23 District of Haryana — सभी जिलों का परिचय, गठन, मुख्यालय, इतिहास, मानचित्र और महत्वपूर्ण तथ्य एक ही स्थान पर। हरियाणा के 23 जिलों (23 District of Haryana) की पूरी जानकारी हिंदी में पढ़ें। सभी जिलों का परिचय, गठन, मुख्यालय, इतिहास, मानचित्र और महत्वपूर्ण तथ्य एक ही स्थान पर।
हरियाणा के 23 जिले — एक नजर में
हर जिले की स्थापना, नामकरण, इतिहास, ऐतिहासिक स्थल, प्रमुख बिंदु और महान व्यक्तित्व — HSSC CET, Group D, Police, Patwari व अन्य हरियाणा परीक्षाओं के लिए पूर्ण अध्याय। साथ में हरियाणा के 23 जिलों का परिचय (संक्षिप्त रूप) भी देखें।
- हिसार
- महेंद्रगढ़
- रोहतक
- करनाल
- जींद
- सिरसा
- फतेहाबाद
- भिवानी
- चरखी दादरी
- नूंह (मेवात)
- कुरुक्षेत्र
- सोनीपत
- पानीपत
- अम्बाला
- गुरुग्राम
- रेवाड़ी
- पंचकुला
- यमुनानगर
- पलवल
- फरीदाबाद
- झज्जर
- कैथल
- हांसी
हिसार जिला
इतिहास
पंजाब केसरी लाला लाजपत राय ने सन् 1886 से 1892 तक हिसार को अपनी कर्मभूमि बनाया, वहीं स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, पण्डित जवाहर लाल नेहरू, पण्डित मदन मोहन मालवीय तथा श्रीमती सरोजिनी नायडू ने इस ऐतिहासिक नगर में आकर अनेक जनसभाओं को संबोधित किया। इस नगर की जलवायु शुष्क है और यहाँ का तापमान गर्मियों में 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है।
ऐतिहासिक स्थल
- अग्रोहा थेह — दिल्ली-हिसार-फाजिल्का राजमार्ग-09 पर स्थित; चौथी शताब्दी तक फला-फूला। ईंटों से निर्मित भवन के अवशेष कुषाण काल से गुप्तकाल के इतिहास की जानकारी देते हैं; थेह के ऊपर बुद्ध स्तूप परिसर की खोज एक बड़ी उपलब्धि है।
- गुजरी महल (बारादरी) — किंवदती है कि फिरोजशाह तुगलक ने अपनी प्रेमिका गुजरी (हिसार की रहने वाली) के रहने हेतु बनवाया था।
- लाट की मस्जिद — किले के अंदर फिरोज़शाह ने मस्जिद बनवाई, जिसे लाट की मस्जिद कहा जाता है — तुगलक भवन निर्माण शैली का अद्भुत नमूना; साथ एक ‘एल’ आकार का तालाब व लाट (स्तंभ) है, जो अशोक की लाट बताई जाती है। फिरोजशाह इसे कहीं से उठाकर यहाँ स्थापित करवाया होगा।
- प्राचीन गुम्बद — चौदहवीं शताब्दी में निर्मित; यह शेर बहलोल या दाना शेर के आध्यात्मिक गुरु प्राणपीर बादशाह का है। प्राणपीर बादशाह महान सूफी फकीर थे, इन्होंने भविष्यवाणी की थी कि गयासुद्दीन तुगलक एक दिन दिल्ली का बादशाह बनेगा।
- जहाज कोठी — आयरलैंड निवासी जार्ज थामस, जिसने सिरसा से रोहतक तक क्षेत्र पर अपना शासन स्थापित किया, ने अपनी रिहायश हेतु सन् 1796 में इसका निर्माण करवाया था। राज्य सरकार द्वारा संरक्षित घोषित यह स्मारक देखने में समुद्री जहाज की तरह प्रतीत होता है। पहले इसे जार्ज कोठी (जार्ज गढ़) कहा जाता था, बाद में जहाज कोठी नाम से जाना जाने लगा। यहाँ अब क्षेत्रीय पुरातात्विक संग्रहालय स्थापित है।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय — स्थापना 1 दिसम्बर 2010; नये परिसर का निर्माण 300 एकड़ भूमि पर हो रहा है।
- श्री दिगम्बर जैन मन्दिर (नागोरी गेट) — निर्माण सन् 1820।
- शिखर दुर्ग अग्रोहा — सन् 1777 में महाराजा पटियाला के दीवान नानूमल द्वारा नगर की रखवाली व सुरक्षा हेतु बनवाया गया।
- अग्रोहा धाम — मान्यता है यह किसी समय महाराजा अग्रसेन के राज्य की राजधानी था। यहाँ महाराजा अग्रसेन, कुलदेवी महालक्ष्मी, शक्ति शीला माता, मां वैष्णो देवी, वीणा वंदिनी सरस्वती, हनुमान मंदिर, 90 फुट ऊँची भगवान मारूति प्रतिमा, भैरो बाबा मंदिर, बाबा अमरनाथ की गुफा, हिमानी शिवलिंग, तिरुपति मूर्ति व शक्ति सरोवर स्थित हैं। भाद्रपद अमावस्या को बड़ा मेला लगता है; अग्रवाल समाज इसे अपना पांचवां धाम मानता है।
- लघु सचिवालय — हिसार-राजगढ़ मार्ग पर स्थित चार मंजिला भवन, निर्माण सन् 1978।
- राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केन्द्र — स्थापना सातवीं पंचवर्षीय योजना अंतर्गत (7-1-1986)।
- केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान — स्थापना 1 फरवरी, 1985; भैंसों के सुधार, प्रजनन, दूध-मांस-खाल गुणवत्ता पर अनुसंधान करता है।
- उत्तरी प्रादेशिक फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं जांच संस्थान — सन् 1963 में शुरू; डीजल/पेट्रोल/मिट्टी तेल इंजन, सिंचाई पम्प, पौधरक्षण यंत्र प्रमाणन व जांच प्रयोगशाला भी।
- हरियाणा अन्तरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र (हरसैक) — चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 26 फरवरी 1986 को स्थापित; भू-सूचना प्रणाली व ग्लोबल पोजीशनिंग तकनीक से प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी।
- इण्डो आस्ट्रेलियन लाईव स्टॉक फार्म — स्थापना 1974-75; 500 एकड़ भूमि, जर्सी-फीसियन-क्रॉस नस्ल के पशु।
- इण्डो आस्ट्रेलियन भेड़ प्रजनन फार्म — स्थापना 1969-70; लगभग 2000 हेक्टेयर भूमि।
- चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय — कैम्पस वेटनरी कॉलेज 2 फरवरी, 1970 को अस्तित्व में आया; प्रथम कुलपति ए.एल. फ्लेक्चर।
- गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय — स्थापना 20 अक्टूबर 1995; यूजीसी द्वारा ए-ग्रेड।
- देवी भवन मंदिर, बिश्नोई मंदिर — हिसार। काजला धाम-कांजला गांव (हनुमान जी को समर्पित)। प्राचीन शिव मंदिर-सीसवाल गांव। दादी गौरी मंदिर-डाया गांव।
- आर्य समाज मंदिर — लाला लाजपत राय द्वारा (1886)।
- महाराज अग्रसेन मेला-अग्रोहा। बनभौरी माता का मेला-बनभौरी। किसान मेला-हिसार (HAU) (नोट- करनाल में भी लगता है)। शेख जुनैद की मजार-हिसार। मीठा पीर की दरगाह-तलवंडी राणा गांव। प्राणपीर बादशाह का मकबरा-हिसार। चालीस हाफीज का मकबरा-हिसार।
- ब्लू बर्ड पर्यटन स्थल, फ्लेमिंगो पर्यटन स्थल, केंद्रीय भेड़ प्रजनन केंद्र, दीनदयाल उपाध्याय सेंटर आफ एक्सीलैंस फॉर ऑर्गेनिक फार्मिंग, एग्री बिजनेस इनक्यूवेशन सेंटर — सभी हिसार में।
- एशिया का सबसे बड़ा पशु फार्म (कैटल फार्म) — हिसार (1809)।
- हरियाणा में सबसे गर्म व सबसे ठंडा शहर — हिसार।
- एकमात्र दूरदर्शन केन्द्र — हिसार (1 नवम्बर 2002); उद्घाटन सुषमा स्वराज ने किया। नोट- यह अब 15 जनवरी 2023 से चंडीगढ़ में स्थानांतरित।
महान व्यक्तित्व
- शिवांगी पाठक — पर्वतारोही (Eagle Mountain); हरियाणा की सबसे कम उम्र की महिला पर्वतारोही।
- पर्वतारोही रोहताश खिलेरी — मल्लापुर गांव (हिसार)। पर्वतारोही नरेंद्र कुमार — मिंगनी खेड़ा गांव (हिसार)।
- पर्वतारोही अनिता कूण्डू — फरीदपुर गांव (हिसार); 3 बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई (2013, 2017, 2019), नेपाल व चीन दोनों तरफ से एवरेस्ट फतेह करने वाली प्रथम भारतीय महिला।
- सायना नेहवाल — बैडमिंटन खिलाड़ी (हिसार); लंदन ओलम्पिक-2012 कांस्य पदक।
- जय भगवान — बॉक्सर (हिसार)। एकता भ्याणा — पैरा शॉट पुट।
- शमीम शर्मा — हास्य कवयित्री। ईशा खन्ना — अभिनेत्री (हिसार)। यशपाल शर्मा — अभिनेता (हिसार)। बलजिंद्र कौर — अभिनेत्री (हिसार)।
- धर्मवीर भगाना — सांगी (भगाना गांव, हिसार)।
- ओमप्रकाश जिंदल — स्टील किंग, JSL कंपनी के संस्थापक (हिसार)। शालु जिंदल — नवीन जिंदल की धर्मपत्नी, कुचिपुडी नृत्य से जुड़ी हैं।
- गीतिका जाखड़ — कुश्ती खिलाड़ी (अग्रोहा); अर्जुन पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली हरियाणवी कुश्ती (2006) खिलाड़ी।
- कृष्णा पुनिया — डिस्कस थ्रो खिलाड़ी (अग्रोहा)। रमेश कुमार — कबड्डी खिलाड़ी (किरमारा गांव)।
- चौ. कृपाराम — स्वतंत्रता सेनानी (स्याहडवा गांव)।
- लाला हरदेव सहाय — स्वतंत्रता सेनानी (सातरोड़ गांव); इन्होंने 1936 में ‘ग्राम सेवक’ और 1941 में ‘सेवक समाचार’ पत्र निकाले।
- ब्रहानंद — हिसार से 1948 में ‘ज्ञानोदय’ नामक पत्रिका निकाली। विष्णु प्रभाकर — हिंदी लेखक (हिसार)।
- शर्मिला देवी — हॉकी खिलाड़ी (हिसार)। इसराब अहमद खान — उर्दू साहित्यकार (हिसार)।
महेंद्रगढ़ जिला
इतिहास
कानौड़िया ब्राह्मणों द्वारा आबाद किए जाने की वजह से महेंद्रगढ़ शहर पहले कानौड़ के नाम से जाना जाता था; यह भी कहा जाता है कि बाबर के सेवक मलिक महदूद खान ने इसे बसाया था। सत्रहवीं शताब्दी में मराठा शासक तांत्या टोपे ने यहाँ एक किले का निर्माण करवाया। 1861 में पटियाला रियासत के शासक महाराज नरेन्द्र सिंह ने अपने पुत्र मोहिन्द्र सिंह के सम्मान में इस किले का नाम महेंद्रगढ़ रखा — इसी से नगर का नाम भी महेंद्रगढ़ पड़ गया।
सन् 1948 में पेप्सु के गठन के दौरान पटियाला राज्य से महेंद्रगढ़ क्षेत्र, जींद से दादरी क्षेत्र (अब चरखी दादरी) और नाभा राज्य से बावल क्षेत्र मिलाकर महेंद्रगढ़ जिले का गठन हुआ, जिसका मुख्यालय नारनौल बना। उस समय जिले में तीन तहसील नारनौल, बावल, चरखी दादरी व महेंद्रगढ़ उप-तहसील थी; 1949 में महेंद्रगढ़ उप-तहसील को तहसील में परिवर्तित किया गया।
ऐतिहासिक स्थल
- साहूकार गुम्बद (चोर गुम्बद) — निर्माण अफगान जमाल खान द्वारा; फिरोज़ शाह के समय हुआ।
- जल महल — शहर के दक्षिण में; निर्माण शाह कूली खान द्वारा 1591 में। इतिहास अनुसार शाह कुली खान ने पानीपत की दूसरी लड़ाई में हेमू को पकड़ा था, उसी काम से प्रसन्न होकर अकबर ने नारनौल उसे सौंप दिया।
- छत्ता राय बालमुकन्द दास (बीरबल का छत्ता) — शाहजहां के शासनकाल में नारनौल के दिव्य राय मुकुंद दास द्वारा बनाई पांच मंजिला इमारत; बीरबल यहाँ आते रहते थे इसलिए यह नाम पड़ा।
- मंदिर चामुंडा देवी — मान्यता कि क्षेत्र के शासक राजा नूनकरण चामुंडा देवी के भक्त थे, उन्होंने पहाड़ी के तल पर मंदिर बनवाया।
- मोडवाला मंदिर — भगवान शिव का मंदिर; रक्षाबंधन पर बड़ा मेला।
- बागोत — प्रसिद्ध शिव मंदिर; सावन माह में शिवरात्रि की पूर्व संध्या पर बड़ा मेला।
- बामनवास — हरियाणा-राजस्थान सीमा पर; बाबा रामेश्वर दास के मंदिर के लिए प्रसिद्ध, दीवारों पर गीता-रामायण के उपदेश लिखे हैं।
- माण्डोला — बाबा केसरिया की भक्ति के कारण महत्वपूर्ण; हर वर्ष पहली सितंबर को मेला।
- सेहलंग — मान्यता कि यहाँ मंदिर में ज्योति-रोशनी से कुछ रोगों से मुक्ति मिलती है।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- बाबा रामेश्वर धाम, अनपूर्ण तीर्थ, ढ़ोसी तीर्थ (च्यवन ऋषि से सम्बंधित)। चामुण्डा देवी मन्दिर (नारनौल) — जीर्णोद्धार राजा नूनरकण ने कराया।
- भूरा भवानी मेला-महेंद्रगढ़। माता मसानी मेला-चैत्र बड़ी छठ (महेंद्रगढ़)। हनुमान जी का मेला-शोभासागर, नारनौल। संत शिरोमणि बाबा मोलड़दास मेला-महेंद्रगढ़। बाबा भलाईनाथ का मेला-महेंद्रगढ़।
- गुरु दशमेश गुरुद्वारा व गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा — नारनौल। संत हमजा पीर की दरगाह-नारनौल (महिलाओं का प्रवेश वर्जित)।
- इब्राहिम सूरी का मकबरा, इब्राहिम खां का मकबरा, शाह विलायती का मकबरा (पठान शैली), शाह कुली खां का मकबरा, त्रिपोलिया गेटवे (निर्माण 1589 ई.), मिर्जा अली की बावड़ी — सभी नारनौल में।
- तात्या टोपे का किला-महेंद्रगढ़। माधोगढ़ किला-राजा सवाई माधोसिंह द्वारा निर्मित। आराम-ए-कोसर (शाह कुली खां द्वारा निर्मित)-नारनौल, यह त्रिपोलिया गेट का प्रवेश द्वार है। शोभा सागर झील-नारनौल।
- हरियाणा का एकमात्र केन्द्रीय विश्वविद्यालय — जंतपाली (2009)। नारनौल को तलाबों और बावड़ियों का शहर कहा जाता है।
- 1657 में नारनौल में हिंदी कवि वीरभान ने सतनामी संप्रदाय की स्थापना की; वीरभान का गुरु उदयदास था।
- प्रमुख खनिज ताँबा-अभ्रक; एस्बेस्टस (ऐसा पदार्थ जो आग में नहीं जलता) — महेंद्रगढ़।
- हरियाणा में अरावली मैदान का सबसे ऊँचा भाग कुलतांजपुर है, जो 652 मीटर ऊँचा है — यही ढोसी की पहाड़ियाँ कहलाती हैं। उद्दालक ऋषि का आश्रम-स्याणा (महेंद्रगढ़)। सिंहो का द्वार-नारनौल।
- उत्तर भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक पार्क-नारनौल। नसीबपुर — यहाँ 1857 के क्रांतिकारियों का शहीदी स्मारक है।
