परमाणु पदार्थ की सबसे छोटी इकाई है जो किसी तत्व के सभी गुण धारण करती है। इस अध्याय से परमाणु के मूल कणों, संयोजकता और मोल अवधारणा पर हर परीक्षा में प्रश्न आते हैं।
परमाणु के तीन मूल कण
| कण | आवेश | द्रव्यमान | स्थान | खोजकर्ता |
|---|---|---|---|---|
| इलेक्ट्रॉन (Electron) | ऋणात्मक (-1) | नगण्य (प्रोटॉन का 1/1836) | नाभिक के बाहर, कक्षाओं में | जे.जे. थॉमसन (1897) |
| प्रोटॉन (Proton) | धनात्मक (+1) | लगभग 1 amu | नाभिक में | गोल्डस्टीन/रदरफोर्ड |
| न्यूट्रॉन (Neutron) | उदासीन (0) | लगभग 1 amu | नाभिक में | जेम्स चैडविक (1932) |
परमाणु के केंद्र में स्थित सघन भाग को नाभिक (Nucleus) कहते हैं, जिसमें प्रोटॉन व न्यूट्रॉन होते हैं। परमाणु का लगभग पूरा द्रव्यमान नाभिक में ही केंद्रित होता है, जबकि परमाणु का अधिकांश आयतन खाली स्थान होता है।
परमाणु क्रमांक और द्रव्यमान संख्या
- परमाणु क्रमांक (Atomic Number, Z) = किसी परमाणु में प्रोटॉनों की संख्या (उदासीन परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की संख्या के बराबर भी)
- द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A) = प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की कुल संख्या
समस्थानिक, समभारिक व समन्यूट्रॉनिक
| प्रकार | विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|
| समस्थानिक (Isotopes) | परमाणु क्रमांक समान, द्रव्यमान संख्या भिन्न (एक ही तत्व) | कार्बन-12 व कार्बन-14 |
| समभारिक (Isobars) | द्रव्यमान संख्या समान, परमाणु क्रमांक भिन्न (अलग तत्व) | कैल्शियम-40 व आर्गन-40 |
| समन्यूट्रॉनिक (Isotones) | न्यूट्रॉनों की संख्या समान | — |
इलेक्ट्रॉन का कक्षाओं में वितरण (बोर-बरी योजना)
इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं (K, L, M, N…) में घूमते हैं। किसी कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉन संख्या का सूत्र — 2n² (जहाँ n कक्षा संख्या है)।
| कक्ष | K | L | M | N |
|---|---|---|---|---|
| अधिकतम इलेक्ट्रॉन | 2 | 8 | 18 | 32 |
सबसे बाहरी कक्ष में स्थित इलेक्ट्रॉनों को संयोजी इलेक्ट्रॉन (Valence Electrons) कहते हैं, जो तत्व की संयोजकता व रासायनिक गुण तय करते हैं।
संयोजकता (Valency)
किसी तत्व की दूसरे तत्वों के साथ संयोग करने की क्षमता संयोजकता कहलाती है। यह सबसे बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर करती है — यदि बाहरी कक्षा में 8 से कम इलेक्ट्रॉन हैं, तो तत्व स्थायित्व पाने के लिए इलेक्ट्रॉन खोता, पाता या साझा करता है।
अणु और परमाणुकता
अणु (Molecule) किसी तत्व या यौगिक का वह सबसे छोटा कण है जो स्वतंत्र रूप से स्थित रह सकता है और उसके सभी रासायनिक गुण दर्शाता है।
| परमाणुकता | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक-परमाणुक (Monoatomic) | 1 परमाणु से बना अणु | हीलियम (He) |
| द्वि-परमाणुक (Diatomic) | 2 परमाणुओं से बना अणु | O₂, H₂, N₂ |
| त्रि-परमाणुक (Triatomic) | 3 परमाणुओं से बना अणु | O₃, H₂O |
| बहु-परमाणुक (Polyatomic) | 3 से अधिक परमाणु | NH₃, P₄ |
मोल अवधारणा (संक्षेप में)
किसी भी पदार्थ के 1 मोल में कणों (परमाणु/अणु) की संख्या अवोगाद्रो संख्या (Avogadro Number) कहलाती है, जिसका मान 6.022 × 10²³ होता है।
महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य
- परमाणु विद्युततः उदासीन होता है क्योंकि प्रोटॉन व इलेक्ट्रॉन की संख्या बराबर होती है।
- सबसे हल्का तत्व हाइड्रोजन है, जिसके परमाणु में केवल 1 प्रोटॉन व 1 इलेक्ट्रॉन होता है (न्यूट्रॉन शून्य)।
- नाभिक की खोज रदरफोर्ड ने अपने प्रसिद्ध अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग से की थी।
- न्यूट्रॉन आवेशरहित होने के कारण सबसे बाद में खोजा गया था।
- हाइड्रोजन के तीन समस्थानिक होते हैं — प्रोटियम, ड्यूटीरियम व ट्राइटियम।
क्विक रिवीजन टेबल
| तथ्य | उत्तर |
|---|---|
| इलेक्ट्रॉन का आवेश | ऋणात्मक |
| प्रोटॉन के खोजकर्ता | गोल्डस्टीन |
| न्यूट्रॉन के खोजकर्ता | जेम्स चैडविक |
| परमाणु क्रमांक दर्शाता है | प्रोटॉनों की संख्या |
| द्रव्यमान संख्या = ? | प्रोटॉन + न्यूट्रॉन |
| K कक्ष में अधिकतम इलेक्ट्रॉन | 2 |
| अवोगाद्रो संख्या | 6.022 × 10²³ |
