Hansi District Haryana GK Notes

By Reacher

Updated on:

Follow us on Instagram

Follow Us

हरियाणा के हांसी (Hansi District Haryana GK Notes) की पूरी जानकारी हिंदी में पढ़ें। हांसी का परिचय, गठन, मुख्यालय, इतिहास, मानचित्र और महत्वपूर्ण तथ्य एक ही स्थान पर।

हांसी जिला एक नजर में

⦿ जिले की स्थापना – (16 दिसम्बर 2025 घोषणा)
⦿ हांसी जिले की अधिसूचना जारी हुई – 19 दिसम्बर 2025
⦿ शहर की स्थापना – आसाराम जाट
⦿ प्राचीन नाम – आसिगढ, हांसी शरीफ
⦿ क्षेत्रफल– 1349.76 वर्ग किलोमीटर (1,34976 हेक्टेयर)
⦿ जनसंख्या – 5,40,994 (लगभग 5.41 लाख)
⦿ उपनाम – ग्रीन सिटी
⦿ विधानसभा सीटें – नारनौंद, हांसी
⦿ उपतहसील – खेडी जालब
⦿ तहसील – हांसी, नारनौंद, बास
⦿ हांसी की सीमा – हिसार, भिवानी, रोहतक, जींद

इतिहास

हांसी का इतिहास बहुत ही पुराना है अंग्रेजों ने उत्तरी भारत पर कब्जा करने के बाद राजस्व के खर्चों को कम करने के लिए छोटे-छोटे जिलों को तंग करते हुए बड़े जिलों का निर्माण किया था। माना जाता है कि 1870-80 के मध्य अंग्रेजों ने हिसार जिला बना दिया व हांसी फतेहाबाद, सिरसा आदि इलाकों में बैठकर हिसार में राज करने लगे। इतिहासकारों ने बताया कि आयरलैंड से आए जार्ज थामस ने हांसी को राजधानी बनाया था। गुरु गोविंद सिंह भी 1705 में हांसी आए और उन्होंने जनता को मुगल शासन के विरुद्ध विद्रोह करने के लिए प्रेरित किया। 1707 में बाबा बंदा सिंह बहादुर ने हांसी पर आक्रमण किया। 1736 में हांसी मराठा शासन के अधीन था और 1761 में पानीपत के तीसरे युद्ध के बाद अहमद शाह अब्दाली के हाथों में चला गया। 1780 के दशक में महाराजा शाह अब्दाली ने रामगढिया सिंह ने भी कुछ वर्षों के लिए इस क्षेत्र पर अपना नियंत्रण रखा और फिर इसे छोड़ दिया।

जॉर्ज थॉमस, एक आयरिश भाड़े का सैनिक और लुटेरा, जो एक साधारण नाविक से जागीरदार बना, ने हांसी को अपनी राजधानी बनाया। 1802 में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन में हांसी पर कब्जा कर लिया गया था।

1819-32 तक हांसी एक जिला मुख्यालय था, जिसे बाद में 1832 में हिसार स्थानांतरित कर दिया गया।

हांसी आप्या व दृष्टदुती नदी के संगम पर बसी नगरी है। कुषाण काल में मध्य एशिया के देशों तक यहां से व्यापार होता था। वैदिक काल से लेकर राजपूत काल तक हांसी हिन्दुओं का पवित्र नगर रहा। सूफी संतों का पवित्र शहर बन जाने के कारण इसे ‘हांसी शरीफ’ कहा गया। एक प्राचीन कथानक के अनुसार हांसी में श्रेष्ठ तलवारें बनाई जाती थी देश-विदेश में अपनी असिः (तलवार) के लिए विख्यात इस स्थान का नाम असिगढ था यही नाम कालांतर में असिका और फिर हांसी के रूप में जाना गया।

पृथ्वीराज चौहान का दुर्ग

इस विशाल दुर्ग का निर्माण पृथ्वीराज चौहान के चचेरे चाचा राय पीथोरा द्वारा करवाया गया ऐसा कहा जाता है कि यह दुर्ग पृथ्वीराज चौहान को भेंट स्वरूप मिला था, जिसे बाद में मोहम्मद गोरी द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। 1857 में ब्रिटिश सेना की यह छावनी और जेल थी। उस समय हिसार जिले में 1857 की जनक्रांति का बिगुल सर्वप्रथम 29 मई को हांसी में बजा था। सन् 1982 में इस किले से जैन तीर्थकरों की 57 अष्ट धातुओं से बनी प्रतिमाएं प्राप्त हुई थी।