- दोहन नदी — एक मौसमी नदी है जो साहिबी नदी के साथ बहती है; यह ढोसी की पहाड़ी से निकलती है।
- सबसे कम फल व सब्जी का उत्पादन-महेंद्रगढ़। प्रदेश में सबसे अधिक झाड़ियों का विस्तार-महेंद्रगढ़ (नोट- पहले कम झाड़ियाँ गुरुग्राम में थीं)। सबसे अधिक खनिज संसाधन-महेंद्रगढ़।
- लाख की चूड़िया उद्योग, नाइट्रोजन प्लांट-नारनौल, सांड वीर्य बैंक (हरियाणा का प्रथम)।
महान व्यक्तित्व
- सतीश कौशिक — अभिनेता, निर्माता व निर्देशक (पहली फिल्म “रूप की रानी चोरों का राजा”)।
- सुरेन्द्र शर्मा — हास्य रस कवि (नांगल चौधरी); टैगलाइन — “चार लाईना सुना रया सुं”।
- गुजरमल मोदी — प्रसिद्ध बिजनेसमैन। बाबा रामदेव — सैयद अलीपुर। संदीप कुमार — पैदल चाल खिलाड़ी।
रोहतक जिला
इतिहास
रोहतक का नाम रोहताशगढ़ का सुधारा हुआ नाम माना जाता है — यह राजा रोहताश के नाम पर रखा गया माना जाता है। यह भी माना जाता है कि रोहतक का नाम रोहिड़े (टकोमा अंडुलेट) पेड़ के नाम पर रखा गया। ऐसा भी कहा जाता है कि रोहतक नकुल के अभियान से संबंधित है।
अस्थल बोहर मठ — वर्तमान में इसके संरक्षक बाबा बालकनाथ जी हैं। इसकी स्थापना चौरंगी नाथ द्वारा की गई थी, यह राजपूत चित्रकला से निर्मित है। चौरंगी नाथ हरियाणा के हिंदी भाषा के पहले साहित्यकार हैं। इसका जीर्णोद्धार बाबा मस्तनाथ द्वारा किया गया।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- रेवड़ी व गज्जक उद्योग, एशियन पेंट्स उद्योग, अमूल दुग्ध उत्पाद उद्योग, वीटा मिल्क प्लांट (जींद, सिरसा, हिसार में भी है), नट व बोल्ट उद्योग (चंद्रयान में भी प्रयोग किए गए थे) — सभी रोहतक में।
- दुर्गा मंदिर — इसका उद्घाटन लाल बहादुर शास्त्री और उनकी पत्नी द्वारा किया गया था। प्राचीन शिव मंदिर-किलोई गांव।
- MDU महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय — रोहतक (1976); नोट- 1976 में इसका नाम रोहतक विश्वविद्यालय था, 1977 में MDU किया गया।
- पण्डित लख्मीचंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विज्युअल आर्ट्स (2014)। SIFTV — State Institute of Film & Television (स्थापना 2011)।
- पं. भगवत दयाल शर्मा PGIMS — रोहतक (2008 में विश्वविद्यालय का दर्जा)। बाबा मस्तनाथ निजी विश्वविद्यालय-अस्थल बोहर (2012)। IIM — Indian Institute of Management (2009)।
- जवाहर नवोदय विद्यालय-घुसकानी गांव। आकाशवाणी केंद्र रोहतक — 8 मई 1976 (हरियाणा का पहला आकाशवाणी केंद्र)।
- बाबा जमनादास का मेला-मालोठ गांव। हल्ला होल्ला महोत्सव-लाखन माजरा — सिखों के 9वें गुरु तेग बहादुर जी की याद में मनाया जाता है।
- मंजी साहिब गुरुद्वारा-लाखन माजरा (9वें गुरु तेग बहादुर जी शहादत हेतु दिल्ली जाते समय बीच रास्ते में 13 दिन रुके थे)। बांग्ला साहिब गुरुद्वारा-रोहतक।
- शाहजहाँ की बावली / ज्यानी चोर की बावली-महम (निर्माण 1658-59 में शाहजहां के सेवक सुद्दो कलोल द्वारा)। शाह मुहम्मद रमजान का गुम्बद व चौबीसी चबुतरा-महम।
- मैना पर्यटन स्थल, गऊ कर्ण का तालाब, तित्यार झील (1976), रोहतक चिड़ियाघर (सबसे बड़ा चिड़ियाघर) — रोहतक में।
- लाल मस्जिद-रोहतक (निर्माण 1939, हाजी आशिक अली द्वारा; नोट- लाल मस्जिद रेवाड़ी में भी है, जो अकबर के समय बनी)। दीनी मस्जिद व कांच की मस्जिद (शीशे वाली मस्जिद)-रोहतक।
- आर्य समाज के मुख्य केंद्र-रोहतक (नोट- आर्य समाज की पहली शाखा रेवाड़ी में खुली)।
- एशिया की सबसे बड़ी थोक कपड़े की मार्केट — शौरी मार्केट। राजीव गांधी खेल स्टेडियम-रोहतक। हौजरी उद्योग हेतु प्रसिद्ध-रोहतक।
- प्रथम विश्व युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा सैनिक भर्ती-रोहतक। जिला स्तरीय युद्ध स्मारक-मानसरोवर पार्क। प्रदेश में पहली इको फ्रेंडली रैली का आयोजन-रोहतक।
- प्रदेश का प्रथम कॉलेज (नेकीराम कॉलेज) — रोहतक (1926-27)। इंडोग्रीक सिक्के — खोखराकोट गांव।
- चौधरी बंसीलाल क्रिकेट स्टेडियम-लाहली गांव। हरियाणा में कानफाड़ा संप्रदाय के मुख्य केंद्र-अस्थल बोहर (रोहतक) व पेहवा (कुरुक्षेत्र)। रोहतक का वर्णन नकुल दिग्विजय ग्रंथ में मिलता है।
महान व्यक्तित्व
- चौधरी छोटूराम — जन्म 24 नवम्बर 1881, गढ़ी सांपला। दयाचंद मायना — मायना गांव (हरियाणा का जॉन मिल्टन)।
- रणबीर हुड्डा — साघी गाँव, स्वतंत्रता सेनानी (1952 में रोहतक से लोकसभा सांसद बने)। शाह मुहम्मद — ‘हादी-ए-हरियाणा’ नाम से प्रसिद्ध।
- अनुराधा बैनिवाल — शतरंज खिलाड़ी व लेखक। मनोहर लाल खट्टर — निदाना गांव।
- नसीब सिंह कुण्डू — टिटौली गांव (चंद्रावल फिल्म में रुण्डा की भूमिका निभाने वाले कलाकार)।
- रणदीप हुड्डा — अभिनेता, जसिया गांव। जयदीप अहलावत — अभिनेता। ममता खरब — हॉकी खिलाड़ी (हरियाणा की गोल्डन गर्ल)।
- शेफाली वर्मा — क्रिकेटर (डेब्यू T-20 मैच, दक्षिण अफ्रीका)। जसविंदर नरुला — गायक। के.पी. कोशिक — संगीत निर्देशक।
- अशोक घई व सुभाष घई — फिल्म निर्माता। पारुल गुलाटी — अभिनेत्री।
- साक्षी मलिक — जन्म 3 सितम्बर 1992, मोखरा गांव। संग्राम सिंह — भारत के प्रथम प्रोफेशनल रेसलर। दीपक हुड्डा — क्रिकेटर।
करनाल जिला
इतिहास
करनाल शहर महाभारत के प्रसिद्ध राजा कर्ण द्वारा स्थापित किया गया था। सन् 1739 में नादिर शाह ने करनाल में मुहम्मद शाह को हराया था। जींद के राजा गोपाल सिंह ने 1763 में करनाल पर कब्जा कर लिया था और 1785 में मराठों ने करनाल पर अधिकार जमा लिया — मराठा और सिखों के बीच मुठभेड़ होती रहती थी। 1795 में अंततः जींद के राजा भाग सिंह से करनाल शहर जीतकर जॉर्ज थॉमस को सौंप दिया गया, जिन्होंने इस लड़ाई में भाग लिया था। इस बीच लाडवा के राजा गुरदित सिंह ने करनाल पर कब्जा कर लिया था। 1805 में अंग्रेजों ने यहाँ कब्जा कर लिया और करनाल को ब्रिटिश छावनी में तबदील कर दिया गया; जींद के राजा गजपत सिंह द्वारा निर्मित किले पर कब्जा कर उसे काबुल के आमिर दोस्त मोहम्मद खान को सौंप दिया गया था।
ऐतिहासिक स्थल
- कलंदर शाह की दरगाह — संगमरमर से बनी व नक्काशीदार; दिल्ली के सम्राट गियास-उद-दीन (प्रसिद्ध मुस्लिम संत-ऋषि) द्वारा बूअली-कलन्दर शाह की याद में बनाई गई।
- सीता माई मंदिर — करनाल के पास सीतामाई गांव में; शायद भारत में देवी सीता का एकमात्र मंदिर है; किंवदंती के अनुसार यही स्थान है जहाँ माँ पृथ्वी ने देवी सीता को निगल लिया जब उन्हें अपनी पवित्रता साबित करनी थी।
- कर्ण झील — उचाना (करनाल) के पास; निर्माण हरियाणा सरकार द्वारा 1972; 17 एकड़ में फैली; चक्रवती झील भी कहते हैं।
- मीरा साहिब मकबरा — संत सयाद मोहम्मद उर्फ मिरान साहिब की याद में बनाई गई।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- लिबर्टी जूतों का निर्माण-करनाल (1954)। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान-करनाल (1955)।
- केंद्रीय मिट्टी लवणता अनुसंधान संस्थान CSSRI-करनाल (1969; नोट- पहले हिसार में स्थापित था)। गेहूं और जौ अनुसंधान निदेशालय (1978)। DWR — डायरेक्ट ऑफ व्हीट रिसर्च (1978)। गेहूं का जीन बैंक-करनाल। राष्ट्रीय पशु आनुवांशिकी संस्थान (1984)।
- माता बाला सुंदरी मंदिर-बड़ा गांव। देवी मन्दिर-सालवन गांव। पाण्डु मेला-पपहाना गांव (असंध)। बाबा सिमरन दास जी का मेला-इंद्री। गोगा पीर का मेला-खेड़ा गांव (नोट- सबसे बड़ा गोगा पीर का मेला इस्लामपुर, गुड़गांव में)।
- छड़ियों का मेला-अमुपुर गांव। परासर का मेला-तरावड़ी। पांच पीरों की मजार-मधुबन।
- शाह अलामा नूर मोहम्मद की दरगाह (नूरी दरगाह)-नेवल गांव; यहाँ हरियाणा कमांडो Police Training Centre है। दरगाह बु अली शाह कलंदर-करनाल (नोट- बु अली शाह का मकबरा पानीपत में है)।
- सेंट जेम्स चर्च (छावनी चर्च), मंजी साहिब गुरुद्वारा (नोट- मंजी साहिब गुरुद्वारे कई जिलों में जैसे कैथल, अम्बाला, पंचकुला भी हैं) — करनाल।
- महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय-अंजनथली (2016)। दीनदयाल उपाध्याय मैडिकल यूनिवर्सिटी-कुटैल। कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज। गुरु ब्रहानंद पॉलिटेक्निक कॉलेज-नीलोखेड़ी (हरियाणा का प्रथम पॉलिटेक्निक कॉलेज)।
- माता प्रकाश कौर बधिर व वाणी विकलांग केंद्र/आवासीय विद्यालय। जवाहर नवोदय विद्यालय-सागा गांव। सैनिक स्कूल-कुंजपुरा गांव (1961, हरियाणा प्रथम सैनिक स्कूल)।
- गन्ना प्रजनन केंद्र/बीडिंग सेंटर, हरियाणा Rural Development Institute-नीलोखेड़ी।
- Forensic Science Lab-मधुबन (1976; नोट- 1973 में रोहतक में स्थापित, बाद में मधुबन स्थानांतरित)। Centre For Excellence For Vegetable-घरौंडा (इजराइल सहयोग, 2011)।
- NCC अकादमी-अराईपुरा गांव। पोल्ट्री प्रशिक्षण केंद्र-नीलोखेड़ी। ओएसिस पर्यटन स्थल-उचाना। छावनी चर्च टॉवर, बादशाही पुल — करनाल।
- विक्टोरिया हॉल-करनाल; महात्मा गांधी की हत्या के बाद यहाँ शोक सभा हुई थी, वर्तमान नाम गांधी मैमोरियल हॉल।
- गोंदर तीर्थ-गोंदर गांव (गौतम ऋषि की तपोस्थली)। परासर ऋषि की तपस्थली-बहलोलपुर। बस्तली तीर्थ-बस्तली (महर्षि वेदव्यास की तपोस्थली)।
- करनाल का किला निर्माण-राजा गजपत सिंह (1764)। मामा-भांजा सराय-घरौंडा (निर्माण शाहजहां के समय)। कर्ण स्टेडियम, अटल पार्क, यूरोपीय क्रब्रिस्तान, कुषाण स्तूप (असंध) — करनाल।
- कुंजपुरा रियासत — स्थापना निजाबत खान द्वारा 1729 ई. में। दानवीर कर्ण व सूर्य भगवान की मूर्तियां, खरोष्टि लिपि में अंकित अभिलेख — करनाल।
- सबसे पहला वन स्टॉप सेंटर ‘सखी’-करनाल। हरियाणा का प्रथम Flying Club (Aviation Club)-करनाल।
- गाँव-गाँव बिजली पहुँचाने के कार्यक्रम की शुरुआत — 1970 में CM बंसीलाल के समय उचानी कला गांव से की गई थी।
- सबसे अच्छी गुणवत्ता बासमती चावल का उत्पादन-तरावड़ी। भावांतर भरपाई योजना की शुरुआत — 31 दिसम्बर 2017, करनाल के गागर गाँव से।
- प्रदेश का पहला लाल डोरा मुक्त गांव-सिरसी गांव। प्रदेश में सबसे पहले महिला पुलिस स्वयं सेवक पहल-करनाल व महेंद्रगढ़।
- करनाल में अंग्रेजों द्वारा पहली सैन्य छावनी — 1841 में (1843 में अम्बाला कैंट में)। आक्सीवन योजना की शुरुआत-करनाल (2021)।
- सबसे पहले CM विंडो की शुरुआत, ऑनलाइन जमाबंदी करने वाला पहला जिला, देश में सबसे पहले ड्रोन से फसलों में स्प्रे करने वाला जिला — तीनों करनाल।
महान व्यक्तित्व
- कल्पना चावला — करनाल; अंतरिक्ष में जाने वाली प्रथम भारतीय महिला, ‘अंतरिक्ष की रानी’ कही जाती हैं।
- शीबा मग्गोन — ‘क्वीन ऑफ बास्केटबॉल’; अंतर्राष्ट्रीय मैच में रेफरी की भूमिका निभाने वाली प्रथम भारतीय महिला।
- अजमेर सिंह चोपड़ा — बास्केटबॉल खिलाड़ी, अर्जुन अवार्ड। हरप्रीत सिंह — शूटर, कॉमनवेल्थ खेल 2010 स्वर्ण। अनीश बनवाला — शूटर, कॉमनवेल्थ खेल 2018 स्वर्ण।
- लियाकत अली — पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री, जन्म करनाल में। कौटिल्य पंडित — कोहड़ गांव, ‘Google boy’ के नाम से प्रसिद्ध।
- मुफस्हर उल हक — पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर। नवदीप सैनी — क्रिकेटर, तरावड़ी (‘करनाल एक्सप्रेस/तरावड़ी एक्सप्रेस’)।
जींद जिला
इतिहास
गजपत सिंह ने जींद और सफीदों सहित एक बड़े हिस्से पर कब्जा किया था। उन्होंने जींद को मुख्यालय बनाया और वहाँ 1775 में एक बड़ा किला बनाया। 1772 में सम्राट शाह आलम ने गजपत सिंह को राजा का खिताब प्रदान किया; राजा गजपत सिंह का 1786 में निधन हो गया और पुत्र भाग सिंह ने कठिन समय में सफलता हासिल की। 1966 में पंजाब के पुनर्गठन के दौरान संगरूर जिले का विभाजन हुआ और जींद-नरवाना तहसीलों को हरियाणा में आवंटित किया गया। जींद तहसील को 1967 में जींद और सफीदों तहसीलों में विभाजित किया गया।
सफीदों (सर्पदमन) — महाभारत युग में इसे सर्पदमन के नाम से जाना जाता था। किंवदंती अनुसार जनमेजय ने पिता परीक्षित की (सांप काटने से हुई) मृत्यु का बदला लेने हेतु यहाँ सर्पदमन यज्ञ किया था।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- प्राचीन टीला करसोली, हजरत गाबी साहिब की दरगाह-नरवाना। जींद के विद्रोह (1814) का नेतृत्व प्रताप सिंह ने किया।
