तत्वों की बढ़ती संख्या को व्यवस्थित रूप से समझने के लिए वैज्ञानिकों ने वर्गीकरण के कई प्रयास किए, जो अंततः आधुनिक आवर्त सारणी के रूप में स्थापित हुए। यह टॉपिक परीक्षाओं में इतिहास व तथ्य दोनों तरह से पूछा जाता है।
वर्गीकरण के प्रारंभिक प्रयास
वैज्ञानिक
नियम
विशेषता
डोबेराइनर (1817)
त्रिक का नियम (Law of Triads)
3-3 तत्वों के समूह, बीच वाले तत्व का परमाणु द्रव्यमान अन्य दो के औसत के बराबर
न्यूलैंड (1866)
अष्टक का नियम (Law of Octaves)
हर 8वें तत्व के गुण पहले तत्व जैसे — केवल कैल्शियम तक ठीक से लागू हुआ
मेंडलीफ (1869)
आवर्त नियम
तत्वों को बढ़ते परमाणु द्रव्यमान के अनुसार व्यवस्थित किया, अज्ञात तत्वों के लिए स्थान खाली छोड़े
मेंडलीफ की सबसे बड़ी सफलता — उन्होंने कुछ स्थान भविष्य में खोजे जाने वाले तत्वों के लिए खाली छोड़े और उनके गुणों की पहले से भविष्यवाणी की (जैसे एका-सिलिकॉन — बाद में जर्मेनियम के रूप में खोजा गया)।
आधुनिक आवर्त नियम
वैज्ञानिक हेनरी मोसले (Henry Moseley) ने 1913 में बताया कि तत्वों के गुण उनके परमाणु द्रव्यमान के नहीं, बल्कि परमाणु क्रमांक (Atomic Number) के आवर्ती फलन होते हैं। इसी आधार पर आधुनिक आवर्त सारणी बनी।
आधुनिक आवर्त सारणी की संरचना
आवर्त (Periods) — कुल 7 क्षैतिज पंक्तियां, एक आवर्त में तत्वों की संयोजी कक्षा समान होती है
समूह (Groups) — कुल 18 ऊर्ध्वाधर स्तंभ, एक समूह में तत्वों के बाहरी इलेक्ट्रॉन व रासायनिक गुण समान होते हैं
धातु, अधातु व उपधातु की स्थिति
श्रेणी
स्थिति
उदाहरण
धातु (Metals)
बायीं ओर व मध्य भाग
सोडियम, आयरन, कॉपर
अधातु (Non-metals)
दायीं ओर ऊपरी भाग
ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन
उपधातु (Metalloids)
धातु-अधातु के बीच की सीढ़ीनुमा रेखा पर
बोरॉन, सिलिकॉन, जर्मेनियम
आवर्त सारणी में प्रवृत्तियां (Trends)
गुण
आवर्त में बायें से दायें
समूह में ऊपर से नीचे
परमाणु आकार
घटता है
बढ़ता है
आयनन ऊर्जा
बढ़ती है
घटती है
विद्युत ऋणात्मकता
बढ़ती है
घटती है
धात्विक गुण
घटता है
बढ़ता है
s, p, d, f ब्लॉक तत्व
ब्लॉक
समूह
विशेषता
s-ब्लॉक
1, 2
क्षारीय व क्षारीय मृदा धातुएं
p-ब्लॉक
13–18
अधातु, उपधातु व कुछ धातुएं
d-ब्लॉक
3–12
संक्रमण धातुएं (Transition Metals)
f-ब्लॉक
अलग से नीचे दर्शाए जाते हैं
लैंथेनाइड व एक्टिनाइड श्रेणी
अक्रिय गैसें (Noble Gases)
समूह 18 के तत्व — हीलियम, नियॉन, आर्गन, क्रिप्टॉन, ज़ेनॉन, रेडॉन — इनकी बाहरी कक्षा पूर्ण होती है (हीलियम में 2, बाकी में 8 इलेक्ट्रॉन), इसलिए ये लगभग रासायनिक रूप से निष्क्रिय होती हैं।
महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य
आधुनिक आवर्त सारणी में सबसे छोटा परमाणु हीलियम का व सबसे बड़ा परमाणु फ्रैंशियम का माना जाता है।
हाइड्रोजन को उसके अनोखे गुणों के कारण आवर्त सारणी में विशेष स्थान दिया गया है।
संक्रमण धातुएं (d-ब्लॉक) रंगीन यौगिक बनाने व परिवर्ती संयोजकता दिखाने के लिए जानी जाती हैं।