- हरियाणा विधानसभा का गठन 1 नवम्बर 1966 को हुआ था, जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में है। राज्य में विधानसभा के चुनाव भारतीय चुनाव आयोग करवाता है।
राज्य विधानमंडल
- संविधान के भाग 6 में अनु. 168 से 212 तक राज्य विधानमंडल के संगठन, गठन, कार्यकाल तथा शक्तियों आदि के बारे में बताया गया है।
- विधानमंडल (अनुच्छेद 168) में विधानमंडल के 3 अंग हो सकते है:
- राज्यपाल (अनुच्छेद 153)
- विधानपरिषद् (अनुच्छेद 169)
- विधानसभा (अनुच्छेद 170)
विधान परिषद्
- अनु. 168 के अनुसार वर्तमान में 6 राज्यों में विधान परिषद् है: 1. उत्तर प्रदेश 2. आंध्र प्रदेश 3. महाराष्ट्र 4. बिहार 5. कर्नाटक 6. तेलंगाना
- अनु. 171:- विधानपरिषद् के अधिकतम सदस्यों की संख्या विधानसभा के कुल सदस्यों की 1/3 होगी। विधान परिषद् की न्यूनतम सदस्य संख्या 40 होनी चाहिए।
- हरियाणा विधानमंडल केवल एक सदन (विधानसभा) वाली है।
- अनु. 170 के तहत प्रत्येक राज्य में विधानसभा का गठन किया जाता है।
- विधानसभा के अधिकतम 500 तथा न्यूनतम 60 सदस्य हो सकते है।
- विधानसभा के सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से व्यस्क मताधिकार के द्वारा किया जाता है।
विधानसभा अध्यक्ष (अनु. 178)
- विधानसभा के सदस्य अपने सदस्यों में से ही अध्यक्ष का चुनाव करते है। वह सामान्यतः विधानसभा के कार्यकाल तक अध्यक्ष पद पर रहता है।
- हरियाणा विधानसभा का डिजाइन फ्रांस के प्रसिद्ध वास्तुकार लि. कोर्बुज़ियर के द्वारा तैयार किया गया। हरियाणा विधानसभा हॉल में बैठने की क्षमता 90 है।
हरियाणा में विधानसभा की सीटें
- हरियाणा विधानसभा की आरक्षित सीट समय समय पर बदली जैसे:
- 1966 में कुल 54 में से 10 आरक्षित सीट थी।
- 1967 में कुल 81 में से 15 आरक्षित सीट थी।
- 1977 में कुल 90 में से 17 आरक्षित सीट थी।
- हरियाणा में विधानसभा की सामान्य सीटों की संख्या 73 है।
- हरियाणा विधानसभा की 17 आरक्षित सीटों के नाम:
| क्र. | सीट (जिला) | क्र. | सीट (जिला) |
|---|---|---|---|
| 1 | शाहबाद (कुरुक्षेत्र) | 10 | रतिया (फतेहाबाद) |
| 2 | झज्जर | 11 | साढौरा (यमुनानगर) |
| 3 | गुहला (कैथल) | 12 | कलानौर (रोहतक) |
| 4 | कालांवाली (सिरसा) | 13 | उकलाना (हिसार) |
| 5 | खरखौदा (सोनीपत) | 14 | होडल (पलवल) |
| 6 | पटौदी (गुरूग्राम) | 15 | बवानीखेड़ा (भिवानी) |
| 7 | नरवाना (जींद) | 16 | बावल (रेवाड़ी) |
| 8 | नीलोखेड़ी (करनाल) | 17 | मुलाना (अंबाला) |
| 9 | इसराना (पानीपत) |
- नोट: फरीदाबाद, दादरी, मेवात, पंचकूला, महेन्द्रगढ़ और हांसी — इन 6 जिलो में कोई भी SC के लिए आरक्षित विधानसभा सीटें नहीं है।
- झज्जर एक मात्र जिला है जो खुद आरक्षित सीट में आता है।
- कुरुक्षेत्र ऐसा जिला है जिसके नाम पर विधानसभा सीट नहीं है। यह थानेसर विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आता है।
- जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ी विधानसभा सीट → बादशाहपुर (गुरुग्राम)
- जनसंख्या के आधार पर सबसे छोटी विधानसभा सीट → नारनौल (महेन्द्रगढ़)
- क्षेत्रफल के आधार पर सबसे बड़ी विधानसभा सीट – लोहारू (भिवानी)
