| क्र. | नाम | कार्यकाल |
|---|---|---|
| 1 | धर्मवीर | 1-11-1966 से 14-9-1967 |
| 2 | बिरेन्द्र नारायण चक्रवर्ती | 15-9-1967 से 26-3-1976 |
| 3 | रणजीत सिंह नरूला | 27-3-1976 से 13-8-1976 |
| 4 | जयसुख लाल हाथी | 14-8-1976 से 23-9-1977 |
| 5 | हरचरण सिंह बराड़ | 24-9-1977 से 9-12-1979 |
| 6 | सुरजीत सिंह संधावालिया | 10-12-1979 से 27-2-1980 |
| 7 | गणपत देवजी तापसे | 28-2-1980 से 13-6-1984 |
| 8 | सैयद बरनी | 14-6-1984 से 21-2-1988 |
| 9 | हरीआनंद बरारी | 22-2-1988 से 6-2-1990 |
| 10 | धनिक लाल मण्डल | 7-2-1990 से 13-6-1995 |
| 11 | महावीर प्रसाद | 14-6-1995 से 18-6-2000 |
| 12 | बाब परमानन्द | 19-6-2000 से 1-7-2004 |
| 13 | ओम प्रकाश वर्मा | 2-7-2004 से 7-7-2004 |
| 14 | मो. ए. आर. किदवई | 7-7-2004 से 27-7-2009 |
| 15 | जगन्नाथ पहाड़िया | 27-7-2009 से 26-7-2014 |
| 16 | कान सिंह सोलंकी | 27-7-2014 से 24-8-2018 |
| 17 | सत्यदेव नारायण आर्य | 25-8-2018 से 7-7-2021 |
| 18 | बंडारू दत्तात्रेय | 8 जुलाई 2021 से 20-7-2025 |
| 19 | अशीम कुमार घोष | 21 जुलाई 2025 से अब तक |
(क्रम संख्या 12 का नाम स्कैन में थोड़ा अस्पष्ट था — इसे किताब से एक बार मिला लेना)
अशीम कुमार घोष
- अशीम कुमार घोष का जन्म 1944 में हावड़ा, (वर्तमान पश्चिम बंगाल) ब्रिटिश भारत में हुआ था। घोष ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विवेकानंद संस्थान, हावड़ा से पूरी की। उन्होंने विद्यासागर कॉलेज और कलकत्ता विश्वविद्यालय से क्रमशः राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। घोष 1966 से राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।
- घोष 1991 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। वे 1996 में पार्टी के राज्य सचिव और 1998 में राज्य उपाध्यक्ष बने। घोष 2003 से 2005 तक त्रिपुरा भाजपा इकाई के पर्यवेक्षक के रूप में कार्य किया। घोष 2004 से 2006 तक भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें हरियाणा का राज्यपाल नियुक्त किया। घोष, बीरेंद्र नारायण चक्रवर्ती और हरि आनंद बरारी के बाद हरियाणा के राज्यपाल नियुक्त होने वाले तीसरे बंगाली व्यक्ति बने।
राज्यपाल से संबंधित खास बातें
- राज्यपाल अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है।
- राज्यपाल अनुच्छेद 153 के तहत राज्य की कार्यपालिका का मुख्य/प्रधान होता है।
- हरियाणा के सबसे अधिक कार्यकाल वाले राज्यपाल बिरेन्द्र नारायण चक्रवर्ती थे। सबसे कम कार्यकाल वाले राज्यपाल ओमप्रकाश वर्मा (2004 में केवल 5 दिन) है।
- हरियाणा के प्रथम राज्यपाल धर्मवीर का कार्यकाल 10 महीने का था। इनका जन्म बिजनौर (उत्तरप्रदेश) राज्य में हुआ था। वर्तमान में अशीम कुमार घोष हरियाणा के 19वें व्यक्तिगत राज्यपाल है।
- हरियाणा से पहली महिला उपराज्यपाल चंद्रावती है। इनका जन्म भिवानी के डालावास में हुआ था। और ये पुदुचेरी की उप राज्यपाल बनी थी।
- हरियाणा के एकमात्र मुख्यमंत्री B D शर्मा मध्यप्रदेश और उड़ीसा के राज्यपाल बने थे। हरियाणा के एकमात्र राज्यपाल जो मुख्यमंत्री के पद पर भी रह चुके है – पंडित भगवत दयाल शर्मा।
- पानीपत के निवासी आचार्य देवव्रत हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल रह चुके है। वर्तमान में यह गुजरात के राज्यपाल है। सिरसा के निवासी प्रोफेसर गणेशी लाल उड़ीसा के राज्यपाल है।
- प्रसिद्ध शिक्षाविद सरूप सिंह गुजरात और केरल के राज्यपाल रह चुके है, यह रोहतक के सांघी गाँव के निवासी है। हरियाणा के राज्यपाल जो मुख्य न्यायाधीश भी रह चुके है – सुरजीत सिंह संघवालिया और रणजीत सिंह नरूला।
- भिवानी जिले के बपोड़ा गाँव के निवासी विजय कुमार सिंह (V.K. SINGH) को वर्तमान में मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किए गए है, यह भारतीय थल सेना के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके है।
- हरियाणा के पूर्व राज्यपाल और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री जगनाथ पहाड़िया का हाल ही में 19 मई 2021 को गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में निधन हो गया।
- हरियाणा के राज्यपाल का निवास स्थान राजभवन चंडीगढ़ सेक्टर 6 में है।
हरियाणा में राष्ट्रपति शासन
- किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन अनुच्छेद 356 और 365 के तहत राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की सलाह पर लगाया जाता है।
पहली बार: 21 नवम्बर 1967 से 22 मई 1968 तक। यह हरियाणा में सबसे लम्बा राष्ट्रपति शासन रहा है। उस समय मुख्यमंत्री राव बिरेन्द्र सिंह, राज्यपाल बी एन चक्रवर्ती, प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और राष्ट्रपति जाकिर हुसैन थे। इसके बाद मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल बने थे।
दूसरी बार: 30 अप्रैल 1977 से 20 जून 1977 तक। यह सबसे छोटा राष्ट्रपति शासन (52 दिन) था। उस समय मुख्यमंत्री बनारसी दास गुप्ता, राज्यपाल जयसुख लाल हाथी, प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई और राष्ट्रपति बी डी जत्ती थे। इसके बाद मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल बने थे।
तीसरी बार: 6 अप्रैल 1991 से 22 जुलाई 1991 तक। उस समय मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला, राज्यपाल धनिकलाल मंडल, प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव और राष्ट्रपति आर वेंकटरमण थे। इसके बाद मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल बने थे।
