हरियाणा के हिसार (Hisar District Haryana GK Notes) की पूरी जानकारी हिंदी में पढ़ें। हिसार का परिचय, गठन, मुख्यालय, इतिहास, मानचित्र और महत्वपूर्ण तथ्य एक ही स्थान पर।
Table of Contents
हिसार जिला एक नजर में
- जिले की स्थापना – 1 नवम्बर 1966
- शहर की स्थापना – 1354 ई. (फिरोज शाह तुगलक)
- हिसार का अर्थ – किला या घेरा
हिसार अरबी या फारसी भाषा का शब्द है। - क्षेत्रफल – 2633.24 वर्ग किलोमीटर
NOTE: 1349.76 वर्ग किलोमीटर हांसी को दिया गया है। - प्राचीन नाम – फिरोजा ए हिसार, सुगंधक (अष्टाध्यायी में वर्णन)
- उपनाम – मैगनेट सिटी, स्टील/इस्पात सिटी, जिंदल नगरी
- विधान सभा क्षेत्र – हिसार, उकलाना (आरक्षित), बरवाला, नलवा, आदमपुर
- तहसील – (हिसार, बरवाला, आदमपुर)
- उप तहसील – (उकलाना, बालसमंद)
इतिहास –
पंजाब केसरी लाला लाजपत राय ने सन 1886 से 1892 तक हिसार को अपनी कर्मभूमि बनाया। वहीं स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश की महान विभूतियों जैसे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, पण्डित जवाहर लाल नेहरू, पण्डित मदन मोहन मालवीय तथा श्रीमती सरोजिनी नायडू ने इस ऐतिहासिक नगर में आकर अनेक जनसभाओं को संबोधित किया। हालांकि इस नगर की जलवायु शुष्क है और यहां का तापमान गर्मियों में 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय
लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना 1 दिसम्बर 2010 को की गई। इस विश्वविद्यालय के नये परिसर का निर्माण 300 एकड़ भूमि खण्ड पर किया जा रहा है।
श्री दिगम्बर जैन मंदिर
नागोरी गेट में स्थित इस प्रसिद्ध जैन मंदिर का निर्माण सन 1820 में किया गया।
शिखर दुर्ग अग्रोहा
सन 1777 में महाराजा पटियाला के दीवान नानूमल द्वारा अग्रोहा टीले पर नगर की रखवाली व सुरक्षा के लिए बनवाया गया।
अग्रोहा धाम
ऐसी मान्यता है, कि अग्रोहा किसी समय महाराजा अग्रसेन के राज्य की राजधानी था। अग्रोहा धाम में महाराजा अग्रसेन, कुलदेवी महालक्ष्मी, शक्ति शीला माता मंदिर, मां वैष्णो देवी मंदिर, वीणा वंदिनी सरस्वती मंदिर, हनुमान मंदिर, 90 फुट ऊंची भगवान महावीर की प्रतिमा, महाराजा अग्रसेन का प्राचीन मंदिर, भैरो बाबा का मंदिर, बाबा अमरनाथ की गुफा, हिमानी शिवलिंग, तिरुपति की भव्य मूर्ति एवं शक्ति सरोवर इत्यादि धार्मिक दर्शनीय स्थल हैं। भाद्रपद अमावस्या को यहां बड़ा मेला लगता है। अग्रवाल समाज इसे अपना पांचवां धाम मानते हैं।
लघु सचिवालय
हिसार-राजगढ़ मार्ग पर स्थित आधुनिक एवं भव्य चार मंजिला लघु सचिवालय भवन का निर्माण सन 1978 में किया गया था।
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र
अश्वों के स्वास्थ्य एवं उत्पादन के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र की स्थापना सातवीं पंचवर्षीय योजना (7-1-1986) के अन्तर्गत हिसार में की गई। यह संस्थान अश्वों की प्रमुख बीमारियों के उपचार तथा जैविक विकास हेतु भी कार्य कर रहा है।
केन्द्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान
इस संस्थान की स्थापना 1 फरवरी, 1985 को की गयी। यह संस्थान भैंसों के सुधार के लिए जीव कोशिका संरक्षण, संतुलित आहार, चारा क्षेत्र का विकास, प्रजनन योग्यताओं में बढ़ोतरी, दूध, मांस तथा खाल के स्वास्थ्य प्रबन्धन आदि पहलुओं पर अनुसंधान करता है।
उत्तरी प्रादेशिक फार्म मशीनरी प्रशिक्षण एवं जांच संस्थान
यह केन्द्र सन 1963 में एक प्रशिक्षण संस्थान के रूप में शुरू हुआ। उत्तरी क्षेत्रीय प्रशिक्षण सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूरा करने के अलावा संस्थान में डीजल, पेट्रोल और मिट्टी के तेल से चलने वाले छोटे इंजनों, सिंचाई के पम्पों और पौध संरक्षण यंत्रों की प्रमाणक, भिन्न योजनाओं के अन्तर्गत भारतीय मानक संस्थान द्वारा प्रमाणित जांच प्रयोगशाला भी स्थापित है.