- क्षेत्रफल के आधार पर सबसे छोटी विधानसभा सीट – बलरामगढ़/बल्लभगढ़ (फरीदाबाद)
- हरियाणा की सबसे उत्तरी विधानसभा सीट कालका है, जो पंचकूला जिले में है।
- हरियाणा की सबसे दक्षिण विधानसभा सीट फिरोजपुर झिरका है, जो नूंह जिले में है।
- हरियाणा में सबसे अधिक विधानसभा की सीटें (6 सीट) सोनीपत और फरीदाबाद जिले में है।
- हरियाणा में सबसे कम विधानसभा की 2 सीट पंचकूला, हांसी और चरखी दादरी में है।
- वर्तमान हरियाणा विधानसभा की 90 सीटों के 15 प्रतिशत के अनुसार राज्य में अधिकतम 14 मंत्री ही हो सकते है।
अन्य महत्वपूर्ण तथ्य
- हरियाणा विधानसभा की सदन संदेश मासिक पत्रिका है।
- हरियाणा विधानसभा की प्रथम बैठक 6 दिसम्बर 1966 को हुई थी।
- हरियाणा में प्रथम बार विधानसभा के चुनाव मार्च 1967 में हुए थे।
- हरियाणा की पहली वित् मंत्री प्रभा जैन थी।
हरियाणा के विधान सभा अध्यक्ष
| नाम | कार्यकाल |
|---|---|
| शन्नो देवी | 6.12.1966 – 7.3.1967 |
| राव विरेंद्र सिंह | 8.3.1967 – 23.3.1967 |
| श्रीचन्द | 30.3.1967 – 19.7.1967 |
| मनफूल सिंह | 20.7.1967 – 21.11.1967 |
| रणसिंह | 21.7.1967 – 3.4.1972 |
| बनारसी | 3.4.1972 – 15.11.1973 |
| स्वरुप सिंह | 16.11.1973 – 4.4.1977 |
| रणसिंह | 4.4.1977 – 8.5.1978 |
| कर्नल राम सिंह | 9.5.1978 – 24.6.1982 |
| सरदार तारा सिंह | 24.6.1982 – 9.7.1987 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 9.7.1987 – 9.7.1991 |
| ईश्वर सिंह | 9.7.1991 – 22.5.1996 |
| छतर सिंह | 22.5.1996 – 27.7.1999 |
| अशोक कुमार अरोड़ा | 28.7.1999 – 1.3.2000 |
| सतबीर सिंह कादियान | 9.3.2000 – 20.3.2005 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 21.3.2005 – 12.1.2006 |
| डॉ. रघुबीर सिंह कादियान | 13.1.2006 – 27.10.2009 |
| हर मोहिन्द्र चड्ढा | 28.10.2009 – 3.3.2011 |
| कुलदीप शर्मा | 4.3.2011 – 2.9.2014 |
| श्री कँवर पाल सिंह | 26.10.2014 – 04.11.2019 |
| ज्ञान चंद गसा | 04.11.2019 – 25.10.2024 |
| हरविन्द्र कल्याण सिंह | 25.10.2024 से अब तक |
- शन्नो देवी: 1 नवम्बर 1966 से 6 दिसम्बर 1966 तक हरियाणा विधानसभा की डिप्टी स्पीकर थी। तथा हरियाणा निर्माण से पहले ये पंजाब विधान सभा की डिप्टी स्पीकर (20 मार्च 1951 से 26 मार्च 1951 तथा 19 मार्च 1962 से 31 अक्टूबर 1966) रह चुकी थी। इनका जन्म 1 जून 1901 में मुल्तान में हुआ था।
- सबसे कम कार्यकाल वाले स्पीकर राव वीरेंद्र सिंह है। जो हरियाणा विधानसभा के दुसरे स्पीकर थे। और पहले पुरुष स्पीकर थे।
- हरियाणा विधान सभा का सबसे अधिक बार स्पीकर पद ग्रहण हर मोहिन्दर सिंह चड्डा ने 3 बार किया है।
- हरियाणा विधानसभा का पहला स्पीकर शन्नो देवी थी। ये हरियाणा विधानसभा की प्रथम महिला स्पीकर है। जो हरियाणा विधानसभा की स्पीकर बनने से पहले पंजाब विधान सभा की 2 बार डिप्टी स्पीकर बनी थी। ये हरियाणा की प्रथम महिला डिप्टी स्पीकर भी थी।
- हरियाणा विधानसभा की प्रथम महिला M L A स्नेहलता थी। हरियाणा विधानसभा का पहला पुरुष उपाध्यक्ष मुल्तान सिंह थे।