- जयंती पुरातत्व संग्रहालय (28 जुलाई 2007), बुलबुल झील, रानी तालाब, भूतेश्वर मंदिर, अर्जुन स्टेडियम, एकलव्य स्टेडियम — जींद में। हरियाल-नरवाना।
- अश्वनी कुमार तीर्थ-आसन गांव, वराह तीर्थ, यक्षिणी तीर्थ, पुष्कर तीर्थ, हटकेश्वर तीर्थ, जामनी तीर्थ-जामनी गांव, पाण्डू-पिंडारा तीर्थ, ईक्कस तीर्थ — सभी जींद में।
- बिलसर का मेला, सच्चा सौदा मेला, रामराय हद का मेला-रामराय, नागक्षेत्र धार्मिक मेला-सफीदों, मल्लिनाथ पशु मेला — जींद में।
- जींद जिले के साथ सर्वाधिक 8 (हांसी भी लगता है अब) जिलों की सीमाएं लगती हैं। नोट- जींद की सीमा पंजाब के संगरूर जिले से भी लगती है।
- बीरबारा संरक्षित वन्यजीव क्षेत्र (2007)। धमतान साहिब, सिंहपुरा साहिब व मंजी साहिब गुरुद्वारे — तीनों गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित।
- जवाहर नवोदय विद्यालय-खुगां कोठी। रणबीर सिंह विश्वविद्यालय/CRSU (2014)।
- सबसे कम झाड़ियों वाला जिला — जींद। सबसे कम पक्की सड़क वाला जिला — जींद। प्रदेश का प्रथम ग्राम सचिवालय-हैबतपुर गांव।
महान व्यक्तित्व
- कविता दलाल — मालवी गांव; भारत की पहली WWE महिला रेसलर, ग्रेट खली द्वारा ‘हार्ड लेडी’ नाम दिया गया।
- अंशु मलिक — कुश्ती खिलाड़ी, निडाणी गांव। मंजीत चहल — एथलीट (धावक), उचाणा गांव; एशियन गेम्स 2018 में 800 मीटर रेस स्वर्ण।
- यजुवेंद्र चहल — हरियाणा से एकमात्र खिलाड़ी जिन्होंने 2 खेलों (शतरंज व क्रिकेट) में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- सुनील जागलान — ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की शुरुआत (बीबीपुर गांव)। पंडित अमीलाल — महात्मा गांधी के सेवक।
- राजेन्द्र गोयल — क्रिकेट खिलाड़ी, नरवाना। सीताराम पांचाल — अभिनेता, नरवाना। सुमन कुण्डू — रेसलर, कालवा गांव; कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 कांस्य।
- बीरेंद्र सिंह — डुमरखा गांव, प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ (‘बागड़ का शेर’)। महाबीर गुड्डू — गायक (हरियाणा में ‘बम लहरी’ भी कहते हैं); 2024 में पद्म श्री।
- ओम प्रकाश — बास्केटबॉल खिलाड़ी। गजपत सिंह — जींद रियासत के संस्थापक (1763)।
सिरसा जिला
इतिहास
सिरसा का प्राचीन नाम साइरशैक था, जिसका उल्लेख महाभारत, पाणिनि की अष्टाध्यायी और दिव्यदान में मिलता है — 5वीं सदी में यह समृद्ध शहर रहा होगा। स्थानीय परंपरा अनुसार सारस नामक एक राजा ने 7वीं शताब्दी में शहर की स्थापना की और किले का निर्माण किया। एक अन्य परंपरा अनुसार नाम की उत्पत्ति पवित्र नदी सरस्वती से हुई, जो इसके निकट थी। मध्ययुगीन काल में शहर शारसुति के नाम से जाना जाता था; प्राचीन काल में सिरसा को सिरसापट्टन भी कहा जाता था।
ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल
- सुर्खाब — सिरसा (1 नवंबर 1980); हरियाणा पर्यटन निगम के बार सुविधा वाले रेस्तरां का उद्घाटन। शिकारा (आसा खेड़ा)। काला तीतर (अबुब शेहार) — पंजाब-हरियाणा-राजस्थान सीमा के निकट।
- राधा स्वामी सत्संग घर (सिकंदरपुर) — विशाल सत्संग घर।
- राम देव मंदिर, कागदाना — राजस्थान के संत की पूजा; सिरसा के कागदाना में सबसे बड़ा मंदिर। रामदेव जी को बीकानेर के रुनिचा से जयपुर के तंवर राजपूत कबीले का सदस्य माना जाता है; पुरुष भक्त ‘कामड़’ व महिला भक्त ‘तेराह तालिसी’ कहलाती हैं।
- डेरा जीवन नगर — नामधारी संप्रदाय का महत्वपूर्ण केंद्र; दिवंगत प्रताप सिंह की माता जीवन कौर के नाम पर नाम पड़ा।
- गुरुद्वारा गुरु गोबिंद सिंह — चोरमोर खेरा (डबवाली); गुरु गोबिंद सिंह एक रात यहाँ रुके थे, यहाँ चोरमार लड़ाई हुई थी।
- डेरा बाबा सरसाई नाथ — निर्माण 13वीं सदी में नाथ संप्रदाय के संत सरसाई नाथ (शिव के अनुयायी) द्वारा; डेरा में शिव-दुर्गा के मंदिर हैं।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- CDLU चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी (2003), केंद्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, जवाहर नवोदय विद्यालय-ओढ़ा — सिरसा में।
- सती दादी का मेला-कुमारिया गाँव। भूमन शाह का मेला, संत बाबा बिहारी समाधि — सिरसा।
- डेरा सचा सौदा — स्थापना 29 अप्रैल 1948, मस्ताना जी महाराज द्वारा। चिल्ला साहिब गुरुद्वारा — सिखों के पहले गुरु नानक देव जी को समर्पित।
- ख्वाजा पीर का मकबरा (नोट- ख्वाजा खिज्र का मकबरा सोनीपत में है)। लीलाधर दुःखी संग्रहालय (2001)। शहीद भगत सिंह स्टेडियम, शाह सतनाम सिंह क्रिकेट स्टेडियम — सिरसा में।
- क्षेत्रफल के आधार पर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला — सिरसा। सबसे कम जनघनत्व वाला जिला — सिरसा (303 व्यक्ति/किमी²)। सबसे अधिक सिख धर्म आबादी वाला जिला — सिरसा।
- सबसे अधिक गेहूँ, कपास, आंवला, चीकू, गाजर, आड़ू फल-सब्जी उत्पादन वाला जिला — सिरसा। सबसे कम वर्षा वाला जिला — सिरसा (अधिक वर्षा — अम्बाला)।
- हरियाणा में सर्वाधिक सिंचाई नहरों के माध्यम से करने वाला जिला — सिरसा। बाढ़ का कारण — घग्गर-हकरा नदी; घग्गर द्वारा निर्मित बाढ़ के मैदान — नैली/नाला।
- प्रदेश में सबसे ज्यादा गौवंश-गौशालाओं की संख्या वाला जिला — सिरसा। राजकीय ऊंट प्रजनन केंद्र — सिरसा। 1398 ई. में तैमूर का हरियाणा में सबसे पहला प्रवेश — रानिया।
- राजा भोजदेव का एक अभिलेख (सिरसा में पाशुपत संप्रदाय का शासन दर्शाता)। फल उत्कृष्टता केंद्र-मांगेआना गांव (इजराइल सहयोग, 2013)। हरियाणा का पश्चिमी गांव — चौटाला।
- रानियां का पुराना नाम — राजबपुर; रानिया का विद्रोह 1818 ई. (जाबित खां)। ऐलनाबाद का पुराना नाम — खड़ियल/खड़ियाल।
महान व्यक्तित्व
- चांदबाई — हरियाणा से पहली महिला जेल सत्याग्राही।
- सविता पुनिया — जोधका गांव; अंतर्राष्ट्रीय हॉकी संघ द्वारा 2022 की बेस्ट गोलकीपर; बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान की जिला ब्रांड एम्बेसडर।
- गणेशी लाल — उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल। गोपीचंद भार्गव — स्वतंत्र भारत में पंजाब के पहले मुख्यमंत्री।
- रुपिंदर हाण्डा — पंजाबी गायिका। सम्राट शंकर जादुगर — ऐलनाबाद। सुनील ग्रोवर — प्रसिद्ध कॉमेडियन (डॉ. गुलाटी व गुत्थी)।
- गजेंद्र वर्मा — प्लेबैक सिंगर, “तूने मेरे जाना” गाना। सरदारा सिंह — भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान।
- शैलजा कुमारी — सिरसा लोकसभा सदस्या। चौ. देवीलाल सिहाग — तेजाखेड़ा (बाद में चौटाला बसे)। चौ. ओमप्रकाश चौटाला — सबसे ज्यादा बार (5 बार) CM बने (हरियाणा के सभी मुख्यमंत्रियों व राजनीतिक ढांचे की जानकारी हरियाणा की राजनीति में पढ़ें)। जसविंदर बराड़ — पंजाबी लोक गायक।
फतेहाबाद जिला
इतिहास
हिसार और फतेहाबाद में अशोक स्तंभों की खोज से पता चलता है कि जिले का क्षेत्र मौर्य साम्राज्य का हिस्सा रहा। 1798 तक जॉर्ज थॉमस के नियंत्रण में अग्रोहा और टोहाना महत्वपूर्ण परगने थे। इस शहर का नाम फिरोज शाह तुगलक ने अपने बेटे फतेह खान के नाम पर रखा।
पर्यटक व ऐतिहासिक स्थल
- फिरोज़ शाह की लाट (हुमायूं की मस्जिद) — मुगल सम्राट हुमायूं (1529-1556 ई.) द्वारा उस स्थान पर बनवाई गई जहाँ फिरोज शाह तुगलक द्वारा बनाई लाट पहले से खड़ी थी; एक शिलालेख हुमायूं की प्रशंसा में यहाँ पाया गया। संभवतः यह सम्राट अशोक द्वारा अग्रोहा/हांसी में बनाए स्तंभों में से एक का हिस्सा है।
- बनावली — सरस्वती नदी किनारे हड़प्पा संस्कृति (2400-1900 ईसा पूर्व) स्थल, रेडियल पैटर्न में बसा। यहाँ से ‘एस’ आकार के जार, छिद्रित जार, फूलदान, हैंडिस, बीकर, बेसिन, गोबलेट; अर्ध-कीमती पत्थर, टेराकोटा-खोल, चेर्ट ब्लेड, हाथीदांत-हड्डी के खिलौने, सोने के मोती-पन्नी, टेराकोटा पशु मूर्तियाँ, अंकित स्टेआइट व टेराकोटा मुहरें, तांबे के मछली-हुक, जौ के दाने आदि मिले हैं।
- कुणाल — वैदिक नदी सरस्वती के सूखे बिस्तर पर स्थित; उत्खनन हरियाणा सरकार के पुरातत्व-संग्रहालय विभाग के जे.एस. खत्री व एम. आचार्य द्वारा। हड्डी के उपकरण, चेलसेनी सूक्ष्म ब्लेड, मछली-हुक; दो चांदी के मुकुट, हथियार, चूड़ियाँ, चांदी के हार, हार के छह सोने के मोती व 12,000+ सूक्ष्म अर्ध-कीमती मोती मिले।
- प्राचीन भिरड़ाना किला — यहाँ से नृतिका के चित्र प्राप्त हुए; उत्खनन 2003-4 में रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा; मिट्टी के खिलौने व हल भी मिले।
- अशोक पिलर — फतेहाबाद में एक ईदगाह के केंद्र में स्थित।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- फतेहाबाद में सूफी संत मीर शाह की मजार है। पपीहा पर्यटन स्थल व चिल्ली झील फतेहाबाद में स्थित हैं।
- फतेहाबाद के गंदा गांव का नाम बदलकर अजीत नगर रखा गया। रतिया विधानसभा सीट मतदाताओं के अनुसार सबसे बड़ी आरक्षित सीट है।
- भट्टू कला से 1857 की क्रांति का नेतृत्व मोहम्मद अजीम ने किया था। टोहाना से अधिक नहरें निकलने के कारण इसे ‘नहरों का नगर’ भी कहते हैं।
- फतेहाबाद हरियाणा का सबसे कम वन-प्रतिशत वाला जिला है। परमाणु विद्युत केंद्र गोरखपुर यहीं स्थित है — उद्घाटन 2014 में डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा; 2800 मेगावाट क्षमता, 700-700 मेगावाट की चार इकाइयाँ।
- मुख्य रेलवे स्टेशन जाखल है, जो जींद-रोहतक-बठिंडा लाइन पर है। दशहरे का सबसे बड़ा मेला हरियाणा में फतेहाबाद में लगता है। दुर्गा माता का मंदिर यहाँ है।
- भूना में अमरूद अनुसंधान केंद्र है। टोहाना का प्राचीन नाम ताशान्या था; यहाँ न्यू वुड लकड़ी उद्योग व घोड़ों का स्टालिन केंद्र है।
- फतेहाबाद से NH9 गुजरता है; यहाँ सर्वाधिक धागों का निर्माण होता है। हरियाणा का पहला पॉलिथीन-मुक्त जिला व पहला आवारा-पशु-मुक्त जिला फतेहाबाद है। यहाँ हरियाणा का सबसे बड़ा पाँच-मंजिला बस स्टैंड बना है।
महान व्यक्तित्व
- पण्डित जसराज — शास्त्रीय संगीत (मेवाती घराना); जन्म पीली मंदौरी गांव, 28 जनवरी 1930।
- मुंशी राम — रागनी गायक कवि, जांडली गांव। उदय चंद — खिलाड़ी, जांडली गांव; ओलंपिक में भाग लेने वाले पहले कुश्ती खिलाड़ी और हरियाणा के पहले अर्जुन अवार्डी (1961)।
- प्रियंका बेनिवाल — सुली खेड़ा गांव; हरियाणा की पहली महिला कमर्शियल पायलट। मनकीरत औलख — बहबलपुर, पंजाबी गायक।
- मनीषा पायल — बनावली गांव, पर्वतारोही; फतेहाबाद जिले की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ब्रांड एम्बेसडर।
भिवानी जिला
आइने-ए-अकबरी में भिवानी शहर का उल्लेख मिलता है — मुगलों के समय से यह वाणिज्य का एक प्रमुख केंद्र रहा है।
ऐतिहासिक स्थल
- मिताथल — खुदाई (1968-73, 1980-86) से पूर्व-हड़प्पा व हड़प्पा (सिंधु घाटी) संस्कृति के प्रमाण मिले। भिवानी के पूर्व नौरंगाबाद गांव के पास 2001 की प्रारंभिक खुदाई में सिक्के, उपकरण, चक्कर, खिलौने, मूर्तियाँ व बर्तन (2,500 साल पुराने) मिले।
- स्टार स्मारक — 5वें राधा स्वामी गुरु (‘बड़के महाराज जी’/श्री परम संत सितारा) की समाधि स्थल।
- देवसर धाम — देवी दुर्गा को समर्पित पवित्र मंदिर; देवता का नाम ‘रानी सती दादी’ माना जाता है।
- जोगी वाला मंदिर — भगवान शिव को समर्पित, भिवानी शहर के केंद्रीय स्थान में।
- खाकी बाबा का मंदिर — प्रसिद्ध ऋषि संत खाखा बाबा व भगवान राम के भक्त को समर्पित।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- बाबा मुंगीपा मंदिर-तोशाम पहाड़ी, माता शेरा वाली का मंदिर-देवसर, बाबा खुबीनाथ का मंदिर-मिताथल गांव, बाबा परमहंस का मंदिर-तिगड़ाना गांव, हरिहर मंदिर व भूतों का मंदिर (दोनों शिव को समर्पित)-भिवानी, बाबा खेड़े वाले का मंदिर-नौरंगाबाद, प्रणामी मंदिर-भिवानी, स्टार मंदिर-दिनोद गाँव (राधा स्वामी के 5वें गुरु ताराचंद महाराज को समर्पित)।
- देवसर मेला-देवसर गांव, सती का मेला-खरक कलां, बाबा मुगीपा का मेला-रिवासा गाँव (रक्षाबंधन पर), बाबा खेड़ेवाले का मेला-नौरंगाबाद (रक्षाबंधन पर)।
