- अनु. 214 के तहत प्रत्येक राज्य में एक उच्च न्यायालय होता है। वर्तमान में 25 उच्च न्यायालय है।
- अनु. 230 के अनुसार संसद कानून बनाकर किसी उच्च न्यायालय का विस्तार संघ शासित प्रदेश के लिए कर सकती है।
- अनु. 231 के तहत संसद कानून बनाकर दो या दो से अधिक राज्यों के लिए संयुक्त उच्च न्यायालय स्थापित कर सकती है।
संयुक्त उच्च न्यायालय
- (i) पंजाब, हरियाणा व चण्डीगढ़ – चण्डीगढ़ उच्च न्यायालय
- (ii) महाराष्ट्र, गोआ, दमन व दीव व दादर व नागर हवेली – बंबई उच्च न्यायालय
- (iii) असम, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम – गुवाहटी उच्च न्यायालय
- (iv) तमिलनाडु व पुदुचेरी – मद्रास उच्च न्यायालय
- (v) केरल व लक्षद्वीप – एर्नाकुलम उच्च न्यायालय
- (vi) प. बंगाल व अंडेमान व निकोबार – कलकत्ता उच्च न्यायालय
- अनु. 216 के तहत उच्च न्यायालय के जजों की संख्या का निर्धारण राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है।
- नियुक्ति:- कॉलेजियम की सिफारिस पर राष्ट्रपति द्वारा इनकी नियुक्ति होती है। कॉलेजियम में संबंधित उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश तथा वरिष्ठतम जज भी सदस्य होते है। नियुक्ति से पूर्व संबंधित राज्य के राज्यपाल से भी विचार-विमर्श किया जाता है।
- शपथ (Oath):- इन्हें राज्यपाल अथवा राज्यपाल द्वारा अधिकृत किए गए व्यक्ति द्वारा शपथ दिलाई जाती है। सभी जज संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेते है।
- नोट – पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पंजाब के राज्यपाल द्वारा शपथ दिलवाई जाती है।
- पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में स्थित है। इस भवन का निर्माण (वास्तुकार) लि कार्बुजियर ने करवाया था, जिसकी स्थापना 1 नवंबर 1966 को हुई थी।
- नोट – 1998 में स्थाई लोक अदालत की स्थापना हुई थी।
- सबसे पहले 20 मार्च 1919 में पंजाब उच्च न्यायालय की स्थापना लाहौर में की गई थी। जिसका पहला मुख्य न्यायाधीश शादीलाल (रेवाड़ी) था। जब 1947 में भारत पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तब पंजाब उच्च न्यायालय लाहौर से शिमला स्थानांतरित कर दिया गया। उस समय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रामलाल थे।
- 17 जनवरी 1955 में शिमला से चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया गया। उस समय उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अमरनाथ भंडारी थे। जब हरियाणा का निर्माण हुआ, 1 नवंबर 1966 को पंजाब उच्च न्यायालय, “पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय” के नाम से जाना गया। तथा पहले मुख्य न्यायाधीश मेहर सिंह को बनाया गया था।
- मुख्य न्यायधीश के पद पर सबसे लम्बा कार्यकाल – अमरनाथ भंडारी। सबसे छोटा कार्यकाल – देवी सिंह तेवतिया।
- मदन मोहन, सत्याशिवम, जगदीश सिंह खेहर, रंजन गंगोई और तीरथ सिंह ठाकुर — पांच ऐसे मुख्य न्यायाधीश है जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश भी रह चुके है।
- 1966 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जजों की स्वीकृत संख्या 68 है। जिनमें से 38 स्थाई और 30 अस्थाई है। वर्तमान में जजों की प्रस्तावित संख्या 85 है, जिनमें से 64 स्थाई और 21 अस्थाई है। हरियाणा की प्रथम महिला मुख्य न्यायाधीश किरण आनंद पाल थी।
- हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अधिकतम उम्र 62 वर्ष होती है। वर्ष 2016 में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को UNESCO World Heritage Site में जोड़ा गया था।