बड़सी दरवाजा

यह दरवाजा हांसी की ही नहीं, बल्कि हरियाणा की शान व राष्ट्रीय स्तर के समारकों में से एक है। एक शिलालेख, जिसमें अनुसार अलाउद्दीन खिलजी को बड़सी दरवाजे का निर्माता कहा गया है। इसके अलाउद्दीन खिलजी ने सन् 1302-3 ई० में इसका निर्माण करवाया था।

दरगाह चार कुतुब

यह शहर के पश्चिम की तरफ स्थित है, यह प्राचीन स्मारक चार कुतुब की दरगाह के नाम से प्रसिद्ध है। जमालुद्दीन (1187-1261) बुरहानुद्दीन (1261-1300) कुतुबउद्दीन मुनव्वर (1300-1303) और रूकनुद्दीन (1325-1397) अपने समय के महान सूफी संत थे और इन्हें कुतुब का दर्जा हासिल था। ऐसा कहा जाता है, कि यह दरगाह उसी स्थान पर है, जहां बाबा फरीद ध्यान और प्रार्थना किया करते थे इस दरगाह के उत्तरी दिशा में एक गुबंद का निर्माण सुल्तान फिरोजशाह तुगलक ने करवाया था। मुगल बादशाह हुमांयू जब अपनी सल्तनत खो बैठा तो उसने दरगाह में आकर दुआ की थी।

अली मीर तिजारा का मकबरा

अली मीर तिजारा का मकबरा दरगाह चार कुतुब परिसर में स्थित है। मीर तिजारा हांसी के सुल्तान जमीद-उद-दीन के मुख्य आपूर्तिकर्ता (तजारा) थे। मीर अली उर्फ आलम, जमाल-उद-दीन के शिष्य थे और कहा जाता है कि उन्होंने अपने गुरु के लिए यह मकबारा बनवाया था। लेकिन उनकी असामयिक मृत्यु के कारण उन्हें स्वयं यहीं दफनाया गया।

चार दीवान-एक दीवान

यह स्मारक भी चार कुतुब परिसर में स्थित है। चार छतरियों को चार दीवान और एक दीवान के नाम से जाना जाता है।

राखीगढ़ी

राखीगढ़ी दो शब्दों का योग है, राखी एवं गढ़ी। राखी दृषदृवती का अन्य नाम है। अतः इस नदी के किनारे बसे हुए शहर के गढ़ को राखीगढ़ी कहा गया। धौलावीरा (कच्छ, गुजरात) के बाद राखीगढ़ी हड़प्पा सभ्यता के समय का एक विशाल स्थल है। यह दिल्ली के पश्चिम-उत्तर में 130 किलोमीटर की दूरी पर विलुप्त सरस्वती (दृषद्वती) नदी के पास नारनौंद तहसील में स्थित है। यहाँ कुल पांच (वर्तमान में 7) विशाल थेह थे और हाल ही में हुई खुदाई के दौरान हड़प्पा सभ्यता के योजनाबद्ध तरीके से निर्मित नगर व्यवस्था, रिहायशी घर जिसमें कमरे, रसोई, स्नानघर, सड़कें, अनाज रखने के बर्तन, पानी निकासी की व्यवस्था, नगर की नाकाबंदी इत्यादि के अवशेष मिले हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राखीगढ़ी का पुरातात्विक महत्व देखते हुए इसे विश्व हेरिटेज में शामिल कर लिया गया है।