- बयां पर्यटन स्थल व रेड रॉबिन पर्यटन स्थल-भिवानी, जलतरंग पर्यटन स्थल-लोहारू, पांडू तीर्थ व पंचतीर्थ-तोशाम।
- लोहारू का किला — निर्माण 1570 में सामंत सरदार अर्जुन देव द्वारा। तोशाम की बारादरी — ‘पृथ्वीराज चौहान की कचहरी’ नाम से प्रसिद्ध, पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित।
- पंडित सीताराम शास्त्री पुस्तकालय-भिवानी। विष्णु का सबसे प्राचीन मंदिर-तोशाम।
- चौ. सुरेंद्र सिंह मैमोरियल चिड़ियाघर (1982) — हरियाणा का सबसे छोटा चिड़ियाघर; 14 अगस्त 2008 को मिनी चिड़ियाघर का दर्जा।
- सूती कपड़ा उद्योग BTM (1937, बिड़ला समूह) — यहाँ से कपड़ा यूरोप व खाड़ी देशों को निर्यात होता है।
- चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी CBLU (2014)। TITS — टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल एंड साइंस (1943)।
- जवाहर नवोदय विद्यालय-देवराला गांव। सर्वपल्ली राधाकृष्णन मल्टी इंटेलीजेंस/लैबोरेट्री स्कूल (2011) — अमेरिकन शिक्षा पद्धति पर आधारित हरियाणा का एकमात्र लैब स्कूल।
- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) — स्थापना 1969 (चंडीगढ़), बाद में 1981 में भिवानी स्थानांतरित।
- प्रदेश का सबसे बड़ा वाटर वर्क्स/जलघर-बापोड़ा गांव। क्षेत्रफल आधार पर सबसे बड़ी विधानसभा सीट — लोहारू।
- रोहनात गांव के इतिहास को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। हरियाणा का प्रथम आदर्श गांव — सुई गांव।
- बकरी प्रजनन केंद्र-लोहारू। बाजरा, चना, जौ व सरसों का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला जिला — भिवानी।
- भीम स्टेडियम-भिवानी। प्रदेश में पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक — भिवानी। स्ट्रॉबेरी हब — चनाना गांव। पशुधन किसान क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत — भिवानी से।
महान व्यक्तित्व
- संत निश्चलदास, माधव प्रसाद मिश्र (लेखक) — भिवानी। तुलसीदास दिनेश शर्मा — कवि; रचनाएँ मतवाली मीरा, श्याम सतसई, सत्याग्राही प्रहलाद।
- नीतू घनघस — बॉक्सर, धनाना गांव। विजय कुमार सिंह — बापोड़ा गाँव; पूर्व भारतीय थल सेना अध्यक्ष, वर्तमान मिजोरम राज्यपाल।
- भीम सिंह — धनाना गांव, ऊँची कूद; ओलंपिक में भाग लेने वाले प्रथम हरियाणवी एथलीट, इनके नाम पर ‘भीम अवार्ड’ हरियाणा का सबसे बड़ा खेल पुरस्कार है।
- जगदीश सिंह — बॉक्सर (2007 द्रोणाचार्य पुरस्कार)। विकास कृष्ण यादव — बॉक्सर; एशियन खेल 2010 स्वर्ण।
- विजेंद्र सिंह — बॉक्सर, कालुवास गांव; ओलंपिक पदक जीतने वाले प्रथम भारतीय बॉक्सर (2008 बीजिंग, 75kg कांस्य); प्रथम राजीव गांधी खेल रत्न (2009) प्राप्त हरियाणवी खिलाड़ी।
- व्योमिका सिंह — बापोड़ा गांव की बहू (जन्म लखनऊ); भारतीय वायुसेना में हेलीकॉप्टर पायलट; 2025 ऑपरेशन सिंदूर की मीडिया ब्रीफिंग का सह-नेतृत्व किया। “व्योमिका” का अर्थ — “आकाश में रहने वाली”/”आकाश की पुत्री”।
चरखी दादरी जिला
इतिहास
1857 की क्रांति के बाद दादरी क्षेत्र जींद रियासत के अधीन किया गया था, और आजादी के बाद यह क्षेत्र पेप्सु क्षेत्र में शामिल कर लिया गया था।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- सीमेंट उद्योग-दादरी — स्थापना 1939 सेठ रामकृष्ण द्वारा (1981-82 में CCI द्वारा अधिग्रहण); जर्मनी के इंजीनियरों के सहयोग से स्थापित।
- भगवान हनुमान जी मंदिर-इमलोटा गाँव, रानीला जैन मंदिर व श्री श्री 1008 आदिनाथ जैन मंदिर-रानीला गांव।
- डैगो पर्यटन स्थल, संत दयाल जी का समाधि मेला-दादरी, पीर मुबारक शाह की दरगाह, बलिदान खेल स्टेडियम, कपूरी की पहाड़ी — सभी चरखी दादरी में।
- सबसे कम पशु वध वाला जिला — चरखी दादरी। दादरी जिला भिवानी से अलग किया गया था। चरखी दादरी, हांसी और पंचकुला में केवल 2-2 विधानसभा सीटें हैं।
- चरखी दादरी विमान दुर्घटना (1996) — कजाकिस्तान एयरलाइंस और सऊदी एयरलाइंस के दो विमानों की मध्य-हवाई टक्कर, जिसमें 349 लोगों की मृत्यु हुई।
महान व्यक्तित्व
- सज्जन सिंह — कुश्ती खिलाड़ी, दादरी; ‘रुस्तम-ए-हिंद’ के नाम से जाने जाते हैं।
- कविता चहल — बॉक्सर, नीमरी गाँव; हरियाणा की प्रथम अर्जुन अवार्डी महिला बॉक्सर।
- महाबीर फौगाट — कुश्ती कोच, बलाली गांव; 2016 द्रोणाचार्य पुरस्कार; इनके जीवन पर बनी ‘दंगल’ फिल्म में आमिर खान ने भूमिका निभाई।
- चंद्रावती — डालाबास गांव; हरियाणा की प्रथम महिला सांसद व हरियाणा में जन्मी एकमात्र उपराज्यपाल (पुदुच्चेरी, 1990); राजनीति में ‘बुआ’ नाम से लोकप्रिय।
- बबीता फोगाट — बलाली गांव (जन्म 20 नवंबर 1989); 2014 राष्ट्रमंडल खेल स्वर्ण, 2010 व 2018 राष्ट्रमंडल खेल रजत।
- गीता फौगाट — बलाली गांव; कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 स्वर्ण।
- विनेश फौगाट — कुश्ती खिलाड़ी; एशियन गेम्स 2018 स्वर्ण — एशियन गेम्स स्वर्ण व विश्व कुश्ती चैंपियनशिप जीतने वाली प्रथम भारतीय महिला रेसलर।
- मास्टर हुकम सिंह फौगाट — हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।
- लीला राम सांगवान (30 नवंबर 1930 – 11 अक्टूबर 2003) — मंडोला गांव के किसान परिवार में जन्म; राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय (1958, हैवीवेट 100kg); 1998 में पद्म श्री।
नूंह (मेवात) जिला
मेवात का नाम 12 अप्रैल 2016 को नूंह किया गया।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- इन्दौरी की पहाड़ी-नूंह (यहाँ से इन्दौरी नदी का उद्गम होता है)। तावडू का किला, चन्देली झील, हिंडौरा का किला — नूंह में।
- संगेल झील (उजीणा झील भी कहते हैं)। कोटला झील — बाबरनामा किताब में इसका उल्लेख मिलता है।
- दोहरा मंदिर-नूंह — राष्ट्रीय धरोहर सूची में शामिल। शेख मूसा की मजार-नूंह।
- राजकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय-अकेड़ा गाँव। शहीद हसन खां मेवाती मेडिकल कॉलेज-नलहड़ (2012)।
- रावण का मेला-पुन्हाना, शिवरात्रि मेला-नलहड़, गांधी पार्क-पुन्हाना, सेठ चुहीमल का तालाब-नूंह, झूलती मीनारें-मेवात।
- सबसे ज्यादा लिंगानुपात वाला जिला — मेवात। सबसे कम साक्षरता दर वाला जिला — मेवात। सबसे कम शहरीकृत जिला — मेवात। प्रदेश में सबसे ज्यादा गैर-आबाद गांव की संख्या — मेवात।
- आजादी के बाद महात्मा गांधी हरियाणा में सबसे पहले घासेड़ा गांव (मेवात) में आए थे। मेवात विकास बोर्ड की स्थापना 1980 (अध्यक्ष — मुख्यमंत्री)।
- मरोडा गांव का नया नाम — ट्रम्प गांव। भारत का प्रथम मोबाइल/चल न्यायालय — 2007 (मेवात)। 1857 की क्रांति का नेतृत्वकर्ता — सदरुद्दीन।
- देश का पहला कंट्री क्लब — तावडू। भारत का पहला यूनानी कॉलेज — मेवात। बलबन ने मेवात के वन 1265 में कटवाए थे।
महान व्यक्तित्व
- सेठ चूहीमल — प्रसिद्ध नमक व्यापारी।
- हसन खां मेवाती — 1527 में खानवा के युद्ध में राणा सांगा के साथ मिलकर बाबर से लड़ाई लड़ी, जिसमें शहीद हो गए।
- शेख तैय्यब हुसैन — हरियाणा के एकमात्र ऐसे नेता जो तीन राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान) के मंत्री बने।
कुरुक्षेत्र जिला
इतिहास
डॉ. आर.सी. मजूमदार के मुताबिक, यह भारत में आर्यों के आप्रवासन से पहले भी एक धर्म-सांस्कृतिक केंद्र था (महाभारत काल व अन्य युगों की पूरी जानकारी हरियाणा का इतिहास में पढ़ें)। ज्योतिसर कुरुक्षेत्र-पेहोवा मार्ग पर थानेसर से पाँच किमी पश्चिम स्थित एक हिन्दू तीर्थ है — माना जाता है यहाँ भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था (‘ज्योति’ = प्रकाश, ‘सर’ = तालाब)। यहाँ के बरगद वृक्ष के नीचे कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश देकर अपना विराट रूप दिखाया था — वट वृक्ष के नीचे चबूतरे का निर्माण महाराजा दरभंगा ने करवाया था।
ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल
- शेख चिल्ली का मकबरा — थानेसर (कुरुक्षेत्र) में ऐतिहासिक परिसर; इसमें दो मकबरे, एक मदरसा, मुगल उद्यान व अन्य संरचनाएँ हैं। मुख्य मकबरा शेख चिल्ली को समर्पित; परिसर में मुगल राजकुमार दारा शिकोह से जुड़ी संरचनाएँ, एक मस्जिद व पुरातात्विक संग्रहालय भी है। 1958 में राष्ट्रीय धरोहर सूची में शामिल — इसे ‘हरियाणा का ताजमहल’ भी कहते हैं।
- सन्निहित सरोवर — कुरुक्षेत्र के कैथल मार्ग पर पिपली के पास पवित्र सरोवर; कहा जाता है यहाँ श्रीकृष्ण संग्रहालय के पास पांडवों ने सभी दिवंगतों की मुक्ति हेतु पिंड-दान किया था। भगवान विष्णु-लक्ष्मी का वास माना जाता है; यहाँ स्नान से भटकती आत्माओं को शांति मिलने की मान्यता है।
- तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर — भगवान विष्णु के रूप वेंकटेश्वर (बालाजी/गोविंदा/श्रीनिवासा) को समर्पित; तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी, आंध्र प्रदेश सरकार नियंत्रित) द्वारा संचालित।
- स्थानेश्वर महादेव मंदिर — थानेसर का प्राचीन शिव मंदिर; सामने छोटा कुंड, पौराणिक मान्यता कि इसकी बूँदों से राजा बान का कुष्ठ रोग ठीक हुआ था। ‘स्थाणु’ का अर्थ शिव का निवास; सम्राट हर्षवर्धन के राज्यकाल में शहर को राजधानी का गौरव मिला और नाम अपभ्रंश होकर ‘थानेसर’ हो गया।
- बिड़ला मंदिर — कुरुक्षेत्र, भगवान कृष्ण को समर्पित, निर्माण 1952; सफेद संगमरमर की हाथी मूर्तियाँ व कृष्ण-अर्जुन रथ, वेदव्यास-तुलसीदास के उद्धरण।
- नाभा हाउस — नाभा के शाही परिवार का धार्मिक कार्यक्रमों हेतु निवास; 2005 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा अपनाया गया।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- कालेश्वर तीर्थ (रामायण-रावण से संबंधित), पृथुदक तीर्थ-पेहवा (हरियाणा में सबसे ज्यादा पिंड दान), कुबेर तीर्थ (यक्ष द्वारा कुबेर यज्ञ, चैतन्य महाप्रभु से संबंधित), चन्द्रकुप तीर्थ (निर्माण युधिष्ठिर, हरियाणा का प्राचीन कुआ), आपगा तीर्थ, गौडिय मठ, कमलनाथ तीर्थ (ब्रह्मा जी की उत्पत्ति स्थल), नरकातारी तीर्थ-थानेसर, मारकण्डा तीर्थ, भीष्म कुंड व बाण गंगा तीर्थ (अर्जुन से संबंधित)।
- गुरुद्वारा छेवीं पातशाही (गुरु हरगोबिंद को समर्पित), राजघाट गुरुद्वारा (दसवें गुरु गोविंद सिंह को समर्पित), नौवीं पातशाही गुरुद्वारा-थानेसर (गुरु तेग बहादुर)।
- बाबा काली कमली वाले का डेरा (निर्माण विश्वानंद महाराज)। वाल्मीकि आश्रम — लक्ष्मणगिरी ने यहाँ जीवित समाधि ली थी; कमोथा स्थल भी वाल्मीकि आश्रम में है। भद्रकाली/देवीकुप — इसमें 51 शक्तिपीठ हैं।
- सूर्यग्रहण स्नान मेला-ब्रह्मसरोवर (अमावस्या के दिन)। सरस्वती महोत्सव-पेहवा। महावीर जयंती का मेला-लाडवा (मार्च माह)।
- मारकडेश्वर मन्दिर-शाहबाद। तिरुपति बालाजी, बिरला, दुख भजन, लक्ष्मीनारायण/नारायण, सर्वेश्वर महादेव मन्दिर — थानेसर/कुरुक्षेत्र में। अदिती मन्दिर-अमीन गाँव।
- कर्ण का किला व हर्ष का किला-थानेसर (नोट- कर्ण झील उचाना, करनाल में है)। कल्पना चावला तारामंडल-ज्योतिसर।
- पैराकिट-पीपली (NH-44), अंजन यात्रिका, नील क्रांति डैम, बीबीपुर झील — कुरुक्षेत्र में। सनिशा झील-अरणाय गाँव (सरस्वती-मारकंडा नदी का संगम)।
- KUK कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी-थानेसर (1956)। NIT राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (1963)। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय — देश का पहला आयुष विश्वविद्यालय।
- गुरुकुल — स्वामी श्रद्धानंद द्वारा 1911-12 में नींव रखी गई। कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र-24 जून 1991। जलबेहरा बैराज (मारकंडा नदी पर)।
- पीपली चिड़ियाघर (1982)। श्रीकृष्ण म्यूजियम (1987) — भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित भारत का सबसे बड़ा म्यूजियम। गुलजारी लाल नंदा संग्रहालय (2005)।
महान व्यक्तित्व
