दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले अधिकांश पदार्थ या तो अम्लीय हैं या क्षारीय — यह अध्याय व्यावहारिक उदाहरणों के कारण परीक्षा में बहुत पूछा जाता है।
अम्ल (Acids)
खट्टे स्वाद वाले पदार्थ जो जल में घुलने पर H⁺ आयन देते हैं, अम्ल कहलाते हैं। ये नीले लिटमस को लाल कर देते हैं।
अम्ल
स्रोत
साइट्रिक अम्ल
नींबू, संतरा
एसिटिक अम्ल
सिरका
टार्टरिक अम्ल
इमली, अंगूर
लैक्टिक अम्ल
खट्टा दूध/दही
ऑक्सैलिक अम्ल
टमाटर
हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
जठर रस (आमाशय)
एस्कॉर्बिक अम्ल
विटामिन C (आंवला, नींबू)
क्षारक (Bases)
कड़वे स्वाद व साबुन जैसे स्पर्श वाले पदार्थ जो जल में घुलने पर OH⁻ आयन देते हैं, क्षारक कहलाते हैं। ये लाल लिटमस को नीला कर देते हैं। जल में घुलनशील क्षारक को क्षार (Alkali) कहा जाता है — सभी क्षार क्षारक होते हैं, पर सभी क्षारक क्षार नहीं होते।
क्षारक
सामान्य नाम
सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)
कास्टिक सोडा
पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH)
कास्टिक पोटाश
कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (Ca(OH)₂)
चूने का पानी/बुझा चूना
मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂)
मिल्क ऑफ मैग्नीशिया
pH स्केल
अम्लीयता या क्षारीयता मापने का पैमाना 0 से 14 तक होता है।
pH मान
प्रकृति
7 से कम
अम्लीय
ठीक 7
उदासीन
7 से अधिक
क्षारीय
पदार्थ
लगभग pH
जठर रस
1.5–2
नींबू का रस
2–3
सिरका
~3
शुद्ध जल
7
रक्त
7.4
साबुन का घोल
9–10
NaOH घोल
13–14
सूचक (Indicators)
सूचक
अम्ल में रंग
क्षारक में रंग
लिटमस
लाल
नीला
फिनोल्फ्थेलीन
रंगहीन
गुलाबी
मिथाइल ऑरेंज
लाल
पीला
हल्दी (प्राकृतिक)
पीला (कोई बदलाव नहीं)
लाल-भूरा
उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralisation)
अम्ल व क्षारक की अभिक्रिया से लवण व जल बनना उदासीनीकरण कहलाता है। अम्ल + क्षारक → लवण + जल उदाहरण — HCl + NaOH → NaCl + H₂O
दैनिक जीवन में उदासीनीकरण के उपयोग
पेट में अतिरिक्त अम्ल बनने पर एंटासिड (जैसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) लेने से आराम मिलता है।
मधुमक्खी के डंक में अम्ल होता है, इसलिए बेकिंग सोडा (हल्का क्षारक) लगाया जाता है।
अम्लीय मिट्टी में बुझा चूना मिलाकर उसे उदासीन किया जाता है।
कारखानों का अपशिष्ट जल नदी में डालने से पहले उदासीन किया जाता है।
महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य
pH शब्द का प्रयोग सबसे पहले वैज्ञानिक सॉरेनसन ने किया था।
दांतों में सड़न मुंह में pH के 5.5 से नीचे जाने पर शुरू होती है।
शुष्क HCl गैस लिटमस का रंग नहीं बदलती — अम्लीय गुण जल में घुलने पर ही आता है।
सभी अम्ल धातु के साथ अभिक्रिया कर हाइड्रोजन गैस बनाते हैं।