प्रमुख आकर्षक स्थल:-

⦿ बाबा लालदास धाम – डाटा गांव
⦿ काली देवी का मंदिर – हांसी
⦿ ब्लैक बर्ड पर्यटन स्थल – हांसी
⦿ पंचकूला, चरखी दादरी और हांसी ऐसे तीन जिले हैं, जिनमें विधानसभा की केवल दो-दो सीटें हैं।
⦿ रोहतक, चरखी दादरी और हांसी ऐसे जिले जिनकी सीमा किसी अन्य राज्य के साथ नहीं लगती है।
⦿ हांसी की सीमा हिसार, जींद, रोहतक और भिवानी से लगती है।
⦿ बलबन हांसी का इकदार हैं।
⦿ जैन मुर्तिया रानीला (दादरी) और हांसी से प्राप्त हुई है।
⦿ हांसी में क्रांतिकारी लाल सड़क है जहाँ क्रांतिकारियों को बोल्डोजर के निचे दबा दिया था।
⦿ बुआ कुवारी का मंदिर – कंवारी गाँव
⦿ मुर्रा भेंस अनुसन्धान केंद्र – खांडा खेडी गाँव
⦿ हरियाणा का जनसंख्या में सबसे छोटा जिला हांसी है, जनगणना 2011 के अनुसार पंचकूला की कुल जनसंख्या 5.61 लाख है और हांसी की जनसंख्या 5.41 लाख है।
⦿ हांसी के पहले DC – राहुल नरवाल
⦿ हांसी ऐसा पहला जिला है, जिसकी हिसार से दूरी केवल 25 किलोमीटर है। दूरियों के हिसाब से चरखी दादरी (भिवानी से 29 किलोमीटर) दूसरा नंबर पर है।
⦿ प्राचीन अमेठी/आमटी का तालाब/झील हांसी
⦿ पूरे हरियाणा में प्रसिद्ध पेडे़ – हांसी
⦿ हांसी का युद्ध कब हुआ था- 1037 ईस्वी में
⦿ हांसी युद्ध में मसूद ने किसको हराया था – कुमारपाल को
⦿ 1857 की क्रांति का नेतृत्व किसने किया था – हुकमचंद जैन और मुनीर बेगम ने
⦿ जॉर्ज थामस ने हांसी को अपनी राजधानी कब बनाया था – 1797 ई० में
⦿ अति प्राचीन गौशाला शालाडेरी – डाटा गाँव (हांसी)
⦿ हांसी को पुलिस जिला कब बनाया गया था – 2017
⦿ प्राचीन समय में (1867) हांसी को नगरपालिका बनाया गया था।
⦿ जमदग्नि ऋषि –राखीगढ़ी (हांसी)
⦿ हांसी जिले में किस नहर से सिंचाई होती है- बरवाला नहर और सुंदर लिंक नहर
⦿ हांसी जिले में कौन से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं- NH 09 और NH 148B

हांसी जिले में पांच मुख्य द्वार हैं-

  1. बड़सी गेट
  2. दिल्ली गेट
  3. उमरा गेट
  4. गोसाई गेट
  5. हिसार गेट

महान व्यक्तित्व:-

⦿ पर्वतारोही मीनू रानी – डाटा गांव (हांसी)
⦿ बॉक्सर स्वीटी बुरा – घिराय गांव (हांसी)
⦿ साँगी रामकृष्ण व्यास – नारनौंद (हांसी)
⦿ वैज्ञानिक हरगोविंद खुराना – नारनौद (हांसी), नोट- इन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
⦿ अर्जुन अवार्डी चंदगीराम – कुश्ती व फिल्म अभिनेता, इनका जन्म सिसाय गांव (हांसी) में हुआ था। इन्होने बैंकाक एशियन खेल (1970) में स्वर्ण पदक जीता था।
⦿ लाला हुकमचंद जैन – क्रांतिकारी
⦿ कैप्टेन अभिमन्यु – खांडा खेडी गाँव (हांसी)
⦿ आजाद सिंह – खांडा खेडी गाँव (हांसी)
⦿ मल्लिका शहरवात – मोठ गाँव (हांसी)
⦿ पूजा ढांडा – रेसलर (बुडाना गांव, हांसी), नोट- कामनवेल्थ गेम्स 2018 में 57 kg भार वर्ग में रजत पदक जीता था।
⦿ जस्टिस सूर्यकांत – पेटवाड़ गाँव (हांसी), इनका जन्म 10 फरवरी 1962 में हुआ था। यह भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश बने है। इनका कार्यकाल नवम्बर 2025 से फरवरी 2027 तक है।
⦿ लाला हुकम चंद – 1857 की क्रांति के क्रांतिकारी व्यक्ति है।
⦿ मुनीर बेगम – 1857 की क्रान्ति के क्रांतिकारी व्यक्ति है।

Daily HR Current AffairsClick Here
Haryana GK Quiz TestClick Here
Download Computer NotesClick Here

Leave a Comment