- रानी रामपाल — हॉकी खिलाड़ी, शाहाबाद; 2020 मेजर ध्यानचंद खेल रत्न प्राप्त करने वाली प्रथम भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी।
- संदीप सिंह — हॉकी खिलाड़ी, शाहाबाद; पेहवा से पूर्व विधायक व पूर्व खेल मंत्री; जीवन पर ‘सुरमा’ (2018) फिल्म बनी।
- रणजीत सिंह दयाल — अंडमान-निकोबार व पुदुचेरी के उप-राज्यपाल रह चुके हैं।
- नवजोत कौर, सुमन बाला, रीतु रानी (शाहाबाद) — हॉकी खिलाड़ी। रोहित सरदाना — न्यूज़ एंकर, कुरुक्षेत्र।
सोनीपत जिला
इतिहास
सोनीपत नाम संस्कृत शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है सुवर्णप्रस्थ (सोने की जगह)। एक लोकप्रिय परंपरा यह भी मानती है कि यह महाभारत में उल्लेखित पांच प्रस्थों (इंद्रप्रस्थ, पानीपत, तलपत, बाग्पत और सोनीपत) में से एक है, जो युधिष्ठिर ने दुर्योधन से मांगे थे — महाभारत में इसका ‘स्वर्णप्रस्थ’ रूप में उल्लेख है। शहर में ‘अब्दुल्ल नसीरुद्दीन की मस्जिद’ (1272 निर्मित), ‘ख्वाजा ख़िज्र का मक़बरा’ (1522/1525 ई. निर्मित) और पुराने किले के अवशेष हैं; यहाँ हिन्दुओं का बाबा धाम मंदिर प्रसिद्ध है। सोनीपत दिल्ली-अमृतसर रेलमार्ग पर स्थित है।
प्राचीन माँ काली मंदिर — सोनीपत में लगभग 6000 वर्ष पुराना मंदिर; कहा जाता है कुरुक्षेत्र युद्ध हेतु जाने से पहले पांडवों ने यहाँ प्रार्थना कर विजय का आशीर्वाद लिया था। पांडवों ने पास ही एक कुआँ भी बनवाया, जिसे ‘पांडव के बेल’ के नाम से जाना जाता है।
बढ़ खालसा — नौवें गुरु की शहादत बाद भाई जैता जी कटे सिर को लेकर आनंदपुर साहिब की ओर परिश्रमपूर्वक चले; यात्रा में रुकने को मजबूर होकर बढ़ खालसा (सोनीपत) में रुके थे।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- सतकुम्भा तीर्थ, रक्षाबंधन का मेला (श्रावण पूर्णिमा), बाबा रामकशाह मेला (फाल्गुन पूर्णिमा), सतकुम्भा का मेला-खेड़ी गुज्जर गांव, बाबा डेरा नाथ बालकनाथ का मेला-रमड़ा गांव — सभी सोनीपत में।
- गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा-सोनीपत। पीर जमाल की मजार व मामा-भांजा की दरगाह-गोहाना (दोनों हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक)। खिज्र खां का मकबरा — निर्माण इब्राहिम लोधी (पठान शैली)।
- चकौर पर्यटन स्थल, एथनिक इंडिया-राई, डाबर झील-मुरथल, अकबरी दरवाजा-बरेटा गांव, देहवाली झील-मुरथल — सोनीपत में।
- गोहाना का किला — निर्माण पृथ्वीराज चौहान, फिरोज शाह तुगलक ने इसे नष्ट कर दिया था। गुरु तेगबहादुर स्मारक-सोनीपत।
- पं. लख्मीचंद Art & Culture University-अटेरना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय-खानपुर कलां (2006)। भीम राव अम्बेडकर राष्ट्रीय Law University। OP जिंदल विश्वविद्यालय (2009)। मोतीलाल खेल विश्वविद्यालय-राई (2022, 1973 में यह स्पोर्ट्स विद्यालय बना था)।
- प्रदेश में राष्ट्रीय कुश्ती अकेडमी-सोनीपत। राजीव गांधी Education City-कुंडली। IIIT — स्थापना गांव किलोहड़ में 2014।
- शंभू नाथ का मंदिर-नहारी गांव। ब्रिटिश समय की तहसील — सोनीपत। प्रदेश में मशरूम/खुंबी उत्पाद हेतु प्रसिद्ध — सोनीपत।
- शेषशैय्या (काला नाग) पर लेटे भगवान विष्णु की मूर्ति-फिजिलपुर गांव। ककरोई सूक्ष्म जल विद्युत परियोजना-ककरोई गांव (पश्चिमी यमुना नहर पर)।
- देश की अत्याधुनिक हर्टिकल्चर फल-सब्जी मंडी-गन्नौर। प्रदेश में मसाला मंडी-सेरसा गांव। मारुति सुजुकी का तीसरा व सबसे बड़ा प्लांट-खरखौदा।
महान व्यक्तित्व
- बाबू मूलचंद जैन — सिकंदरपुर माजरा गाँव; ‘हरियाणा के गांधी’ नाम से प्रसिद्ध। अरुण जैमिनी — गोहाना, हास्य कवि।
- तांशी व नुंशी मलिक — पर्वतारोही; एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाली भारत की पहली जुड़वा बहनें। मेघना मलिक — अभिनेत्री। मिमांसा मलिक — पत्रकार (मेघना की बहन)।
- पं. लख्मीचंद — सांगी, जाटी कला गांव (1903-1945)। दीपचंद बहमन — सांगी, सिहरी खाण्डा गांव; ‘हरियाणा का कालीदास/शेक्सपियर’ कहा जाता है। पं. मांगेराम — सांगी, ‘कवि शिरोमणि’ नाम से प्रसिद्ध। बाजे भगत — सांगी, सिसाना गांव।
- मेजर होशियार सिंह — सिसाना गांव; हरियाणा के एकमात्र परमवीर चक्र (1972) विजेता। अनु कुमारी — बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ जिला ब्रांड एम्बेसडर।
- सुमित कुमार — फील्ड हॉकी, टोक्यो ओलंपिक 2020 कांस्य (भारतीय पुरुष हॉकी टीम)। सुमित अंतिल पुनिया — खेवड़ा गांव; टोक्यो पैरा-ओलंपिक 2020 जेवलिन थ्रो स्वर्ण।
- रवि दहिया — नाहरी गांव; टोक्यो ओलंपिक 2020 (57kg) रजत; मेजर ध्यानचंद खेल रत्न (2021)। योगेश्वर दत्त — भैसवाल गांव; राष्ट्रमंडल खेल 2010 स्वर्ण, लंदन ओलंपिक 2012 कांस्य।
- दीपा मलिक — भैंसवाल गांव; रियो ओलंपिक 2016 शॉटपुट रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी।
पानीपत जिला
इतिहास
पौराणिक कथा अनुसार पानीपत महाभारत काल में पांडवों द्वारा स्थापित पांच शहरों (प्रस्थ) में से एक था — ऐतिहासिक नाम पांडुप्रस्थ है।
पानीपत की पहली लड़ाई — 21 अप्रैल 1526, दिल्ली सुल्तान इब्राहिम लोदी व बाबर के बीच; बाबर की सेना ने इब्राहिम के एक लाख से ज्यादा सैनिकों को हराया — इस लड़ाई ने बहलोल लोदी द्वारा स्थापित ‘लोदी वंश’ समाप्त कर दिया।
पानीपत की दूसरी लड़ाई — 5 नवंबर 1556, अकबर व सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य के बीच; हेमचंद्र उत्तर भारत के राजा थे व हरियाणा के रेवाड़ी से संबंध रखते थे।
पानीपत की तीसरी लड़ाई — 1761, अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली व (पुणे के सदाशिवराव भाऊ पेशवा) मराठों के बीच; अब्दाली ने सदाशिवराव भाऊ को हराकर जीत हासिल की।
ऐतिहासिक स्थल
- सलार गंज गेट (बाब-ए-फैज़ गेट) — अर्थ ‘लाभ का दरवाजा’; 1737 ई. में नवाब सादिक द्वारा निर्मित; हैदराबाद के निजाम के प्रधानमंत्री सलार जंग की याद में नाम रखा गया।
- अली शाह कलंदर दरगाह — चिश्ती सिलसिले के संत शेख शराफुद्दीन बु अली कलंदर को समर्पित; लगभग 700 साल पुराना मकबरा; भीतर हकीम मुकरम खान व उर्दू कवि मौलाना अल्ताफ हुसैन हाली की कब्रें भी हैं।
- देवी मंदिर — देवी दुर्गा को समर्पित; मान्यता कि मूर्ति रातभर स्थानांतरित होने के बावजूद सुबह अपने मूल स्थान पर मिलती थी, इसलिए मंदिर उसी स्थान पर बनाया गया।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- देवी तालाब शिव मंदिर — पानीपत के तीसरे युद्ध बाद सरदार मंगल रघुनाथ ने बनवाया। जामा मस्जिद-पानीपत (हुमायूं के समय की)।
- समसुद्दीन का मकबरा, सैय्यद रोशन अली की दरगाह, आध्यात्मिक संग्रहालय, शेख अनाम अल्ला की मजार, इब्राहिम लोधी का मकबरा, शेख बु अलीशाह कलंदर की दरगाह — सभी पानीपत में।
- हेमू की समाधि-सैदापुर गांव। हाली की दरगाह/समाधि — अल्ताफ हुसैन हाली (ख्वाजा हाली भी कहते हैं), उर्दू कवि।
- काबुली बाग मस्जिद — पानीपत का प्रथम युद्ध जीतने बाद बाबर ने अपनी बेगम मुसम्मत काबुली के नाम पर बनवाई।
- पाथरी माता का मेला-पाथरी गांव। काला अम्ब स्मारक, स्काईलार्क पर्यटन स्थल, ब्लूजे पर्यटन स्थल-समालखा।
- नेशनल फर्टीलाइजर लिमिटेड (NFL), अमोनिया प्लांट — पानीपत में। इंडियन ऑयल रिफाइनरी-बाहौली गांव (1980 में शुरू, 1998 में IOC द्वारा अधिगृहीत)।
- पंचरंगा अचार हेतु प्रसिद्ध — पानीपत। प्रदेश का पहला जिला ऊर्जा पार्क-नौलथा गांव; जवाहर नवोदय विद्यालय भी नौलथा गांव में।
- देश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत — 22 जनवरी 2015, पानीपत से। प्रदेश का सबसे लंबा एलिवेटेड सड़क पुल (NH44) — पानीपत।
- प्रदेश का प्रथम अनाज व वस्त्र बैंक — पानीपत। भारतीय सेना को 75% कम्बलों का निर्यात — पानीपत जिला। हरियाणा का एकमात्र ऐसा जिला जिसका गठन 2 बार हुआ — पानीपत।
महान व्यक्तित्व
- नीरज चोपड़ा — खंडरा गांव (जन्म 24 दिसंबर 1997); भाला फेंक खिलाड़ी; टोक्यो ओलंपिक 2020 में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण जीता — अभिनव बिंद्रा के बाद विश्व-चैंपियनशिप-स्तर एथलेटिक्स स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय; पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत।
- आचार्य देवव्रत — पानीपत, गुजरात के राज्यपाल। दरिया सिंह मलिक — उम्राखेड़ी; चंद्रावल फिल्म में खूण्डा की भूमिका।
- साजिदा जैदी — उर्दू कवयित्री। देशबंधु गुप्ता — स्वतंत्रता सेनानी।
- अल्ताफ हुसैन हाली (1837-1914) — उर्दू कवि-लेखक, गुरु मिर्जा गालिब; 1904 में अंग्रेजों द्वारा ‘समसू उलेमा’ उपाधि।
- जाहनवी — ‘हरियाणा की वंडर गर्ल’ नाम से प्रसिद्ध। ख्वाजा अहमद अब्बास — फिल्म निर्देशक।
- अनूपचंद आफताब — हरियाणा के पहले राजकवि (उर्दू भाषा)। अवनी चतुर्वेदी — जेट फाइटर प्लेन उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला।
अम्बाला जिला
ऐतिहासिक स्थल
- लखनौर साहिब — यहाँ श्री गुरु तेग बहादुर जी की पत्नी और श्री गुरु गोविंद सिंह जी की माता ‘माता गुजरी’ का जन्म हुआ था।
- मंजी साहिब गुरुद्वारा — छठे गुरु हरगोबिंद व दसवें गुरु गोविंद सिंह द्वारा पवित्र किया गया शहर।
- अम्बिका माता मंदिर — अंबाला का नाम इसी देवी अम्बा के नाम पर है (देवी अम्बा, अंबिका, अंबलिका को समर्पित)।
- पंजोखरा साहिब गुरुद्वारा — गुरु हरकिशन को समर्पित। सेंट पॉल चर्च/गिरजाघर — 1965 भारत-पाक युद्ध में पाकिस्तानी वायुसेना ने बमबारी कर नष्ट किया था; उत्तर भारत का सबसे खूबसूरत चर्च।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- अम्बिका देवी मंदिर/देवी भवानी अंबा — निर्माण पांडवों ने कराया। गोगा नवमी का मेला-केसरी गाँव। वामन द्वादशी का मेला (भादो द्वादशी)।
- सुरजकुंड गुरुद्वारा, शीशगज गुरुद्वारा (गुरु तेग बहादुर को समर्पित), गुरुद्वारा श्री गोविंद पुरा साहिब — अम्बाला में।
- पीर नौगजा-NH44 (यहाँ घड़िया चढ़ाई जाती है)। फ्रोजन टियर शहीद स्मारक। सिरमौर का किला (निर्माता राजा कुलशन)।
- अंबाला छावनी-1843 (पहले करनाल की नीलोखेड़ी छावनी हुआ करती थी)। किंगफिशर रिसोर्ट (NH44) व पर्यटन स्थल — अम्बाला।
- महर्षि मारकण्डेय विश्वविद्यालय-मुलाना। महाराणा प्रताप विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र-नारायणगढ़ (नोट- मुख्य विश्वविद्यालय करनाल में है)।
- भवानी अम्बिका मंदिर, शारदा देवी का मंदिर, यूरोपियन क्रब्रिस्तान (1902), ओल्ड डाक बांग्ला, अशोक की लाट मीनार — अम्बाला में।
- वार हीरो मैमोरियल-अम्बाला कैंट; भारत के 35% वैज्ञानिक उपकरण अंबाला में बनते हैं। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पार्क-अम्बाला कैंट।
- शहीद स्मारक (22 एकड़) — 1857 की क्रांति में शहीद सैनिकों की याद में निर्माण। जवाहर नवोदय विद्यालय-कौलान गाँव।
- प्रदेश में सबसे ज्यादा वर्षा वाला जिला — अम्बाला। 1857 की क्रांति हरियाणा में सबसे पहले 10 मई 1857 को अम्बाला छावनी से शुरू हुई थी।
- कांग्रेस की पहली शाखा 1886 में राय बहादुर लाला मुरलीधर व मुंशी ज्वाला प्रसाद के सहयोग से अंबाला में स्थापित। 1909 में हरियाणा में क्रांतिकारियों का मुख्य केंद्र रहा; 1928 में साइमन कमीशन का सबसे पहला विरोध यहीं हुआ।
- हरियाणा में सबसे पहले डाक सेवा की शुरुआत अंबाला से हुई। प्रदेश का पहला वायुसेना स्टेशन (हवाई पट्टी) — 1948, अंबाला। उत्तरी रेलवे जोन का मंडल मुख्यालय — अम्बाला कैंट।
- नाथुराम गोडसे को फांसी — सेंट्रल जेल अम्बाला में, 15 नवम्बर 1949। अम्बाला बस स्टैंड हरियाणा का पहला बस अड्डा (1950), नाम — सुषमा स्वराज बस अड्डा। देश के प्रमुख सैन्य शहरों में से एक — अम्बाला।
महान व्यक्तित्व
- सुषमा स्वराज — अंबाला कैंट; 1977 में पहली बार विधायक, हरियाणा की सबसे कम उम्र में कैबिनेट मंत्री बनने वाली महिला; दिल्ली की पहली महिला मुख्यमंत्री; 2014-2019 केंद्र सरकार में विदेश मंत्री (दूसरी भारतीय महिला)।
- सुचेता कृपलानी — अंबाला; स्वतंत्रता सेनानी व राजनीतिज्ञ; भारत में किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री (UP, 1963-67)।
