खिलजी वंश (1290-1320)
अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316) के शासनकाल में मंगोलों ने हरियाणा पर आक्रमण किया।
मंगोलों के आक्रमण को हिसार तथा हाँसी में अलाउद्दीन खिलजी के हिन्दू सेनानायक नानक ने विफल किया। अलाउद्दीन खिलजी ने लगभग 1303 ईस्वी में हांसी शहर में बड़सी गेट का निर्माण करवाया था। अलाउद्दीन खिलजी ने गुड़ग्याम के गोपालगिरी दुर्ग को केंद्र बिंदु बनाया था।
हरियाणा में तुगलक वंश (1320-1414)
तुगलक वंश की स्थापना ग्यासुदीन तुगलक ने की थी। ग्यासुदीन की मृत्यु के बाद मोहम्मद बिन तुगलक गद्दी पर बैठा मोहम्मद बिन तुगलक के बाद फिरोजशाह तुगलक गद्दी पर बैठा।
फिरोज शाह तुगलक (1351-1388)
फिरोज शाह तुगलक इस वंश का एक शक्तिशाली राजा था। इसने हरियाणा पर काफी समय तक राज किया।
हरियाणा में इसने 1351-52 में फतेहाबाद शहर की स्थापना अपने बेटे के नाम की थी। फिरोजशाह तुगलक के बेटे का नाम फतेह खां था, इस प्रकार अपने बेटे के नाम पर फतेहाबाद को आबाद किया। 1354 ईस्वी में फिरोजा-ए-हिसार नाम से एक शहर बसाया, जिसे आज हिसार कहते हैं।
हिसार फारसी भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ होता है – दुर्ग या किला। फिरोजशाह तुगलक ने एक किला बनाया। जिसके चार गेट बनाए गए थे इ.में से नागोरी गेट, मोरी गेट, तलाकी गेट और दिल्ली गेट थे।
फिरोजशाह तुगलक की प्रेमिका का नाम रुकसी था। जिसे गुजरी कहता था।
फिरोज शाह ने गुजरी से शादी की और गुजरी के लिए एक महल बनाया जिसे गुजरी महल के नाम से जाना गया। इस महल में राजा के लिए एक सभा बनाई गई। जिसे दीवान ए आम का नाम दिया गया तथा इसी में 20 फीट ऊंची लाट की मस्जिद भी बनाई गई है।
गुजरी महल में 1 स्तम्भ पर 8 अभिलेख मिले हैं। फिरोजशाह तुगलक ने सिरसा फतेहाबाद हिसार में नहरों का निर्माण करवाया। फिरोजशाह तुगलक ने टोपरा अभिलेख जो अंबाला में स्थित था उसे दिल्ली ले गया। सिरसा में हरनी खेडा नामक शहर बसाया। फिरोजशाह तुगलक के समय गोहाना में विद्रोह हुआ था।
तैमूर लंग का आक्रमण
तैमूर मध्य एशिया का रहने वाला एक लुटेरा था। तैमूर 1398 में भारत पर आक्रमण करता है। तैमूर हरियाणा के सिरसा फतेहाबाद को लूटता हुआ टोहाना, रानियाँ, सिरसा और मोरनी पहाड़ी की तरफ निकल जाता है।
लोदी वंश (1451-1526)
लोदी वंश की स्थापना बहलोल लोदी ने की थी। बहलोल लोदी के बाद सिकंदर लोदी राजा बना। सिकंदर लोदी के बाद इब्राहिम लोदी राजा बना। जोकि 1517 से 1526 तक राजा रहा। पानीपत के पहले युद्ध में इब्राहीम लोदी मारा गया। पानीपत में इनका मकबरा है।
पानीपत का पहला युद्ध
यह युद्ध पानीपत में 21 अप्रैल 1526 को इब्राहिम लोदी और बाबर के बीच हुआ था। इस युद्ध में इब्राहिम लोदी मारा गया और बाबर की विजय हुई।
बाबर ने इस युद्ध की खुशी में पानीपत में अपनी पत्नी के नाम पर काबुली बाग मस्जिद का निर्माण किया। इस युद्ध में आर्टलरी और बन्दूक पाउडर के अग्नि आयुध (तोप) का प्रयोग पहली बार किया गया था।