हरियाणा अन्तरिक्ष अनुप्रयोग केन्द्र
हरसेक के नाम से प्रख्यात चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के प्रांगण में 26 फरवरी 1986 को स्थापित यह केन्द्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग हरियाणा की एक स्वायत्त संस्था है। इसका उद्देश्य अन्तरिक्ष तकनीकी, भू-सूचना प्रणाली तथा ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम आदि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से राज्य के प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण तथा ढांचागत सुविधाओं के सर्वेक्षण तथा प्रबन्धन में सहायता करना है।
इण्डो ऑस्ट्रेलियन लाइव स्टॉक फार्म
इसकी स्थापना सन 1974-75 में ऑस्ट्रेलिया सरकार के सहयोग से की गई थी। यहां पर सैकड़ों पशु मुख्यतया जर्सी, फ्रीजियन और क्रास नस्ल के हैं। फार्म 500 एकड़ भूमि पर स्थित है।
इण्डो ऑस्ट्रेलियन भेड़ प्रजनन फार्म
इसकी स्थापना 1969-70 में ऑस्ट्रेलियन सरकार के सहयोग से की गई थी। यह फार्म लगभग 2000 हेक्टेयर भूमि पर विकसित है।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा हिसार में स्थापित कैम्पस वेटरनरी कॉलेज 2 फरवरी, 1970 को हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के रूप में अस्तित्व में आया। इस विश्वविद्यालय की संरचना में प्रथम कुलपति एच०एल० फ्लेचर, आई०सी०एस० (सेवानिवृत्त) का बहुत बड़ा योगदान रहा। यह विश्वविद्यालय कृषि शिक्षा, शोध एवं उत्तम तरीके के बीज विकसित करने एवं उसके उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कृषि के क्षेत्र में नित नए आविष्कार के कारण यह विश्वविद्यालय देश के खाद्यान्न भण्डार को समृद्ध बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार की स्थापना 20 अक्टूबर 1995 को की गई। विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा इसे ए-ग्रेड प्रदान किया गया है तथा इसे हरित परिसर का भी सम्मान प्राप्त है।
अग्रोहा टीला
यह दिल्ली-हिसार-फाजिल्का राजमार्ग-09 पर स्थित प्राचीन स्थल है। यह स्थल चौथी शताब्दी तक काफी फला-फूला। इस स्थान पर ईंटों से निर्मित भवन के अवशेष कुषाण काल से गुप्तकाल के इतिहास की जानकारी देते हैं। टीले के ऊपर बौद्ध स्तूप परिसर की खोज एक बड़ी उपलब्धि है।
गुजरी महल
गुजरी महल जो बावड़ी के नाम से भी जानी जाती है। ऐसी किंवदन्ती है, कि गुजरी महल फिरोजशाह तुगलक ने अपनी प्रेमिका गुजरी के रहने के लिए बनवाया था, जो हिसार की रहने वाली थी।
लाट की मस्जिद
लाट की मस्जिद जिले की शान एवं ऐतिहासिक धरोहर है। किले के अंदर फिरोजशाह ने एक मस्जिद का निर्माण करवाया था, जिसे लाट मस्जिद के नाम से जाना जाता है। यह तुगलक भवन निर्माण शैली का एक अद्भुत नमूना है। मस्जिद भवन के साथ एक ‘एल’ आकार का तालाब और लाट (स्तंभ) है जो अपने आप में अनूठा है। लाट वास्तव में अशोक की लाट बताई जाती है। इसे फिरोजशाह ने इसे कहीं से उठाकर यहां स्थापित करवाया होगा।
प्राचीन गुम्बद
प्राचीन गुम्बद चौदहवीं शताब्दी में निर्मित गुम्बद है। यह शेर बख्श का दाना शेर के आध्यात्मिक गुरु प्राणपीर बाबाशाह का है। प्राणपीर बाबाशाह एक महान सूफी फकीर थे और उन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि गयासुद्दीन तुगलक एक दिन दिल्ली का बादशाह बनेगा।
जहाज कोठी
जहाज कोठी आयरलैंड का निवासी जार्ज थामस, जिसने सिरसा से रोहतक तक के क्षेत्र पर अपना शासन स्थापित किया, जहाज कोठी का निर्माण सन 1796 में अपनी रिहायश के लिए करवाया था। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षित घोषित यह स्मारक देखने में समुद्री जहाज की तरह प्रतीत होता है। प्रारम्भ में यह स्मारक जार्ज कोठी (जार्ज गढ़) के नाम से जाना जाता था लेकिन समय गुजरने के साथ जार्ज कोठी को जहाज कोठी के नाम से जाना जाने लगा। अब इस ऐतिहासिक स्मारक में क्षेत्रीय पुरातात्विक संग्रहालय स्थापित है।
Hisar District Haryana GK Notes: Important Links
| Daily HR Current Affairs | Click Here |
| Haryana GK Quiz Test | Click Here |
| Download Computer Notes | Click Here |


I can not able to downlaod the entier notes of HR Gk . How i download it …..?
Hello Nitesh
Dear we are uploading as soon as possible we’ll update within this week complete free hr gk and other notes