- उर्वशी बुटालिया — लेखिका व समाजसेविका; भारत के पहले नारीवादी प्रकाशन गृह ‘काली फॉर वीमैन’ व ‘जुबान बुक्स’ की स्थापना; 2011 पद्म श्री।
- पंकज बुटालिया — फिल्म निर्माता। जूही चावला — अभिनेत्री। नवनीत कौर ढिल्लों — भारतीय मॉडल। मनप्रीत कौर — शॉटपुट खिलाड़ी।
- स्वदेश दीपक — उपन्यासकार-लेखक। बिशम्बर नाथ कौशिक — लेखक। जोहराबाई — गजल गायिका। हंसराज बहल — संगीतकार।
- परिणिती चोपड़ा — अभिनेत्री। आशुतोष राणा — अभिनेता। ओमपुरी — अभिनेता।
गुरुग्राम जिला
प्रमुख आकर्षण बिंदु
- एकलव्य मंदिर-खांडसा गाँव। शीतला माता मन्दिर — निर्माण 1650 में राजा जहवार सिंह द्वारा; शीतला माता को माता कृपि/ललिता भी कहते हैं (कृपि देवी द्रोणाचार्य की पत्नी थीं)। मंदिर ट्रस्ट (1991) का प्रधान वर्तमान मुख्यमंत्री होता है; साल में 2 बार (चैत्र-आषाढ़) मेला लगता है; चेचक देवी रूप में पूजा व यहाँ बच्चों का मुंडन होता है।
- भक्त पूर्णिमल का मेला-कासन गाँव, नाग पूजा मेला-नांगल मुबारकपुर, बुद्धो का मेला-मुबारकपुर, गोगा नवमी का मेला-इस्लामपुर, बूढ़ी तीज का मेला-अलर्दुका।
- शाह चोखा का मेला-खोरी — मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे प्रसिद्ध मेला। गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा-सोहना।
- सराय अलीवर्दी की मस्जिद (निर्माण अलाउद्दीन खिलजी), चौमा मस्जिद, लोधी डामनेस्टी-सोहना, बेगम समरू का महल — गुरुग्राम में।
- शीशमहल-फर्रुखनगर — निर्माण फौजदार खां ने शाहजहां के समय किया; लाल किले की नकल। गोपालगिरी का किला-गुरुग्राम (निर्माण बलबन)। बादशाहपुर, फर्रुख नगर व सोहना के किले भी गुरुग्राम में।
- सारस रिसोर्ट, शमा पर्यटन स्थल, बारबेट पर्यटन स्थल — गुरुग्राम में। सुल्तानपुर पक्षी विहार/लेक बर्ड सेंचुरी-सुल्तानपुर।
- खलीलपुर झील, घाटा झील, डोहला/दोगला झील (सोहना), सोहना कुंड (गर्म पानी का चश्मा, चर्म रोग निवारक), बसई झील — गुरुग्राम में। दमदमा झील-सोहना — हरियाणा की सबसे बड़ी झील, क्षेत्रफल 3000 एकड़।
- उरुस्वती संग्रहालय, बेगम समरू का महल-झाड़सा गांव, भीमकुण्ड/पिनजोखेड़ा जोहड़ — गुरुग्राम में।
- Amity University-मानेसर। भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय-बिनौला (13 मई 2013; उद्घाटन डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा)। जवाहर नवोदय विद्यालय-फर्रुखनगर।
- इलेक्ट्रॉनिक्स-चीनी मिट्टी बर्तन, फार्मा उद्योग, सॉफ्टवेयर उद्योग, IC chips उद्योग, मारुति उद्योग (स्थापना 1970) — गुरुग्राम में। ऑटोमोबाइल उद्योग-मानेसर। बेनेटन (इटली) कंपनी — जूते, बैग, पर्स आदि।
- SCERT — राज्य शिक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (1979)। HIPA — हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (1983)। HREC — हरियाणा परिवहन अभियंत्री की निगम (1987)। IIPM — भारतीय पैट्रोलियम प्रबंधन संस्थान (1995)।
- NBRC — राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र-नैनवाल गांव, मानेसर (1997)। कमांडो ट्रेनिंग सेंटर-मानेसर (1984)। पर्यावरण प्रशिक्षण संस्थान-सोहना।
- सबसे अधिक साक्षरता दर, महिला साक्षरता दर व प्रति व्यक्ति आय वाला जिला — गुरुग्राम। प्रदेश की फूल मंडी — गुरुग्राम।
- Key-stone नॉलेज पार्क, उत्तर भारत का सबसे बड़ा तितली संरक्षण पार्क — गुरुग्राम में। प्रदेश का प्रथम CFL गांव-बिनौला (एशिया का प्रथम फोटोग्राफिक आर्ट सेंटर भी)।
- देश का सबसे ऊँचा Hydraulic Platform — गुरुग्राम। प्रदेश में सबसे पहले मेट्रो सेवा (2010) व एकमात्र रैपिड मेट्रो शहर (2013) — गुरुग्राम।
- स्टेट साइबर क्राइम का पहला पुलिस स्टेशन (2018)। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन का मुख्यालय (30 नवम्बर 2015)। देश में सॉफ्टवेयर बनाने में गुरुग्राम का स्थान — तीसरा।
- राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा पार्क। विंटेज कार रैली का प्रथम आयोजन-1964 (हर फरवरी सोहना में)। देश का प्रथम अनाज ATM-फर्रुखनगर। देश का प्रथम मॉडल कैरियर सेंटर (2016)। गुरुग्राम पुलिस कमिश्नरी की स्थापना (2008)।
महान व्यक्तित्व
- प्रीतम रानी सिवाच — हॉकी खिलाड़ी; 1998 अर्जुन पुरस्कार; 2002 कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण टीम की सदस्य; 2021 द्रोणाचार्य पुरस्कार।
- अनूप कुमार — कबड्डी खिलाड़ी। जोगिंदर राव — क्रिकेटर। राजकुमार राव — अभिनेता। निकुंज मलिक — अभिनेत्री। शिवानी — तैराकी खिलाड़ी।
- अयोध्या प्रसाद गोयलिया — उर्दू व हिंदी कवि। शेखर गेरा — प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट, पुस्तक ‘कारगिल कार्टून्स’। पायल राजपूत — अभिनेत्री।
रेवाड़ी जिला
प्रमुख आकर्षक स्थल
- श्याम बाबा छड़ी का मेला, बाबा सुरजगिरी का मेला — रेवाड़ी में। बसंत पंचमी का मेला-काढूवास।
- बावल का किला, मुक्ति की हवेली, बाबा भैरोनाथ का मंदिर, घन्टेश्वर मन्दिर, स्वामी शरणानंद का मंदिर, बाबा रघुनाथ का मंदिर — रेवाड़ी में। रामपुरा महल-रामपुरा। भगवत-भगवती आश्रम — स्वामी परमानंद को समर्पित।
- बारह हजारी मस्जिद व इब्राहिम बारह हजारी की मस्जिद — रेवाड़ी में। रेड मस्जिद (1570, अकबर के समय)। तुर्कियावास का मकबरा।
- रानी की ड्योढ़ी इमारत — निर्माण राजा राव नंदराम सिंह द्वारा। बागवाला तालाब — निर्माण 1801, राजा राव तेजसिंह। राव तेज सिंह तालाब भी उन्हीं द्वारा।
- हेमू की हवेली-कुतबपुरा गांव। जंगल बबलर पर्यटन स्थल-धारूहेड़ा (NH48 के पास)। सैंड पाइपर पर्यटन स्थल। बाबा सैय्यद समाधि का मेला। गोकलगढ़ का किला-गोकलगढ़।
- स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा विश्व की पहली गौशाला की नींव रेवाड़ी में रखी गई। इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय-मीरपुर (2013)। सैनिक स्कूल रेवाड़ी (प्रदेश का दूसरा, 2008)। जवाहर नवोदय विद्यालय-निचाना।
- HAID हिसार का क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र-बावल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान-मानेठी। हीरो-होंडा मोटर साइकिल उद्योग-धारूहेड़ा। तिल्ली जूती उद्योग।
- नंद सरोवर — निर्माण नंदराम अहीर। रेजांग-ला स्मारक — 1962 भारत-चीन युद्ध से संबंधित।
- प्रदेश में सबसे पहले आर्य समाज की शाखा — रेवाड़ी 1880 (स्वामी दयानंद सरस्वती)। सबसे ज्यादा भारतीय सेना भर्ती में शामिल युवा — कोसली क्षेत्र से।
- हरियाणा का प्रथम व देश का 5वां डिजिटल गांव — गुरावड़ा गांव। सबसे ज्यादा पुरुष साक्षरता दर वाला जिला — रेवाड़ी। दक्षिणी पुलिस रेंज का मुख्यालय — धारूहेड़ा।
- हरियाणा में सबसे पहले रेल सेवा — रेवाड़ी (14 फरवरी 1873)। प्रदेश में रेलवे स्टीम लोकोमोटिव म्यूजियम (1893)। भारत का सबसे पुराना भाप इंजन ‘फेरी क्वीन’ (निर्माण 1855) — रेवाड़ी में। बलराम की राजधानी — रेवाड़ी।
महान व्यक्तित्व
- राव तुलाराम — रामपुरा गाँव; 1857 की क्रांति के महान योद्धा, हरियाणा में 1857 की क्रांति के राजनायक कहलाते हैं; पुण्यतिथि (23 सितंबर) पर हरियाणा शहीद दिवस मनाता है।
- सर शादीलाल — पंजाब हाईकोर्ट (लाहौर) के प्रथम न्यायाधीश। बाबू बालमुकुंद गुप्त — गुडियानी गाँव; प्रसिद्ध हिंदी कवि; रचनाएँ भारत प्रताप, भारत मित्र, कोहिनूर, शिव शम्भु के चिट्ठे।
- कल्लन खां — संगीतज्ञ, गुडियानी गांव। मोनिका सोनी — संगीत, रेवाड़ी; ‘हरियाणा की लता मंगेशकर’।
- अल्हड़ बीकानेरी (श्यामलाल) — बीकानेर गांव; हास्य रस के प्रसिद्ध कवि।
- संतोष यादव — जोनियावास गांव; लगातार 2 बार (1992, 1993) माउंट एवरेस्ट चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला पर्वतारोही (नोट- अनीता कुंडू, हिसार, नेपाल व चीन दोनों तरफ से एवरेस्ट फतेह करने वाली प्रथम भारतीय महिला हैं)।
- शर्मिला देवी — हरियाणा रोडवेज बस की पहली महिला कंडक्टर बनने का गौरव।
पंचकुला जिला
इतिहास
पंचकुला शब्द संस्कृत के पंच (पांच) और कुला (नहरों) से मिलकर बना है — अर्थ “5 नहरों का शहर”। शहर की स्थापना 15 अगस्त 1995 को हुई। पंचकुला में मोरनी की पहाड़ियाँ हैं, जिसकी सबसे ऊँची चोटी (1,514 मीटर) करोह है — कुछ भाग वनों से ढका है, पास में खोल-हि-रैतान व बीर शिकारगढ़ वन्यजीव अभ्यारण स्थित हैं। यहाँ पालतू पशु चिकित्सा केंद्र व योग-प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र भी हैं। प्रसिद्ध टिक्करताल झील पंचकुला में है।
ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल
- नाडा साहिब गुरुद्वारा — शिवालिक तलहटी में घग्घर नदी तट पर; 1688 में भंगानी संग्राम के दौरान पोटा साहिब से आनंदपुर साहिब यात्रा करते हुए गुरु गोबिंद सिंह यहाँ रुके थे।
- मोरनी हिल्स — हरियाणा का एकमात्र हिल स्टेशन; ‘पहाड़ों की रानी’/’हरियाणा का छोटा नैनीताल’ भी कहते हैं; सबसे ऊँची चोटी करोह (1,514 मीटर)।
- पिंजौर गार्डन (मुगल गार्डन/यादवेन्द्र गार्डन) — निर्माण 17वीं शताब्दी में औरंगजेब के शासनकाल में फिदाई खान द्वारा; ‘उत्तर भारत का नंदनवन’ भी कहते हैं; पुनर्निर्माण पटियाला राजवंश के यादविंदर द्वारा।
- कैक्टस गार्डन — एशिया का सबसे बड़ा गार्डन, 2500 रसीले पौधों की प्रजातियाँ; स्थापना 1987, डॉ. जे.एस. सरकारिया; ‘नागफनी बगीचा’ भी कहते हैं; वर्तमान नाम ‘राष्ट्रीय कैक्टस सक्युलेंट बॉटानिकल गार्डन एंड रिसर्च सेंटर’।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- कालका देवी मन्दिर (नोट- कालका का मेला फरीदाबाद जिले में लगता है)। मनसा देवी मन्दिर — बोर्ड गठन 1991, अध्यक्ष मुख्यमंत्री। भीमा देवी मन्दिर/कॉम्पलेक्स-पिंजौर — ‘उत्तर भारत का खजुराहो’।
- काली माई का मेला-कालका (नवरात्रों पर)। आम मेला-पिंजौर गार्डन (शुरुआत 1992, हर जुलाई में)। गुरु मांजी साहिब गुरुद्वारा-पिंजौर।
- तकिया बनवा फकीर की दरगाह, पिंजौर का किला, जटायु यात्रिका, रेड बिशप, माउंटेन बटेर, बसोलन झील, अंतरराष्ट्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, नाहन कोठी — सभी पंचकुला में।
- रायपुर रानी का किला-पिंजौर। रामगढ़ का किला-पंचकुला (चंदेल राजपूत शासकों द्वारा निर्मित)। टिक्करताल झील — टिकर गाँव में कौशल्या बांध के समीप। जवाहर नवोदय विद्यालय-मोली।
महान व्यक्तित्व
- डॉ. सरदार अंजुम — उर्दू कवि।
- अरुणा आसफ/गांगुली — कालका; प्रसिद्ध लेखिका, पत्रकार व स्वतंत्रता सेनानी; भारत छोड़ो आंदोलन में मुम्बई के गोवालिया टैंक मैदान में झंडा फहराने वाली पहली भारतीय महिला।
- श्याम सुंदर — रामायण में सुग्रीव की भूमिका निभाने वाले कलाकार।
- अभिलाषा बराक — जेट फाइटर प्लेन उड़ाने वाली दूसरी भारतीय महिला। रेखा शर्मा — भारतीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष व हरियाणा राज्यसभा सदस्य।
- उषा शर्मा — पंचकुला (जन्म हिसार); चंद्रावल फिल्म की अभिनेत्री, जिसमें उन्होंने चंद्रावल का रोल निभाया।
यमुनानगर जिला
प्रमुख आकर्षण बिंदु
- चौ. देवीलाल प्राकृतिक औषधीय उद्यान-चुहड़पुर — 2001 में औषधीय पौधों के संरक्षण-प्रजनन हेतु हर्बल नेचर पार्क निर्मित।
- कलेसर वन्य जीव — 11570 एकड़ में फैला; मुख्यतः साल, खैर, शिशम, टुन, सेन, आमला के वृक्ष; भोंकने वाले हिरण, मॉनिटर छिपकली, लाल गर्दन के जंगली मुर्गे आदि।
- चनेटी ग्राम स्तूप/बौद्ध स्तूप-सुघ गाँव — यहाँ से अशोक स्तम्भ अवशेष भी मिले; राज्य की सबसे प्राचीन इमारत, अकबरी स्टाइल में प्रसिद्ध; गोल आकार का पुराना बौद्ध स्तूप; ह्वेनसांग अनुसार राजा अशोक द्वारा निर्मित।
- गुरुद्वारा कपाल मोचन-बिलासपुर (कार्तिक पूर्णिमा) — श्री गुरु गोविंद सिंह जी यहाँ 52 दिन रुके थे; ‘गोपाल मोचन’/’सोमसर मोचन’ भी कहते हैं।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- कागज मिल/पेपर मिल (बिल्ट) — 1929, प्रदेश की प्रथम कागज मिल; 1945 में अधिग्रहण। सरस्वती शुगर मिल (1933) — हरियाणा की पहली, एशिया की सबसे बड़ी शुगर मिल। भारत स्टार्च केमिकल्स लिमिटेड (1938) — मनके का स्टार्च तैयार होता है।
