गौरी की मृत्यु के बाद कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली का राजा बना। जिसने 1206 में गुलाम वंश की स्थापना की। गुलाम वंश का अगला राजा इल्तुतमिश बना जो कि 1210 से 1236 तक राजा रहा। इसके बाद रुकूनुदिन गद्दी पर बैठा जो एक कमजोर शासक था। 1236 से 1240 ईस्वी तक रजिया सुल्तान गद्दी पर बैठी। यह भारत की प्रथम मुस्लिम महिला शासिका थी। रजिया बेगम ने बठिंडा के सूबेदार अल्तूनिया से शादी की। अल्तूनिया और रजिया बेगम हरियाणा होते हुए जब दिल्ली वापिस लौट रहे थे। तब रजिया बेगम के भाई बहराम ने 13 अक्टूबर 1240 को कैथल में दोनों का कत्ल कर दिया।
रजिया बेगम का मकबरा कैथल में स्थित है। इसके बाद बहराम 1240 से 1242 तक राजा रहा।
बलबन (गुलाम वंश का शासक)
बलबन 1266 से 88 तक राजा रहा। 1263 ई. में बलबन दिल्ली का सुल्तान बना। इससे पूर्व वह हाँसी का इक्तेदार था। 1265 में बलबन ने हरियाणा में लगभग सभी वन कटवा दिए। इसके बाद 1265 ई. में बलबन ने एक विशाल सेना के साथ आक्रमण करके मेवातियों को पराजित किया।
नसीरूद्दीन महमूद जो कि 1246 से 1266 तक राजा रहा था। वह एक पागल और कमजोर राजा था। इस समय बलबन ही कार्यकाल संभालता था। बलबन के समय मेव जाति के लोग आक्रमण करते थे। 13 शताब्दी में बलबन ने गोपाल गिरी दुर्ग बनाया जो कि हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित है।
