें से 73 सामान्य और 17 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।
Q4. हरियाणा के वर्तमान राज्यपाल कौन हैं?
हरियाणा के वर्तमान राज्यपाल अशीम कुमार घोष हैं, जिन्होंने 21 जुलाई 2025 से पदभार संभाला।
Q5. हरियाणा में लोकसभा की कितनी सीटें हैं?
हरियाणा में लोकसभा की कुल 10 सीटें हैं, जिनमें से सिरसा और अंबाला आरक्षित सीटें हैं।
Q6. हरियाणा में पंचायती राज कब लागू हुआ था?
हरियाणा में पंचायती राज 22 अप्रैल 1994 को लागू हुआ था, और उसी वर्ष पंचायती राज चुनाव नियमावली भी बनाई गई।
Q7. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय कहां स्थित है?
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में स्थित है, और यह पंजाब, हरियाणा व चंडीगढ़ के लिए संयुक्त उच्च न्यायालय के रूप में कार्य करता है।
Q8. हरियाणा में सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री पद की शपथ किसने ली?
ओमप्रकाश चौटाला ने सबसे अधिक 5 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, हालांकि उनका हर कार्यकाल अपेक्षाकृत छोटा रहा।
Q9. हरियाणा निर्वाचन आयोग की स्थापना कब हुई?
हरियाणा निर्वाचन आयोग की स्थापना 18 नवंबर 1993 को हुई थी और यह राज्य में पंचायती राज व नगर पालिका चुनाव करवाता है।
Q10. हरियाणा की पहली महिला विधानसभा स्पीकर कौन थीं?
हरियाणा की प्रथम महिला विधानसभा स्पीकर शन्नो देवी थीं, जो हरियाणा की पहली महिला डिप्टी स्पीकर भी रह चुकी थीं।
निष्कर्ष
हरियाणा की राजनीति से जुड़े ये नोट्स खासतौर पर HSSC CET, HTET, HPSC, HCS, हरियाणा पुलिस, पटवारी और Clerk जैसी सभी प्रमुख परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। ऊपर दी गई टेबल ऑफ कंटेंट्स से आप किसी भी टॉपिक पर सीधे जाकर विस्तार से पढ़ सकते हैं। सुझाव यही है कि इस पेज को बुकमार्क कर लें और परीक्षा से पहले कम से कम एक बार पूरा जरूर दोहराएं, क्योंकि हरियाणा से जुड़ी लगभग हर परीक्षा में इनमें से कोई न कोई तथ्य दोहराया जाता है।