- जुड़वा शहर — यमुनानगर व जगाधरी। श्री कालेश्वर महादेव मठ-कलेसर, सूर्यकुण्ड-बिलासपुर, चित्रा मन्दिर/पंचमुखी हनुमान मंदिर, श्री कलेश्वर मन्दिर, नर नारायण गुफा, जैन मंदिर — यमुनानगर में।
- सुरजकुंड मंदिर — ‘हरियाणा का कोणार्क मंदिर’ भी कहते हैं। लकड़हारा मन्दिर, परशुराम मन्दिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर — जगाधरी में। आदिबद्री मंदिर-आदिबद्री।
- पंचमी मेला-छछरौली, हजरत शाह का मेला, अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव-आदिबद्री।
- बुढ़िया का किला-बुढ़िया गाँव (‘बीरबल रंग महल’ भी कहते हैं)। छछरौली/कलसिया का किला (‘रानी की खिड़की’ भी कहते हैं, राजा कलसिया द्वारा निर्मित)। लोहागढ़ का किला — बंदा बहादुर द्वारा स्थापित, सिखों की पहली राजधानी।
- हथीनीकुंड बैराज — ‘मछुआरों का स्वर्ग’। ग्रे पेलिकन पर्यटन स्थल, गरुड़ पर्यटन स्थल-आदिबद्री, मालगाड़ी का डीबा-जगाधरी।
- यमुना गैस केमिकल्स लिमिटेड (1973)। हरियाणा रेलवे कैरिज व वैगन वर्कशॉप (1952, जगाधरी)। गोला-बारूद डिपो, पीतल बर्तन (जगाधरी), गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज — यमुनानगर में।
- जवाहर नवोदय विद्यालय-गुलाब गढ़। ऋण मोचन तीर्थ-बिलासपुर। हाथी पुनर्वास संस्थान-बनसंतौर (यह स्थान राजा शांतनु की राजधानी भी था)।
- हरियाणा का एकमात्र जिला जिसकी सीमा तीन पड़ोसी राज्यों (हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश) से लगती है — यमुनानगर। हरियाणा में सबसे अधिक गांव व ग्राम पंचायतें — यमुनानगर।
- हरियाणा का एकमात्र हल्दी प्रोसेसिंग प्लांट — रादौर। सबसे अधिक गन्ने का उत्पादन — यमुनानगर। दूसरा सबसे ज्यादा वन क्षेत्र वाला जिला — यमुनानगर।
- हरियाणा का चेरापूंजी (अधिक वर्षा वाला स्थान) — छछरौली (नोट- अधिक वर्षा वाला जिला अम्बाला है)। हरियाणा में वन अनुसंधान संस्थान — यमुनानगर। सबसे अधिक लाल चेस्टनट मिट्टी — यमुनानगर।
महान व्यक्तित्व
- दर्शन लाल जैन — जगाधरी; सरस्वती नदी को पुनः जीवित करने का कार्य, 2019 में पद्म भूषण।
- कर्णम मल्लेश्वरी — वेटलिफ्टर (जन्म आंध्र प्रदेश, विवाह यमुनानगर में); ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी (सिडनी 2000, 69kg कांस्य); 1994 अर्जुन पुरस्कार, 1995 राजीव गांधी खेल रत्न, 1999 पद्म श्री।
- ओम प्रकाश गांधी — माधोबांस गांव; सामाजिक कार्यकर्ता (बालिका शिक्षा), 2022 पद्म श्री।
- सुनील दत्त — अभिनेता, मंडौली गांव; संजय दत्त के पिता। वेद गांधी — फिल्म निर्माता-निर्देशक। संजीव राजपूत — शूटर। दीपिका ठाकुर — हॉकी खिलाड़ी।
पलवल जिला
इतिहास
पलवल शहर का इतिहास ‘पलवासुर’ (पुलाम्बासुर) नामक राक्षस से जुड़ा है, जिसने पांडवों के समय यहाँ शासन किया था। बलराम (भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई) ने पुलाम्बासुर का वध किया था — इसकी स्मृति में हर साल ‘बलदेव छठ का मेला’ पलवल में लगता है; यहाँ बलराम को समर्पित मंदिर भी है।
ब्रिटिश काल में पलवल पंजाब प्रांत व गुड़गांव जिले का हिस्सा था। पलवल के कई लोगों ने 1857 के विद्रोह में भाग लिया — हयात अली और खैरत अली सहित 17 लोग शहीद हुए। हयात अली को घर से गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाकर फांसी दी गई; परिवार के सभी पुरुष सदस्यों को भी फांसी का आदेश दिया गया था।
गाँधी संग्रहालय — पलवल रेलवे स्टेशन के नजदीक; रॉलेट एक्ट के खिलाफ पंजाब जाते हुए महात्मा गांधी को यहीं 10 अप्रैल 1919 को गिरफ्तार किया गया था। इस याद को चिरस्थायी रखते नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 2 अक्टूबर 1938 को गांधी संग्रहालय की नींव रखी। गांधी सेवाश्रम में 1962 में गांधी प्रदर्शनी हुई थी।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- पंचवटी — अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने यहाँ विश्राम किया था। सती का स्थान-होडल। पंचवटी मंदिर-पलवल (यहाँ द्रौपदी घाट भी है)। बलराम व दाऊ जी का मन्दिर-बंचारी गाँव।
- मटिया का किला — शेरशाह सूरी के समय बना। होडल की सराय-होडल।
- किशोरी महल व बाराखम्बा छतरी-होडल — छतरी का निर्माण किशोरी के पिता काशीराम ने कराया; किशोरी स्मारक भरतपुर के जाट शासक सूरजमल द्वारा।
- डबचिक झील/रिसोर्ट-होडल (1975)। विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय-दुधोला गांव (2018, जापान सहयोग से)। पहला स्किल डेवलपमेंट स्कूल — पलवल।
- बाबा उपासनाथ जी का मंदिर-अलावलपुर गाव। फूलडोर का मेला-बंचारी गांव। जवाहर नवोदय विद्यालय-गडपुरी गांव। प्राचीन गुम्बद — पलवल।
महान व्यक्तित्व
- लाला मुरलीधर — जन्म पलवल; स्वतंत्रता सेनानी व हरियाणा के प्रथम पुरुष जेल सत्याग्राही; अम्बाला में कांग्रेस (1886) की पहली शाखा लाए। 1893 में राय बहादुर व 1904 में केसर-ए-हिंद उपाधि मिली, जिन्हें जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) के विरोध में लौटा दिया। ‘हरियाणा-पंजाब के ग्रैंड ओल्ड मैन’ कहलाते हैं।
- हरसुख राम व गफुर अली — स्वतंत्रता सेनानी। संत राम चंडी — संगीतकार। गोपाल शर्मा — आधुनिक विद्या निकेतन के संस्थापक। पंडित टिका राम शर्मा — प्रसिद्ध शिक्षाविद।
- हयात अली व खैरात अली — 1857 क्रांति में फांसी दी गई। सुनील लाम्बा — 23वें नौसेना प्रमुख (2016-2019)। सुधीर चौधरी — पत्रकार, होडल।
फरीदाबाद जिला
नाहर सिंह महल
बल्लभगढ़ में स्थित यह किला 1739 ई. के आसपास जाट राजा नाहर सिंह के पूर्वजों द्वारा बनाया गया, जिसके बाद बल्लभगढ़ का नाम रखा गया — पूर्ण निर्माण राजा नाहर सिंह द्वारा 1850 में हुआ। ‘राजा नाहर सिंह पैलेस’ भी कहलाता है; यहाँ अजीत व बल्लू नामक दो दरवाजे भी हैं। 1996 से हर नवंबर यहाँ वार्षिक कार्तिक सांस्कृतिक महोत्सव होता है।
प्रमुख आकर्षक स्थल
- शहीदों का गाँव-तिगांव (अमर शहीदों का गांव भी)। अनंगपुर धाम-अनंगपुर गाँव। दादा कान्हा रावत का मेला-बहोत गाँव।
- सूरजकुंड का मेला — सूरजकुंड झील का निर्माण अनंगपाल तोमर ने करवाया था। कालका का मेला-मोहना। शिव चौदस का मेला-फरीदाबाद।
- कार्तिक सांस्कृतिक मेला-बल्लभगढ़ (राजा नाहर सिंह पैलेस में 1996 से हर वर्ष)। गोगापीर मेला-बहबलपुर।
- अरावली गोल्फ मैदान/कोर्स, मेगपाई पर्यटन स्थल, राजहंस/हरमिटेज/सनबर्ड होटल — फरीदाबाद में।
- बड़खल झील (1947 निर्माण, 206 एकड़), धौज झील, बड़वाड़ी/खूनी झील, मयूर झील (सूरजकुंड से जुड़ी) — फरीदाबाद में। लेक व्यू पर्यटन स्थल-सूरजकुंड।
- राजा नाहर सिंह क्रिकेट स्टेडियम (निर्माण 1981)। सबसे कम क्षेत्रफल वाला जिला — फरीदाबाद। सबसे अधिक जनसंख्या व जनसंख्या घनत्व वाला जिला — फरीदाबाद (2442 व्यक्ति/वर्ग किमी)।
- हरियाणा में बजरी का सबसे ज्यादा निर्माण — फरीदाबाद। हरियाणा का दूसरा मेट्रो-संचालन वाला जिला — फरीदाबाद। उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर — फरीदाबाद। एशिया का सबसे बड़ा निजी अस्पताल — अमृता अस्पताल।
- 1857 की क्रांति के फरीदाबाद नेतृत्वकर्ता — धानू सिंह; बल्लभगढ़ नेतृत्वकर्ता — राजा नाहर सिंह। प्रदेश का पहला व सबसे बड़ा नगर निगम — फरीदाबाद (1994)।
- दिन की शुरुआत राष्ट्रगान से — मनकपुर गाँव। ग्लैडियोलस फूल का देश में सबसे ज्यादा उत्पादन — फरीदाबाद।
महान व्यक्तित्व
- अभिनव लोहान — गोल्फ खिलाड़ी। मोहित शर्मा, चेतन शर्मा, राहुल तेवतिया, अजय रात्रा — क्रिकेटर।
- सोनू निगम — गायक; पहला भजन ‘पूत के पाँव पालने में’, पहला एल्बम ‘बेवफा सनम’। ऋचा शर्मा — बॉलीवुड सिंगर। तुलिका गांगुली — सिंगर व रियलिटी शो। हिमानी कपूर — सिंगर।
- अणिमा सिन्हा — ताजपुर गांव; भारत की पहली दिव्यांग पर्वतारोही महिला। अनीसा सैय्यद — निशानेबाज। सिंहराज अधाना — पैरा ओलंपियन शूटर।
- सूरदास — सीही गांव; मुगल शासक अकबर के समकालीन, ब्रज भाषा के कवि; संगीत शिक्षा संत हरिदास से, दर्शनशास्त्र शिक्षा संत वल्लभाचार्य से; रचनाएँ — ब्यालो, साहित्य लहरी, सूरसावली, सूरसागर।
झज्जर जिला
प्रमुख आकर्षक स्थल
- भीमेश्वरी देवी का मन्दिर व रुद्रमल मंदिर-बेरी गाँव। भीमेश्वरी माता का मेला-बेरी गांव (नवरात्रों में; नोट- बेरी गाँव को मंदिरों का गाँव कहते हैं)।
- डीघल का शिवालय — धनीराम साहूकार ने निर्माण किया। कुतानी का ठाकुर द्वार मन्दिर-कुतानी गांव।
- बुढ़ा बाबा का मेला-आसोदा गाँव, गुगा नवमी का मेला-बादली, श्यामजी का मेला-दुबलधन माजरा, बाबा गनतीदास/गरीबदास का मेला-छुड़ानी।
- काजी मस्जिद-दुजाना गांव — सफेद पत्थरों का प्रयोग, सीढ़ियाँ कुतुबमीनार जैसी। बुआ का गुम्बद-झज्जर। गौरिया पर्यटन-बहादुरगढ़।
- भिण्डावास झील — भिण्डावास वन्यजीव अभयारण में; सुंदर झील हेतु प्रसिद्ध; 1985 में वन्य आरक्षित क्षेत्र, 2009 में पक्षी अभयारण घोषित। हरियाणा की सबसे बड़ी वेटलैंड आर्द्रभूमि भी यही है।
- AIIMS-II-बाढ़सा — हरियाणा का पहला कैंसर संस्थान, नींव 2014। मातनहेल सैनिक स्कूल (2018)। हिन्दी माध्यम की पहली पाठशाला — झज्जर (1914)।
- हरियाणा में सबसे बड़ा पशुओं का मेला — जहाजगढ़ (झज्जर)। प्रतापगढ़ फार्म, रतनगढ़ फार्म — झज्जर में। पारले-जी बिस्कुट उद्योग-बहादुरगढ़। जवाहर नवोदय विद्यालय-कलोई।
- हरियाणा का सबसे पुराना झज्जर पुरातात्विक संग्रहालय — ओमानंद जी सरस्वती द्वारा (निर्माण 1959)। पतली गर्दन के घड़े (सुराही) व चंदन की नक्काशी हेतु प्रसिद्ध — झज्जर।
- जहाँआरा बाग खेल स्टेडियम — नया नाम महर्षि दयानंद सरस्वती के नाम पर। पशुधन बीमा योजना की शुरुआत झज्जर से (ओम प्रकाश धनकड़ द्वारा 29 जुलाई 2016)।
- हरियाणा का प्रवेश द्वार — बहादुरगढ़ (प्राचीन नाम शराफाबाद)। झज्जर एकमात्र जिला जिसके नाम पर आरक्षित सीट है। राज्य का प्रथम परमाणु विश्वविद्यालय-जसौर खेड़ी गाव।
- सनातन धर्म की हरियाणा में पहली शाखा — झज्जर (1886)। प्रदेश का सबसे बड़ा बस स्टैंड व प्रथम जिला अदालत (1919) — झज्जर में। भूकंप मापन केंद्र-बहादुरगढ़।
महान व्यक्तित्व
- श्री राम शर्मा — ‘ओल्ड मैन ऑफ हरियाणा’; स्वतंत्रता सेनानी-लेखक, 1923 में उर्दू (1929 हिंदी) में ‘हरियाणा तिलक’ पत्रिका निकाली।
- मनु भाकर — गौरिया गांव; निशानेबाज; ओलंपिक 2024 में 2 कांस्य पदक — एक ही ओलंपिक में 2 पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला।
- सुनील डबास — कबड्डी कोच; 2012 द्रोणाचार्य पुरस्कार; प्रथम भारतीय महिला जिन्हें द्रोणाचार्य के साथ पद्म श्री भी मिला।
- दलबीर सुहाग — विसनवास गांव; भारत के पूर्व थल सेना 25वें अध्यक्ष। रिसालदार बदलू सिंह — दाकला गांव; प्रथम विश्व युद्ध में विक्टोरिया क्रॉस। कैप्टन उमराव — पलड़ा गांव; द्वितीय विश्व युद्ध में विक्टोरिया क्रॉस।
- दीपक पुनिया — कुश्ती, छारा गांव; कॉमनवेल्थ गेम (बर्मिंघम) 2022 स्वर्ण।
- वीरेंद्र सहवाग — छुड़ाणी गांव; भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान; ‘मुल्तान का सुल्तान’, ‘नजफगढ़ का नवाब’, ‘विस्फोटक बल्लेबाज’ कहलाते हैं।
- बजरंग पूनिया — खुंडन गांव; टोक्यो ओलंपिक 2020 (65kg) कांस्य; विश्व रेसलिंग पदक जीतने वाले एकमात्र भारतीय कुश्ती खिलाड़ी।
- नवीन डागर — एथलीट। कनिष्का धनखड़ — मिस इंडिया रह चुकी हैं। बस्तीराम — प्रसिद्ध आर्य समाजी। दीक्षा डागर — गोल्फ खिलाड़ी, छापरा गांव; 2024 अर्जुन अवार्ड।
- संत गरीबदास — छुड़ाणी गांव; राम और रहीम को एक बताया।
कैथल जिला
इतिहास
पुराण-कथा अनुसार राजा युधिष्ठिर ने महाभारत युग में कैथल की स्थापना की थी। इतिहासकारों का मानना है कि कैथल का नाम कपिस्थल (“बंदरों की जगह”) से बना है। पुराण अनुसार भगवान हनुमान का जन्म कैथल में हुआ था — ‘अंजनी का टिल्ला’ यहीं है, माता अंजनी के नाम पर।
