Motion, Force & Laws of Motion (Newton’s Laws) |

By Ravi Yadav

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गति और बल भौतिकी की मूल अवधारणाएं हैं। न्यूटन के गति के नियम प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला भौतिकी टॉपिक है — HSSC CET, हरियाणा पुलिस, पटवारी, क्लर्क जैसी हर परीक्षा में इससे प्रश्न आते हैं।

गति क्या है?

जब कोई वस्तु समय के साथ अपनी स्थिति (Position) बदलती है, तो उसे गति (Motion) कहते हैं। स्थिति में यह परिवर्तन एक निश्चित संदर्भ बिंदु (Reference Point) के सापेक्ष मापा जाता है।

गति के प्रकार:

  • रैखिक गति (Linear Motion) — सीधी रेखा में गति। जैसे — सड़क पर चलती कार।
  • वृत्तीय गति (Circular Motion) — वृत्ताकार पथ पर गति। जैसे — घड़ी की सुई।
  • घूर्णन गति (Rotatory Motion) — अपनी धुरी पर घूमना। जैसे — पृथ्वी का घूर्णन।
  • दोलन गति (Oscillatory Motion) — एक बिंदु के इर्द-गिर्द बार-बार गति। जैसे — पेंडुलम, झूला।

दूरी और विस्थापन

राशिपरिभाषाप्रकृति
दूरी (Distance)वस्तु द्वारा तय किया गया कुल पथअदिश राशि (Scalar)
विस्थापन (Displacement)प्रारंभिक व अंतिम बिंदु के बीच न्यूनतम सीधी दूरीसदिश राशि (Vector)

दूरी हमेशा विस्थापन से बड़ी या उसके बराबर होती है, कभी छोटी नहीं हो सकती।

चाल और वेग

राशिपरिभाषासूत्रप्रकृति
चाल (Speed)समय के साथ तय दूरी की दरदूरी/समयअदिश
वेग (Velocity)समय के साथ विस्थापन की दरविस्थापन/समयसदिश

दोनों का SI मात्रक — मीटर/सेकंड (m/s)।

त्वरण (Acceleration)

जब किसी वस्तु का वेग समय के साथ बदलता है, तो उस परिवर्तन की दर को त्वरण कहते हैं।

त्वरण = वेग में परिवर्तन / समय, SI मात्रक — मीटर/सेकंड² (m/s²)

  • वेग बढ़ने पर → धनात्मक त्वरण
  • वेग घटने पर → ऋणात्मक त्वरण या मंदन (Retardation)

गति के समीकरण — अत्यंत महत्वपूर्ण

समीकरणसूत्र
पहला समीकरणv = u + at
दूसरा समीकरणs = ut + ½at²
तीसरा समीकरणv² = u² + 2as

जहाँ u = प्रारंभिक वेग, v = अंतिम वेग, a = त्वरण, t = समय, s = तय की गई दूरी।

बल क्या है?

बल वह बाह्य कारण है जो किसी वस्तु की विराम या गति की अवस्था में परिवर्तन करता है, या करने की कोशिश करता है। SI मात्रक — न्यूटन (N)। सूत्र — बल = द्रव्यमान × त्वरण (F = ma)

न्यूटन के गति के नियम — अत्यंत महत्वपूर्ण

प्रथम नियम — जड़त्व का नियम (Law of Inertia)
कोई भी वस्तु तब तक अपनी विराम अवस्था या एकसमान सरल रेखीय गति की अवस्था में बनी रहती है, जब तक उस पर कोई बाह्य असंतुलित बल न लगाया जाए। जड़त्व (Inertia) वस्तु का वह गुण है जिसके कारण वह अपनी अवस्था में परिवर्तन का विरोध करती है। उदाहरण — बस के अचानक रुकने पर यात्री आगे की ओर झुक जाते हैं।

द्वितीय नियम
किसी वस्तु के संवेग में परिवर्तन की दर, उस पर लगाए गए बल के समानुपाती होती है और परिवर्तन बल की दिशा में होता है। सूत्र — F = ma। यही नियम बल की माप का आधार है।

तृतीय नियम
प्रत्येक क्रिया के बराबर तथा विपरीत दिशा में एक प्रतिक्रिया होती है। उदाहरण — रॉकेट का प्रक्षेपण, तैराकी में पानी को पीछे धकेलना, बंदूक चलाने पर पीछे धक्का लगना (Recoil)।

याद रखें — तीनों नियम क्रमशः जड़त्व, संवेग परिवर्तन (F=ma), और क्रिया-प्रतिक्रिया से जुड़े हैं।

संवेग (Momentum)

किसी वस्तु के द्रव्यमान और वेग के गुणनफल को संवेग कहते हैं।
संवेग (p) = द्रव्यमान (m) × वेग (v)
SI मात्रक — kg·m/s, यह एक सदिश राशि है।

घर्षण (Friction)

जब दो सतहें सम्पर्क में आकर सापेक्ष गति करती हैं, तो गति का विरोध करने वाला बल घर्षण कहलाता है।

प्रकार — स्थैतिक घर्षण (Static), गतिज घर्षण (Kinetic), लोटनिक घर्षण (Rolling)
घर्षण कम करने के उपाय — चिकनाई (Lubricants), बॉल बेयरिंग, पॉलिशिंग।

महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य

  • जड़त्व द्रव्यमान पर निर्भर करता है — द्रव्यमान जितना अधिक, जड़त्व उतना अधिक।
  • सीट बेल्ट न्यूटन के प्रथम नियम पर आधारित सुरक्षा उपकरण है।
  • संवेग संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Momentum) न्यूटन के तीसरे नियम से जुड़ा है।
  • रॉकेट प्रणोदन (Rocket Propulsion) न्यूटन के तीसरे नियम पर आधारित है।
  • बल सदिश राशि है, जबकि द्रव्यमान अदिश राशि है।
  • ऊपर फेंकी गई वस्तु के उच्चतम बिंदु पर वेग शून्य होता है, पर त्वरण (g) नहीं।
  • घर्षण ऊर्जा को ऊष्मा में बदलकर नष्ट करता है, पर चलने-पकड़ने के लिए जरूरी भी है।

क्विक रिवीजन टेबल

तथ्यउत्तर
बल का SI मात्रकन्यूटन
संवेग का SI मात्रकkg·m/s
जड़त्व का नियमन्यूटन का प्रथम नियम
F = ma किस नियम से मिलता हैन्यूटन का द्वितीय नियम
क्रिया-प्रतिक्रिया का नियमन्यूटन का तृतीय नियम
दूरी की प्रकृतिअदिश राशि
विस्थापन की प्रकृतिसदिश राशि
त्वरण का SI मात्रकm/s²
रॉकेट किस नियम पर कार्य करता हैन्यूटन का तृतीय नियम
संवेग = ?द्रव्यमान × वेग

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