कैथल रियासत की स्थापना भाई गुरबख्श सिंह ने की; उत्तराधिकारी भाई देसा सिंह ने अफगानों से इसे छीना। पुत्र भाई लाल सिंह ने अंग्रेजों को आत्मसमर्पण किया। सबसे बड़े बेटे प्रताप सिंह की 1818 में मृत्यु बाद भाई उदय सिंह ने सिंहासन संभाला और 1843 तक निर्बाध शासन किया — वे अंतिम राजा सिद्ध हुए; 14 मई 1843 को निधन हो गया।
13 अक्टूबर 1240 को इल्तुतमिश की बेटी रज़िया स्थानीय लोगों द्वारा कैथल में मारी गईं — रज़िया सुल्तान का मकबरा भी कैथल में है। प्रसिद्ध चीनी तीर्थयात्री ह्वेनसांग और फाह्यान ने कुरुक्षेत्र के साथ कैथल का भी दौरा किया था।
नवग्रह कुंड — महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के हाथों नवग्रह यज्ञ करवाकर इनका निर्माण करवाया — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु कुंड; इन्हीं के स्नान-महत्व से कैथल को ‘छोटी काशी’ कहा जाता है।
ग्यारह रुद्री शिव मंदिर — महाभारत काल में अर्जुन ने यहाँ शिव को प्रसन्न कर पाशुपतास्त्र प्राप्त किया था। मीरा नोबहार पीर की मजार (गुहला चीका) — 960 वर्ष पुरानी बताई जाती है; बाबा मीरा को ‘बड़ा पीर’ कहा जाता है।
जिले के अन्य मुख्य बिंदु
- कपिल मुनि आश्रम/मंदिर-कलायत। हनुमान वाटिका-कैथल। प्राचीन ईंटों का मंदिर-कलायत। प्राचीन खंडेश्वर मेला-मटौर गांव। अम्बेश्वर मंदिर-कैथल।
- पुण्डरीक सरोवर-पुंडरी — कहा जाता है इसका पानी सतयुग से आज तक नहीं सूखा। बिदक्यार झील, थेह पोलर पुरातात्विक स्थल — कैथल में।
- रज़िया सुल्तान का मकबरा, अल्तूनिया का मकबरा, अंजनी का टीला/मंदिर, बालू का टिब्बा, शाह कमाल की मजार — कैथल में।
- कोयल रिसोर्ट, शेख तैय्यब का मकबरा — कैथल में। लवकुश तीर्थ-मुंदई गांव। देहाती मेला-बाबा लदाना गांव (यहाँ बाबा लदाना तीर्थ स्थल भी)।
- अरनौली का किला-अरनौली। भाई उदय सिंह का किला-कैथल। फल्गु तीर्थ मेला-फरल गांव (सोमवती अमावस्या पर)।
- गुरुद्वारा मंजी साहिब — गुरु हरगोविंद व गुरु गोविंद सिंह को समर्पित। गुरुद्वारा नीम साहिब-डोगरा गेट (गुरु तेग बहादुर को समर्पित)। टोपियों वाला गुरुद्वारा — यहाँ गुरु ग्रंथ साहिब व रामायण दोनों साथ पढ़े जाते हैं। गीता मंदिर — पुंडरीक तीर्थ पर।
- महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय-मुंडड़ी गांव — प्रदेश की प्रथम व एकमात्र संस्कृत यूनिवर्सिटी। नीलम यूनिवर्सिटी-कैथल। जवाहर नवोदय विद्यालय-तितरम।
- प्रदेश में सबसे ज्यादा चावल की किस्म वाला जिला — कैथल। बाबर के खिलाफ 1530 ई. में विद्रोह के नेतृत्वकर्ता — मोहन सिंह मंढार।
- सरस्वती वन्यजीव अभयारण्य — हिरणों के लिए प्रसिद्ध, ‘सोनसर जंगल’ भी कहते हैं। कैथल का विद्रोह — 1843 (गुलाब सिंह व साहिब कौर)।
- प्रदेश में घूँघट प्रथा का विरोध — चौशाला गांव। महाराजा सूरजमल जाट स्टेडियम — कैथल।
महान व्यक्तित्व
- बलवंत सिंह — वॉलीबॉल। मनीषा मौन — बॉक्सर।
- मनोज कुमार — बॉक्सर; कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 (दिल्ली) स्वर्ण, 2014 अर्जुन पुरस्कार। ममता सौदा — पर्वतारोही। मधु शर्मा — गायिका। कंवल हरियाणवी — कवि।
- हरविंदर सिंह — (जन्म 25 फरवरी 1991), भारतीय पैरा-ओलंपिक तीरंदाज; 2024 पेरिस स्वर्ण व 2020 टोक्यो कांस्य (पुरुष एकल तीरंदाजी) — भारत के पहले पैरा-ओलंपिक तीरंदाजी स्वर्ण-कांस्य पदक; 2025 पद्म श्री।
हांसी जिला
इतिहास
हांसी का इतिहास बहुत पुराना है। अंग्रेजों ने उत्तरी भारत पर कब्जे बाद राजस्व-खर्च घटाने हेतु छोटे जिलों को मिलाकर बड़े जिले बनाए — माना जाता है 1870-80 के मध्य हिसार जिला बना दिया, और हांसी-फतेहाबाद-सिरसा आदि इलाकों में बैठकर हिसार में राज होने लगा। आयरलैंड से आए जॉर्ज थॉमस ने हांसी को राजधानी बनाया था। गुरु गोविंद सिंह भी 1705 में हांसी आए और जनता को मुगल शासन के विरुद्ध विद्रोह हेतु प्रेरित किया। 1707 में बाबा बंदा सिंह बहादुर ने हांसी पर आक्रमण किया। 1736 में हांसी मराठा शासन में आया और 1761 में पानीपत के तीसरे युद्ध बाद अहमद शाह अब्दाली के हाथों चला गया।
जॉर्ज थॉमस — आयरिश भाड़े का सैनिक, साधारण नाविक से जागीरदार बना — ने हांसी को राजधानी बनाया (1797 ई.)। 1802 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने हांसी पर कब्जा किया। 1819-32 तक हांसी जिला मुख्यालय था, जिसे 1832 में हिसार स्थानांतरित किया गया।
हांसी आप्या व दृषद्वती नदी के संगम पर बसी नगरी है। कुषाण काल में मध्य एशिया के देशों तक हांसी से व्यापार होता था। वैदिक काल से राजपूत काल तक यह हिन्दुओं का पवित्र नगर रहा; सूफी संतों का पवित्र शहर बनने से इसे ‘हांसी शरीफ’ कहा गया। किंवदंती अनुसार यहाँ श्रेष्ठ तलवारें बनती थीं — असि: (तलवार) के लिए विख्यात इस स्थान का नाम आसिगढ़ था, जो कालांतर में असिका फिर हांसी हो गया।
ऐतिहासिक स्थल
- पृथ्वीराज चौहान का दुर्ग — निर्माण पृथ्वीराज चौहान के चचेरे चाचा राय पीथोरा द्वारा; कहा जाता है यह दुर्ग पृथ्वीराज को भेंट स्वरूप मिला था, जिसे मोहम्मद गोरी ने बाद में ध्वस्त कर दिया। 1857 में ब्रिटिश सेना की छावनी व जेल रहा — हिसार जिले में 1857 की जनक्रांति का बिगुल सर्वप्रथम 29 मई को हांसी में बजा था। 1982 में इस किले में जैन तीर्थंकरों की 57 अष्टधातु प्रतिमाएँ मिलीं।
- बड़सी दरवाजा — हरियाणा की शान, राष्ट्रीय स्तर के स्मारकों में से एक; शिलालेख अनुसार अलाउद्दीन खिलजी ने सन् 1302-3 ई. में इसका निर्माण करवाया।
- दरगाह चार कुतुब — शहर के पश्चिम में; जमालुद्दीन (1187-1261), बुरहानुद्दीन (1261-1300), कुतुबउद्दीन मुनव्वर (1300-1303), रूकनुद्दीन (1325-1397) — चारों महान सूफी संत, ‘कुतुब’ का दर्जा प्राप्त। मान्यता है यह उसी स्थान पर है जहाँ बाबा फरीद ध्यान-प्रार्थना करते थे; उत्तरी दिशा में गुंबद का निर्माण सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने करवाया। मुगल बादशाह हुमायूं ने सल्तनत खोने पर यहाँ आकर दुआ की थी।
- अली मीर तिजारा का मकबरा — दरगाह चार कुतुब परिसर में; मीर अली उर्फ आलम, जमालुद्दीन के शिष्य थे, अपने गुरु के लिए यह मकबरा बनवाया पर असामयिक मृत्यु से स्वयं यहीं दफनाए गए।
- चार दीवान-एक दीवान — चार कुतुब परिसर में स्थित स्मारक; चार छतरियों को ‘चार दीवान’ और एक को ‘एक दीवान’ कहा जाता है।
- राखीगढ़ी — ‘राखी’ (दृषद्वती नदी का अन्य नाम) + ‘गढ़ी’ से बना नाम। धौलावीरा (कच्छ, गुजरात) के बाद हड़प्पा सभ्यता का विशाल स्थल; दिल्ली के पश्चिम-उत्तर में 130 किमी दूर, विलुप्त सरस्वती (दृषद्वती) नदी के पास नारनौंद तहसील में स्थित। यहाँ मूलतः पाँच (वर्तमान में 7) विशाल थेह हैं; खुदाई में योजनाबद्ध नगर-व्यवस्था, रिहायशी घर (कमरे, रसोई, स्नानघर), सड़कें, अनाज-बर्तन, जल-निकासी व नगर-नाकाबंदी के अवशेष मिले हैं — अंतरराष्ट्रीय पुरातात्विक महत्व के कारण विश्व हेरिटेज सूची में शामिल।
प्रमुख आकर्षक स्थल व अन्य मुख्य बिंदु
- बाबा लालदास धाम-डाटा गांव। काली देवी का मंदिर, ब्लैक बर्ड पर्यटन स्थल — हांसी में। बुआ कुंवारी का मंदिर-कंवारी गांव। मुर्रा भैंस अनुसंधान केंद्र-खांडा खेड़ी गांव।
- पंचकुला, चरखी दादरी और हांसी — इन तीन जिलों में विधानसभा की केवल 2-2 सीटें हैं। रोहतक, चरखी दादरी और हांसी की सीमा किसी अन्य राज्य से नहीं लगती।
- बलबन हांसी का इक्तेदार रहा। जैन मूर्तियाँ रानीला (दादरी) और हांसी से प्राप्त हुई हैं। हांसी में क्रांतिकारी लाल सड़क — जहाँ क्रांतिकारियों को बोल्डोजर के नीचे कुचला गया था।
- हरियाणा का जनसंख्या में सबसे छोटा जिला — हांसी (2011 जनगणना अनुसार पंचकुला 5.61 लाख, हांसी 5.41 लाख)। हांसी के पहले DC — राहुल नरवाल।
- हांसी हिसार से केवल 25 किमी दूर पहला ऐसा जिला है (दूरी के हिसाब से दूसरे नंबर पर चरखी दादरी, भिवानी से 29 किमी)। प्राचीन अमेठी/आमटी का तालाब/झील — हांसी। पूरे हरियाणा में प्रसिद्ध पेड़े — हांसी।
- हांसी का युद्ध 1037 ईस्वी में हुआ, जिसमें मसूद ने कुमारपाल को हराया। 1857 की क्रांति का नेतृत्व हुकमचंद जैन और मुनीर बेगम ने किया। जॉर्ज थॉमस ने हांसी को 1797 ई. में राजधानी बनाया।
- अति प्राचीन गौशाला शालाडेरी-डाटा गाँव। हांसी को पुलिस जिला 2017 में बनाया गया; नगरपालिका 1867 में बनी थी। जमदग्नि ऋषि — राखीगढ़ी से संबंधित।
- हांसी में सिंचाई — बरवाला नहर व सुंदर लिंक नहर से। राष्ट्रीय राजमार्ग — NH09 व NH148B। हांसी के पाँच मुख्य द्वार — बड़सी गेट, दिल्ली गेट, उमरा गेट, गोसाई गेट, हिसार गेट।
महान व्यक्तित्व
- मीनू रानी — पर्वतारोही, डाटा गांव। स्वीटी बुरा — बॉक्सर, घिराय गांव। रामकृष्ण व्यास — सांगी, नारनौंद।
- हरगोविंद खुराना — वैज्ञानिक, नारनौंद; नोबेल पुरस्कार से सम्मानित।
- चंदगीराम — कुश्ती व फिल्म अभिनेता, अर्जुन अवार्डी, जन्म सिसाय गांव; बैंकॉक एशियन खेल (1970) स्वर्ण।
- लाला हुकमचंद जैन व मुनीर बेगम — 1857 की क्रांति के क्रांतिकारी। कैप्टन अभिमन्यु व आजाद सिंह — खांडा खेड़ी गाँव। मल्लिका शहरावत — मोठ गाँव।
- पूजा ढांडा — रेसलर, बुडाना गांव; कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 (57kg) रजत।
- जस्टिस सूर्यकांत — पेटवाड़ गाँव (जन्म 10 फरवरी 1962); भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश, कार्यकाल नवम्बर 2025 से फरवरी 2027 तक।
हांसी की कुल ग्राम पंचायतें (110)
हांसी शहर, अनीपुरा, बड़ाला, बांडा हेड़ी (मुंढाल), बाडा जगा, बड़छपर, बास आजमशाहपुर, बास अकबरपुर, बास बादशाहपुर, बास खुर्द बिजान, भकलाना, भैणी अमीरपुर, भाटला, भाटोल जाटान, भाटोल रागडान, बीड़ हांसी, बुडाना, चानोत, डाटा, दयाल सिंह कॉलोनी, दैपल, धामियां, ढाणा खुर्द, ढाणा कलां, ढंढेरी, ढाणी ब्राह्मणान माजरा राजपुरा, ढाणी गुजरान, ढाणी केंदु, ढाणी कुम्हारान, ढाणी कुन्दनपुर, ढाणी पाल, ढाणी पीरान, खेड़ा रागडान, खेड़ी गगन, खेड़ी जालब, खेड़ी लोचब, खेड़ी रोज व खेड़ी श्योराण, किन्नर, कोथ कलां, कोथ खुर्द, कुलाना, कुम्भा, कुतुबपुर, लालपुरा, लोहारी राघो, मदन हेड़ी, माढ़ा, मैहंदा, महजद, माजरा, मामनपुरा, मसूदपुर, मिलकपुर, मिर्चपुर, मोहला, मोठ करनैल साहब, मोठ रांगडान, मुजादपुर, नाडा, नारनौंद, नारनौंद औंगशाहपुर, पाली, पेटवाड़, प्रेमनगर, ढाणी पीरावाली, ढाणी पुरिया, ढाणी राजू, ढाणी सकरी, ढाणी ठाकरिया, धर्म खेड़ी, गढ़ी, गढ़ी अजीमा, गामड़ा, घिराय, गुराना, हैबतपुर, हाजमपुर, जमावड़ी, जामनी खेड़ी, जीतपुरा, कागसर, कंवारी, कापड़ो, खाण्डा खेड़ी, खानपुर, खरबला, खरकड़ा, पुट्ठी मंगलखां, पुट्ठी समेण, राजपुरा, राजथल, राखी खास, राखी शाहपुर, रामायण, रामपुरा, रोशन खेड़ा माजरा खरबला, सैनीपुरा, शेखपुरा, सिंघर, सिंघवा खास, सिंघवा राघो, सीसर, सिसाय बोलान, सिसाय कालीरावण, सोरखी, सुलचानी, सुल्तानपुर, थुराना, उगालन, उमरा।
हरियाणा GK के बाकी सभी चैप्टर यहाँ पढ़ें — Haryana GK Chapter Wise
| District | Notes | |
|---|---|---|
| अंबाला | Click Here | Click Here |
| गुरुग्राम | Click Here | Click Here |
| हिसार | Click Here | Click Here |
| जींद | Click Here | Click Here |
| करनाल | Click Here | Click Here |
| महेंद्रगढ़ | Click Here | Click Here |
| रोहतक | Click Here | Click Here |
| भिवानी | Click Here | Click Here |
| कुरुक्षेत्र | Click Here | Click Here |
| सोनीपत | Click Here | Click Here |
| फरीदाबाद | Click Here | Click Here |
| सिरसा | Click Here | Click Here |
| पानीपत | Click Here | Click Here |
| कैथल | Click Here | Click Here |
| रेवाड़ी | Click Here | Click Here |
| पंचकूला | Click Here | Click Here |
| यमुनानगर | Click Here | Click Here |
| फतेहाबाद | Click Here | Click Here |
| झज्जर | Click Here | Click Here |
| नूंह / मेवात | Click Here | Click Here |
| पलवल | Click Here | Click Here |
| चरखी दादरी | Click Here | Click Here |
| हांसी | Click Here | Click Here |
23 District of Haryana GK Notes
| Haryana GK Quiz Test | Click Here |
| Computer Notes | Click Here |

